CSS 74अध्याय VII · Employees’ Compensation
धारा 74 · नियोक्ता की क्षतिपूर्ति के लिए देयता।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) यदि किसी कर्मचारी को उसके रोजगार के दौरान और उससे संबंधित दुर्घटना या तीसरी अनुसूची में सूचीबद्ध किसी व्यावसायिक बीमारी के कारण शारीरिक चोट लगती है, तो उसका नियोक्ता इस अध्याय के प्रावधानों के अनुसार मुआवजा देने के लिए उत्तरदायी होगा:
बशर्ते कि नियोक्ता इस प्रकार उत्तरदायी नहीं होगा—
(क) ऐसी चोट के संबंध में, जिसके परिणामस्वरूप कर्मचारी की पूर्ण या आंशिक अक्षमता तीन दिनों से अधिक की अवधि के लिए नहीं होती है; और
(ख) ऐसी चोट के संबंध में, जिसके परिणामस्वरूप मृत्यु या स्थायी पूर्ण विकलांगता नहीं होती है और जो किसी दुर्घटना के कारण हुई हो और जो प्रत्यक्ष रूप से निम्नलिखित के लिए जिम्मेदार हो—
(i) कर्मचारी उस समय शराब या मादक पदार्थों के प्रभाव में रहा हो, या
(ii) कर्मचारी द्वारा कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से स्पष्ट रूप से दिए गए आदेश या स्पष्ट रूप से बनाए गए नियम की जानबूझकर अवज्ञा करना, या
(iii) कर्मचारी द्वारा किसी सुरक्षा गार्ड या अन्य उपकरण को जानबूझकर हटाना या उसकी अवहेलना करना, जिसके बारे में वह जानता था कि उसे कर्मचारी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रदान किया गया था।
(2) उपधारा (1) में निर्दिष्ट दुर्घटना या व्यावसायिक रोग किसी कर्मचारी के रोजगार के दौरान और उसके कारण उत्पन्न हुआ माना जाएगा, भले ही वह दुर्घटना के समय या उस उपधारा में निर्दिष्ट व्यावसायिक रोग होने के समय अपने ऊपर लागू किसी कानून के प्रावधानों या अपने नियोक्ता द्वारा या उसकी ओर से दिए गए किसी आदेश का उल्लंघन कर रहा हो, या अपने नियोक्ता के निर्देशों के बिना कार्य कर रहा हो, यदि—
(क) ऐसी दुर्घटना या ऐसे व्यावसायिक रोग का होना तब भी घटित माना जाता यदि वह कार्य उपर्युक्त नियमों के उल्लंघन में या नियोक्ता के निर्देशों के बिना न किया गया होता; और
(ख) यह कार्य नियोक्ता के व्यापार या व्यवसाय के उद्देश्य से और उसके संबंध में किया जाता है।
(3) यदि द्वितीय अनुसूची में निर्दिष्ट किसी रोजगार में कार्यरत कोई कर्मचारी, किसी नियोक्ता की सेवा में रहते हुए, जिसके अधीन वह कम से कम छह माह की सतत अवधि से कार्यरत है, तृतीय अनुसूची में निर्दिष्ट किसी ऐसे व्यवसायिक रोग से ग्रसित हो जाता है जो उस रोजगार से संबंधित विशिष्ट रोग हो, तो ऐसा रोग इस धारा के अर्थ में दुर्घटना से हुई चोट माना जाएगा और जब तक इसके विपरीत सिद्ध न हो जाए, दुर्घटना को रोजगार के दौरान और रोजगार से उत्पन्न हुई माना जाएगा।
(4) किसी कर्मचारी को उसके निवास स्थान से कार्यस्थल पर कार्य के लिए आने-जाने के दौरान या कार्यस्थल से अपने निवास स्थान पर कार्य करने के बाद आने-जाने के दौरान होने वाली दुर्घटना को रोजगार के दौरान और रोजगार से उत्पन्न हुई माना जाएगा, यदि दुर्घटना की परिस्थितियों, समय और स्थान तथा उसके रोजगार के बीच संबंध स्थापित हो जाता है।
