CSS 89अध्याय VII · Employees’ Compensation
धारा 89 · समझौतों का पंजीकरण।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) जहां मुआवजे के रूप में देय किसी एकमुश्त राशि का निर्धारण समझौते द्वारा किया गया हो, चाहे वह अर्धमासिक भुगतान के मोचन के माध्यम से हो या किसी अन्य तरीके से, या जहां किसी महिला या कानूनी रूप से अक्षम व्यक्ति को देय मुआवजे का निर्धारण किया गया हो, तो नियोक्ता द्वारा इसकी सूचना सक्षम प्राधिकारी को भेजी जाएगी, जो इसकी प्रामाणिकता से संतुष्ट होने पर, उपयुक्त सरकार द्वारा निर्धारित तरीके से इलेक्ट्रॉनिक रूप से या किसी अन्य तरीके से, ज्ञापन को एक रजिस्टर में दर्ज करेगा:
उसे उपलब्ध कराया-
(क) सक्षम प्राधिकारी द्वारा संबंधित पक्षों को नोटिस की सूचना दिए जाने के सात दिन बाद तक ऐसा कोई ज्ञापन दर्ज नहीं किया जाएगा;
(ख) सक्षम प्राधिकारी किसी भी समय रजिस्टर में संशोधन कर सकता है;
(ग) यदि सक्षम प्राधिकारी को यह प्रतीत होता है कि किसी महिला या कानूनी रूप से अक्षम व्यक्ति को एकमुश्त भुगतान के संबंध में, चाहे वह अर्धमासिक भुगतान के मोचन के रूप में हो या किसी अन्य रूप में, या देय मुआवजे की राशि के संबंध में, कोई समझौता राशि की अपर्याप्तता के कारण, या धोखाधड़ी, अनुचित प्रभाव या अन्य अनुचित साधनों द्वारा प्राप्त किए जाने के कारण पंजीकृत नहीं किया जाना चाहिए, तो सक्षम प्राधिकारी समझौते के ज्ञापन को दर्ज करने से इनकार कर सकता है और ऐसी स्थिति में सक्षम प्राधिकारी द्वारा उचित समझे जाने वाले आदेश दे सकता है, जिसमें समझौते के तहत पहले से भुगतान की गई किसी भी राशि के संबंध में आदेश भी शामिल हो सकता है।
(2) मुआवजे के भुगतान के लिए कोई समझौता, जो उप-धारा (1) के तहत पंजीकृत किया गया है, भारतीय अनुबंध अधिनियम, 1872 (1872 का 9) या उस समय लागू किसी अन्य कानून में निहित किसी भी बात के बावजूद इस संहिता के तहत लागू होगा।
(3) यदि किसी समझौते का ज्ञापन, जिसका पंजीकरण इस धारा के अधीन आवश्यक है, इस धारा के अनुसार सक्षम प्राधिकारी को नहीं भेजा जाता है, तो नियोक्ता इस अध्याय के प्रावधानों के अधीन देय पूर्ण मुआवजे की राशि का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी होगा, और धारा 76 की उपधारा (1) के परंतुक में किसी बात के होते हुए भी, सक्षम प्राधिकारी द्वारा अन्यथा निर्देश दिए जाने तक, कर्मचारी को समझौते के अंतर्गत या अन्यथा मुआवजे के रूप में भुगतान की गई किसी भी राशि के आधे से अधिक की कटौती करने का हकदार नहीं होगा।
उसे उपलब्ध कराया-
(क) सक्षम प्राधिकारी द्वारा संबंधित पक्षों को नोटिस की सूचना दिए जाने के सात दिन बाद तक ऐसा कोई ज्ञापन दर्ज नहीं किया जाएगा;
(ख) सक्षम प्राधिकारी किसी भी समय रजिस्टर में संशोधन कर सकता है;
(ग) यदि सक्षम प्राधिकारी को यह प्रतीत होता है कि किसी महिला या कानूनी रूप से अक्षम व्यक्ति को एकमुश्त भुगतान के संबंध में, चाहे वह अर्धमासिक भुगतान के मोचन के रूप में हो या किसी अन्य रूप में, या देय मुआवजे की राशि के संबंध में, कोई समझौता राशि की अपर्याप्तता के कारण, या धोखाधड़ी, अनुचित प्रभाव या अन्य अनुचित साधनों द्वारा प्राप्त किए जाने के कारण पंजीकृत नहीं किया जाना चाहिए, तो सक्षम प्राधिकारी समझौते के ज्ञापन को दर्ज करने से इनकार कर सकता है और ऐसी स्थिति में सक्षम प्राधिकारी द्वारा उचित समझे जाने वाले आदेश दे सकता है, जिसमें समझौते के तहत पहले से भुगतान की गई किसी भी राशि के संबंध में आदेश भी शामिल हो सकता है।
(2) मुआवजे के भुगतान के लिए कोई समझौता, जो उप-धारा (1) के तहत पंजीकृत किया गया है, भारतीय अनुबंध अधिनियम, 1872 (1872 का 9) या उस समय लागू किसी अन्य कानून में निहित किसी भी बात के बावजूद इस संहिता के तहत लागू होगा।
(3) यदि किसी समझौते का ज्ञापन, जिसका पंजीकरण इस धारा के अधीन आवश्यक है, इस धारा के अनुसार सक्षम प्राधिकारी को नहीं भेजा जाता है, तो नियोक्ता इस अध्याय के प्रावधानों के अधीन देय पूर्ण मुआवजे की राशि का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी होगा, और धारा 76 की उपधारा (1) के परंतुक में किसी बात के होते हुए भी, सक्षम प्राधिकारी द्वारा अन्यथा निर्देश दिए जाने तक, कर्मचारी को समझौते के अंतर्गत या अन्यथा मुआवजे के रूप में भुगतान की गई किसी भी राशि के आधे से अधिक की कटौती करने का हकदार नहीं होगा।
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