CSS 7अध्याय II · Social Security Organisations
धारा 7 · राज्य भवन निर्माण श्रमिकों के कल्याण बोर्डों का गठन।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) प्रत्येक राज्य सरकार, अधिसूचना द्वारा, ऐसी तिथि से प्रभावी होकर, एक बोर्ड का गठन करेगी जिसे ................(राज्य का नाम) भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड के नाम से जाना जाएगा, जो इस धारा एवं अध्याय VIII के अधीन उसे प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करेगा और उसे सौंपे गए कार्यों का निष्पादन करेगा।
(2) भवन श्रमिक कल्याण बोर्ड उपर्युक्त नाम से निगमित निकाय होगा, जिसका शाश्वत उत्तराधिकार और एक सामान्य मुहर होगी और उक्त नाम से मुकदमा करेगा और उस पर मुकदमा किया जाएगा।
(3) भवन श्रमिक कल्याण बोर्ड में राज्य सरकार द्वारा मनोनीत एक अध्यक्ष, केंद्र सरकार द्वारा मनोनीत एक सदस्य और राज्य सरकार द्वारा नियुक्त किए जाने वाले पंद्रह से अधिक अन्य सदस्य नहीं होंगे।
बशर्ते कि भवन निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड में राज्य सरकार, नियोक्ताओं और भवन निर्माण श्रमिकों का प्रतिनिधित्व करने वाले सदस्यों की संख्या बराबर होगी और बोर्ड का कम से कम एक सदस्य महिला होगी।
(4) भवन श्रमिक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष और अन्य सदस्यों की नियुक्ति की शर्तें और वेतन तथा अन्य भत्ते तथा भवन श्रमिक कल्याण बोर्ड के सदस्यों की आकस्मिक रिक्तियों को भरने का तरीका ऐसा होगा जैसा राज्य सरकार द्वारा निर्धारित किया जाए।
(5) (क) भवन श्रमिक कल्याण बोर्ड एक सचिव और ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों की नियुक्ति करेगा जिन्हें वह इस संहिता के अधीन अपने कार्यों के कुशल निर्वहन के लिए आवश्यक समझता है।
(ख) भवन निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड का सचिव उसका मुख्य कार्यकारी अधिकारी होगा।
(ग) भवन श्रमिक कल्याण बोर्ड के सचिव और अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों की नियुक्ति की शर्तें एवं वेतन एवं भत्ते ऐसे होंगे जो राज्य सरकार द्वारा निर्धारित किए जाएँगे।
(6) भवन निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड निम्नलिखित कार्यों का निष्पादन करेगा, अर्थात्:—
(क) लाभार्थी या उसके आश्रितों को मृत्यु एवं विकलांगता लाभ प्रदान करना;
(ख) साठ वर्ष की आयु पूरी कर चुके लाभार्थियों को पेंशन का भुगतान करना;
(ग) लाभार्थियों की समूह बीमा योजना के प्रीमियम के संबंध में ऐसी राशि का भुगतान करना, जैसा कि उपयुक्त सरकार द्वारा निर्धारित किया जाए;
(घ) लाभार्थियों के बच्चों के लाभ के लिए उपयुक्त सरकार द्वारा निर्धारित शैक्षिक योजनाएँ तैयार करना;
(ई) लाभार्थी या ऐसे आश्रित की गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए ऐसे चिकित्सा व्यय को पूरा करना, जैसा कि उपयुक्त सरकार द्वारा निर्धारित किया जा सकता है;
(f) लाभार्थियों को मातृत्व लाभ का भुगतान करना;
(जी) लाभार्थियों के लिए कौशल विकास और जागरूकता योजनाएं तैयार करना;
(h) लाभार्थियों को पारगमन आवास या छात्रावास सुविधा प्रदान करना;
(i) राज्य सरकार द्वारा केंद्र सरकार के साथ मिलकर भवन निर्माण श्रमिकों के लाभार्थियों के लिए किसी अन्य कल्याणकारी योजना का निर्माण; और
(j) केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित अन्य कल्याणकारी उपायों और सुविधाओं का प्रावधान और सुधार करना।