(5) केंद्र सरकार या राज्य सरकार, अधिसूचना द्वारा ऐसा करने के अपने इरादे की कम से कम तीन महीने की सूचना देने के बाद, इसी प्रकार की अधिसूचना द्वारा द्वितीय अनुसूची में निर्दिष्ट रोजगारों और तृतीय अनुसूची में निर्दिष्ट व्यावसायिक रोगों में किसी प्रकार के रोजगार को संशोधित या जोड़ सकती है, और इस प्रकार संशोधित या जोड़े गए रोजगारों के मामले में, उन रोगों को निर्दिष्ट करेगी जिन्हें इस धारा के प्रयोजनों के लिए उन रोजगारों के लिए विशिष्ट व्यावसायिक रोग माना जाएगा, और इसके बाद उप-धारा (2) के प्रावधान, केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचना के मामले में, उन क्षेत्रों के भीतर लागू होंगे जहां यह संहिता लागू होती है, या राज्य सरकार द्वारा अधिसूचना के मामले में, उस राज्य के भीतर लागू होंगे जैसे कि इस संहिता द्वारा ऐसे रोगों को उन रोजगारों के लिए विशिष्ट व्यावसायिक रोग घोषित किया गया हो।
(6) उपधारा (2), (3) और (4) में दिए गए प्रावधानों के अलावा, किसी कर्मचारी को किसी दुर्घटना या बीमारी के संबंध में कोई मुआवजा देय नहीं होगा, जब तक कि दुर्घटना या बीमारी सीधे तौर पर उसके रोजगार के दौरान और उसके कारण हुई किसी विशिष्ट दुर्घटना या बीमारी से संबंधित चोट के कारण न हो।
(7) इसमें निहित कोई भी बात किसी कर्मचारी को किसी दुर्घटना या बीमारी के संबंध में मुआवजे का कोई अधिकार प्रदान नहीं करेगी, यदि उसने किसी दुर्घटना या बीमारी के संबंध में नियोक्ता या किसी अन्य व्यक्ति के विरुद्ध दीवानी न्यायालय में क्षतिपूर्ति का मुकदमा दायर किया हो; और किसी कर्मचारी द्वारा ऐसी दुर्घटना या बीमारी के संबंध में किसी भी न्यायालय में क्षतिपूर्ति का कोई मुकदमा नहीं चलाया जा सकेगा।
(क) यदि उसने दुर्घटना या बीमारी के संबंध में किसी सक्षम प्राधिकारी के समक्ष मुआवजे का दावा प्रस्तुत किया हो; या
(ख) यदि कर्मचारी और उसके नियोक्ता के बीच इस अध्याय के प्रावधानों के अनुसार दुर्घटना या बीमारी के संबंध में मुआवजे के भुगतान का प्रावधान करने वाला कोई समझौता किया गया हो।
बशर्ते कि नियोक्ता इस प्रकार उत्तरदायी नहीं होगा—
(क) ऐसी चोट के संबंध में, जिसके परिणामस्वरूप कर्मचारी की पूर्ण या आंशिक अक्षमता तीन दिनों से अधिक की अवधि के लिए नहीं होती है; और
(ख) ऐसी चोट के संबंध में, जिसके परिणामस्वरूप मृत्यु या स्थायी पूर्ण विकलांगता नहीं होती है और जो किसी दुर्घटना के कारण हुई हो और जो प्रत्यक्ष रूप से निम्नलिखित के लिए जिम्मेदार हो—
(i) कर्मचारी उस समय शराब या मादक पदार्थों के प्रभाव में रहा हो, या
(ii) कर्मचारी द्वारा कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से स्पष्ट रूप से दिए गए आदेश या स्पष्ट रूप से बनाए गए नियम की जानबूझकर अवज्ञा करना, या
(iii) कर्मचारी द्वारा किसी सुरक्षा गार्ड या अन्य उपकरण को जानबूझकर हटाना या उसकी अवहेलना करना, जिसके बारे में वह जानता था कि उसे कर्मचारी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रदान किया गया था।
(2) उपधारा (1) में निर्दिष्ट दुर्घटना या व्यावसायिक रोग किसी कर्मचारी के रोजगार के दौरान और उसके कारण उत्पन्न हुआ माना जाएगा, भले ही वह दुर्घटना के समय या उस उपधारा में निर्दिष्ट व्यावसायिक रोग होने के समय अपने ऊपर लागू किसी कानून के प्रावधानों या अपने नियोक्ता द्वारा या उसकी ओर से दिए गए किसी आदेश का उल्लंघन कर रहा हो, या अपने नियोक्ता के निर्देशों के बिना कार्य कर रहा हो, यदि—
