CSS 2(88)अध्याय I · Preliminary
धारा 2(88) · धारा- 2.(88)
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
"मजदूरी" से धन के रूप में अभिव्यक्त हो या इस प्रकार अभिव्यक्त हो सकने वाला वह समस्त पारिश्रमिक, चाहे वह वेतन या भत्तों के रूप में हो या अन्यथा, अभिप्रेत है, जो किसी नियोजित व्यक्ति को, यदि नियोजन के अभिव्यक्त या विवक्षित निबंधनों की पूर्ति हो गई होती तो, उसके नियोजन की बाबत या ऐसे नियोजन में किए गए कार्य की बाबत उसे संदेय होता, और इसके अंतर्गत निम्नलिखित है, -
(क) मूल वेतन ;
(ख) महंगाई भत्ता ;
(ग) प्रतिधारण भत्ता, यदि कोई हो,
किंतु इसके अंतर्गत निम्नलिखित नहीं आते हैं-
(क) तत्समय प्रवृत्त किसी विधि के अधीन संदेय कोई बोनस, जो नियोजन के निबंधनों के अधीन संदेय पारिश्रमिक का भाग नहीं है;
(ख) किसी गृहवास सुविधा का या रोशनी, जल, चिकित्सीय परिचर्या या अन्य सुख-सुविधा के प्रदाय का या समुचित सरकार के साधारण या विशेष आदेश द्वारा मजदूरी की संगणना से अपवर्जित किसी सेवा का मूल्य;
(ग) किसी पेंशन या भविष्य निधि में नियोजक द्वारा संदत्त कोई अभिदाय और ब्याज जो उस पर प्रोद्भूत हुआ हो;
(घ) कोई वाहन भत्ता या किसी यात्रा रियायत का मूल्य;
(ङ) किसी नियोजित व्यक्ति को उसके नियोजन की प्रकृति द्वारा उस पर विशेष व्यय को चुकाने के लिए संदत्त कोई राशि;
(च) मकान किराए पर देना;
(छ) पक्षकारों के बीच किसी अधिनिर्णय या समझौता या किसी न्यायालय या अधिकरण के आदेश के अधीन संदेय पारिश्रमिक ;
(ज) कोई अतिकाल भत्ता ;
(झ) कर्मचारी को संदेय कोई कमीशन;
(ञ) नियोजन के पर्यवसान पर संदेय कोई भी उपदान; या
(ट) कर्मचारी को संदेय कोई छंटनी प्रतिकर या अन्य सेवानिवृत्ति फायदा या नियोजन के पर्यवसान पर तत्समय प्रवृत्त किसी विधि के अधीन उसे किया गया कोई
अनुगृहपूर्वक संदाय :
परंतु इस खंड के अधीन मजदूरी की संगणना करने के लिए, यदि नियोजक द्वारा कर्मचारी को उपखंड (क) से (झ) के अधीन किए गए संदाय इस खंड के अधीन संगणित समस्त पारिश्रमिक के आधे या ऐसा प्रतिशत, जो केंद्रीय सरकार द्वारा अधिसूचित किया जाए, से अधिक होता है तो ऐसी रकम, जो ऐसी आधी रकम या इस प्रकार अधिसूचित प्रतिशत से अधिक होती है, को पारिश्रमिक समझा जाएगा और तद्नुसार उसे इस खंड के अधीन मजदूरी में जोड़ा जाएगा :
परंतु यह और कि सभी स्त्री-पुरुषों के लिए समान मजदूरी के प्रयोजन के लिए और मजदूरी के संदाय के प्रयोजन के लिए उपखंड (घ), उपखंड (च), उपखंड (छ) और उपखंड (ज) में विनिर्दिष्ट परिलब्धियों को मजदूरी की संगणना के लिए लिया जाएगा।
