CSS 85अध्याय VII · Employees’ Compensation
धारा 85 · ठेका देना।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) जहाँ कोई नियोक्ता अपने व्यापार या व्यवसाय के दौरान या उसके प्रयोजनों के लिए किसी ठेकेदार से किसी ऐसे कार्य के पूरे या किसी भाग के निष्पादन के लिए अनुबंध करता है जो सामान्यतः नियोक्ता के व्यापार या व्यवसाय का हिस्सा होता है, तो नियोक्ता कार्य के निष्पादन में नियोजित किसी भी कर्मचारी को वह मुआवजा देने के लिए उत्तरदायी होगा, जो वह उस कर्मचारी को देने के लिए उत्तरदायी होता यदि वह कर्मचारी सीधे उसके द्वारा नियोजित होता; और मुआवजे की राशि की गणना उस नियोक्ता के अधीन कर्मचारी के वेतन के संदर्भ में की जाएगी जिसके द्वारा वह सीधे नियोजित है।
(2) जहाँ नियोक्ता इस धारा के अधीन मुआवज़ा देने के लिए उत्तरदायी है, वहाँ वह ठेकेदार या किसी अन्य व्यक्ति से, जिससे कर्मचारी मुआवज़ा वसूल कर सकता था, क्षतिपूर्ति पाने का हकदार होगा। और जहाँ कोई ठेकेदार, जो स्वयं नियोक्ता है, इस धारा के अधीन मुआवज़ा देने या नियोक्ता को क्षतिपूर्ति करने के लिए उत्तरदायी है, वहाँ वह ठेकेदार के संबंध में खड़े किसी भी व्यक्ति से, जिससे कर्मचारी मुआवज़ा वसूल कर सकता था, क्षतिपूर्ति पाने का हकदार होगा। और ऐसी किसी भी क्षतिपूर्ति के अधिकार और राशि से संबंधित सभी प्रश्न, समझौते के अभाव में, सक्षम प्राधिकारी द्वारा तय किए जाएँगे।
(3) इस धारा में ऐसा कुछ नहीं कहा जाएगा जिससे कर्मचारी को नियोक्ता के बजाय ठेकेदार से उपधारा (2) में निर्दिष्ट मुआवजे की वसूली करने से रोका जा सके।
(4) इस धारा के प्रावधान किसी भी ऐसे मामले में लागू नहीं होंगे जहां दुर्घटना उस परिसर के अलावा कहीं और हुई हो जिस पर नियोक्ता ने काम करने का जिम्मा लिया है या आमतौर पर लेता है, जैसा भी मामला हो, या जो अन्यथा उसके नियंत्रण या प्रबंधन के अधीन है।
(2) जहाँ नियोक्ता इस धारा के अधीन मुआवज़ा देने के लिए उत्तरदायी है, वहाँ वह ठेकेदार या किसी अन्य व्यक्ति से, जिससे कर्मचारी मुआवज़ा वसूल कर सकता था, क्षतिपूर्ति पाने का हकदार होगा। और जहाँ कोई ठेकेदार, जो स्वयं नियोक्ता है, इस धारा के अधीन मुआवज़ा देने या नियोक्ता को क्षतिपूर्ति करने के लिए उत्तरदायी है, वहाँ वह ठेकेदार के संबंध में खड़े किसी भी व्यक्ति से, जिससे कर्मचारी मुआवज़ा वसूल कर सकता था, क्षतिपूर्ति पाने का हकदार होगा। और ऐसी किसी भी क्षतिपूर्ति के अधिकार और राशि से संबंधित सभी प्रश्न, समझौते के अभाव में, सक्षम प्राधिकारी द्वारा तय किए जाएँगे।
(3) इस धारा में ऐसा कुछ नहीं कहा जाएगा जिससे कर्मचारी को नियोक्ता के बजाय ठेकेदार से उपधारा (2) में निर्दिष्ट मुआवजे की वसूली करने से रोका जा सके।
(4) इस धारा के प्रावधान किसी भी ऐसे मामले में लागू नहीं होंगे जहां दुर्घटना उस परिसर के अलावा कहीं और हुई हो जिस पर नियोक्ता ने काम करने का जिम्मा लिया है या आमतौर पर लेता है, जैसा भी मामला हो, या जो अन्यथा उसके नियंत्रण या प्रबंधन के अधीन है।
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