(क) ऐसी दुर्घटना या ऐसे व्यावसायिक रोग का होना तब भी घटित माना जाता यदि वह कार्य उपर्युक्त नियमों के उल्लंघन में या नियोक्ता के निर्देशों के बिना न किया गया होता; और
(ख) यह कार्य नियोक्ता के व्यापार या व्यवसाय के उद्देश्य से और उसके संबंध में किया जाता है।
(3) यदि द्वितीय अनुसूची में निर्दिष्ट किसी रोजगार में कार्यरत कोई कर्मचारी, किसी नियोक्ता की सेवा में रहते हुए, जिसके अधीन वह कम से कम छह माह की सतत अवधि से कार्यरत है, तृतीय अनुसूची में निर्दिष्ट किसी ऐसे व्यवसायिक रोग से ग्रसित हो जाता है जो उस रोजगार से संबंधित विशिष्ट रोग हो, तो ऐसा रोग इस धारा के अर्थ में दुर्घटना से हुई चोट माना जाएगा और जब तक इसके विपरीत सिद्ध न हो जाए, दुर्घटना को रोजगार के दौरान और रोजगार से उत्पन्न हुई माना जाएगा।
(4) किसी कर्मचारी को उसके निवास स्थान से कार्यस्थल पर कार्य के लिए आने-जाने के दौरान या कार्यस्थल से अपने निवास स्थान पर कार्य करने के बाद आने-जाने के दौरान होने वाली दुर्घटना को रोजगार के दौरान और रोजगार से उत्पन्न हुई माना जाएगा, यदि दुर्घटना की परिस्थितियों, समय और स्थान तथा उसके रोजगार के बीच संबंध स्थापित हो जाता है।
(5) केंद्र सरकार या राज्य सरकार, अधिसूचना द्वारा ऐसा करने के अपने इरादे की कम से कम तीन महीने की सूचना देने के बाद, इसी प्रकार की अधिसूचना द्वारा द्वितीय अनुसूची में निर्दिष्ट रोजगारों और तृतीय अनुसूची में निर्दिष्ट व्यावसायिक रोगों में किसी प्रकार के रोजगार को संशोधित या जोड़ सकती है, और इस प्रकार संशोधित या जोड़े गए रोजगारों के मामले में, उन रोगों को निर्दिष्ट करेगी जिन्हें इस धारा के प्रयोजनों के लिए उन रोजगारों के लिए विशिष्ट व्यावसायिक रोग माना जाएगा, और इसके बाद उप-धारा (2) के प्रावधान, केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचना के मामले में, उन क्षेत्रों के भीतर लागू होंगे जहां यह संहिता लागू होती है, या राज्य सरकार द्वारा अधिसूचना के मामले में, उस राज्य के भीतर लागू होंगे जैसे कि इस संहिता द्वारा ऐसे रोगों को उन रोजगारों के लिए विशिष्ट व्यावसायिक रोग घोषित किया गया हो।
(6) उपधारा (2), (3) और (4) में दिए गए प्रावधानों के अलावा, किसी कर्मचारी को किसी दुर्घटना या बीमारी के संबंध में कोई मुआवजा देय नहीं होगा, जब तक कि दुर्घटना या बीमारी सीधे तौर पर उसके रोजगार के दौरान और उसके कारण हुई किसी विशिष्ट दुर्घटना या बीमारी से संबंधित चोट के कारण न हो।
(7) इसमें निहित कोई भी बात किसी कर्मचारी को किसी दुर्घटना या बीमारी के संबंध में मुआवजे का कोई अधिकार प्रदान नहीं करेगी, यदि उसने किसी दुर्घटना या बीमारी के संबंध में नियोक्ता या किसी अन्य व्यक्ति के विरुद्ध दीवानी न्यायालय में क्षतिपूर्ति का मुकदमा दायर किया हो; और किसी कर्मचारी द्वारा ऐसी दुर्घटना या बीमारी के संबंध में किसी भी न्यायालय में क्षतिपूर्ति का कोई मुकदमा नहीं चलाया जा सकेगा।
(क) यदि उसने दुर्घटना या बीमारी के संबंध में किसी सक्षम प्राधिकारी के समक्ष मुआवजे का दावा प्रस्तुत किया हो; या
(ख) यदि कर्मचारी और उसके नियोक्ता के बीच इस अध्याय के प्रावधानों के अनुसार दुर्घटना या बीमारी के संबंध में मुआवजे के भुगतान का प्रावधान करने वाला कोई समझौता किया गया हो।
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