(7) राज्य सरकार अधिसूचना द्वारा, उसमें निर्दिष्ट तिथि से एक या एक से अधिक सलाहकार समिति का गठन कर सकती है, जो राज्य सरकार को इस संहिता के प्रशासन से संबंधित भवन श्रमिकों से जुड़े मामलों और ऐसे अन्य मामलों पर सलाह देगी, जिन्हें राज्य सरकार सलाह के लिए उसे सौंप सकती है।
(2) भवन श्रमिक कल्याण बोर्ड उपर्युक्त नाम से निगमित निकाय होगा, जिसका शाश्वत उत्तराधिकार और एक सामान्य मुहर होगी और उक्त नाम से मुकदमा करेगा और उस पर मुकदमा किया जाएगा।
(3) भवन श्रमिक कल्याण बोर्ड में राज्य सरकार द्वारा मनोनीत एक अध्यक्ष, केंद्र सरकार द्वारा मनोनीत एक सदस्य और राज्य सरकार द्वारा नियुक्त किए जाने वाले पंद्रह से अधिक अन्य सदस्य नहीं होंगे।
बशर्ते कि भवन निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड में राज्य सरकार, नियोक्ताओं और भवन निर्माण श्रमिकों का प्रतिनिधित्व करने वाले सदस्यों की संख्या बराबर होगी और बोर्ड का कम से कम एक सदस्य महिला होगी।
(4) भवन श्रमिक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष और अन्य सदस्यों की नियुक्ति की शर्तें और वेतन तथा अन्य भत्ते तथा भवन श्रमिक कल्याण बोर्ड के सदस्यों की आकस्मिक रिक्तियों को भरने का तरीका ऐसा होगा जैसा राज्य सरकार द्वारा निर्धारित किया जाए।
(5) (क) भवन श्रमिक कल्याण बोर्ड एक सचिव और ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों की नियुक्ति करेगा जिन्हें वह इस संहिता के अधीन अपने कार्यों के कुशल निर्वहन के लिए आवश्यक समझता है।
(ख) भवन निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड का सचिव उसका मुख्य कार्यकारी अधिकारी होगा।
(ग) भवन श्रमिक कल्याण बोर्ड के सचिव और अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों की नियुक्ति की शर्तें एवं वेतन एवं भत्ते ऐसे होंगे जो राज्य सरकार द्वारा निर्धारित किए जाएँगे।
(6) भवन निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड निम्नलिखित कार्यों का निष्पादन करेगा, अर्थात्:—
(क) लाभार्थी या उसके आश्रितों को मृत्यु एवं विकलांगता लाभ प्रदान करना;
(ख) साठ वर्ष की आयु पूरी कर चुके लाभार्थियों को पेंशन का भुगतान करना;
(ग) लाभार्थियों की समूह बीमा योजना के प्रीमियम के संबंध में ऐसी राशि का भुगतान करना, जैसा कि उपयुक्त सरकार द्वारा निर्धारित किया जाए;
(घ) लाभार्थियों के बच्चों के लाभ के लिए उपयुक्त सरकार द्वारा निर्धारित शैक्षिक योजनाएँ तैयार करना;
(ई) लाभार्थी या ऐसे आश्रित की गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए ऐसे चिकित्सा व्यय को पूरा करना, जैसा कि उपयुक्त सरकार द्वारा निर्धारित किया जा सकता है;
(f) लाभार्थियों को मातृत्व लाभ का भुगतान करना;
(जी) लाभार्थियों के लिए कौशल विकास और जागरूकता योजनाएं तैयार करना;
(h) लाभार्थियों को पारगमन आवास या छात्रावास सुविधा प्रदान करना;
(i) राज्य सरकार द्वारा केंद्र सरकार के साथ मिलकर भवन निर्माण श्रमिकों के लाभार्थियों के लिए किसी अन्य कल्याणकारी योजना का निर्माण; और
(j) केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित अन्य कल्याणकारी उपायों और सुविधाओं का प्रावधान और सुधार करना।
(7) राज्य सरकार अधिसूचना द्वारा, उसमें निर्दिष्ट तिथि से एक या एक से अधिक सलाहकार समिति का गठन कर सकती है, जो राज्य सरकार को इस संहिता के प्रशासन से संबंधित भवन श्रमिकों से जुड़े मामलों और ऐसे अन्य मामलों पर सलाह देगी, जिन्हें राज्य सरकार सलाह के लिए उसे सौंप सकती है।
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