स्पष्टीकरण-जहां किसी कर्मचारी को उसे संदेय संपूर्ण या भाग मजदूरी के बदले में कोई पारिश्रमिक उसके नियोजक द्वारा पूर्णतः या भागतः वस्तु के रूप में दिया जाता है, तो वस्तु के रूप में ऐसे पारिश्रमिक का मूल्य, जो उसको संदेय कुल मजदूरी के पन्द्रह प्रतिशत से अधिक नहीं होता है, को ऐसे कर्मचारी की मजदूरी का एक भाग समझा जाएगा ।
(क) मूल वेतन ;
(ख) महंगाई भत्ता ;
(ग) प्रतिधारण भत्ता, यदि कोई हो,
किंतु इसके अंतर्गत निम्नलिखित नहीं आते हैं-
(क) तत्समय प्रवृत्त किसी विधि के अधीन संदेय कोई बोनस, जो नियोजन के निबंधनों के अधीन संदेय पारिश्रमिक का भाग नहीं है;
(ख) किसी गृहवास सुविधा का या रोशनी, जल, चिकित्सीय परिचर्या या अन्य सुख-सुविधा के प्रदाय का या समुचित सरकार के साधारण या विशेष आदेश द्वारा मजदूरी की संगणना से अपवर्जित किसी सेवा का मूल्य;
(ग) किसी पेंशन या भविष्य निधि में नियोजक द्वारा संदत्त कोई अभिदाय और ब्याज जो उस पर प्रोद्भूत हुआ हो;
(घ) कोई वाहन भत्ता या किसी यात्रा रियायत का मूल्य;
(ङ) किसी नियोजित व्यक्ति को उसके नियोजन की प्रकृति द्वारा उस पर विशेष व्यय को चुकाने के लिए संदत्त कोई राशि;
(च) मकान किराए पर देना;
(छ) पक्षकारों के बीच किसी अधिनिर्णय या समझौता या किसी न्यायालय या अधिकरण के आदेश के अधीन संदेय पारिश्रमिक ;
(ज) कोई अतिकाल भत्ता ;
(झ) कर्मचारी को संदेय कोई कमीशन;
(ञ) नियोजन के पर्यवसान पर संदेय कोई भी उपदान; या
(ट) कर्मचारी को संदेय कोई छंटनी प्रतिकर या अन्य सेवानिवृत्ति फायदा या नियोजन के पर्यवसान पर तत्समय प्रवृत्त किसी विधि के अधीन उसे किया गया कोई
अनुगृहपूर्वक संदाय :
परंतु इस खंड के अधीन मजदूरी की संगणना करने के लिए, यदि नियोजक द्वारा कर्मचारी को उपखंड (क) से (झ) के अधीन किए गए संदाय इस खंड के अधीन संगणित समस्त पारिश्रमिक के आधे या ऐसा प्रतिशत, जो केंद्रीय सरकार द्वारा अधिसूचित किया जाए, से अधिक होता है तो ऐसी रकम, जो ऐसी आधी रकम या इस प्रकार अधिसूचित प्रतिशत से अधिक होती है, को पारिश्रमिक समझा जाएगा और तद्नुसार उसे इस खंड के अधीन मजदूरी में जोड़ा जाएगा :
परंतु यह और कि सभी स्त्री-पुरुषों के लिए समान मजदूरी के प्रयोजन के लिए और मजदूरी के संदाय के प्रयोजन के लिए उपखंड (घ), उपखंड (च), उपखंड (छ) और उपखंड (ज) में विनिर्दिष्ट परिलब्धियों को मजदूरी की संगणना के लिए लिया जाएगा।
स्पष्टीकरण-जहां किसी कर्मचारी को उसे संदेय संपूर्ण या भाग मजदूरी के बदले में कोई पारिश्रमिक उसके नियोजक द्वारा पूर्णतः या भागतः वस्तु के रूप में दिया जाता है, तो वस्तु के रूप में ऐसे पारिश्रमिक का मूल्य, जो उसको संदेय कुल मजदूरी के पन्द्रह प्रतिशत से अधिक नहीं होता है, को ऐसे कर्मचारी की मजदूरी का एक भाग समझा जाएगा ।
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