CSS 317अध्याय XIV · Miscellaneous
धारा 317 · भाग क
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
1. वे कर्मचारी या कर्मचारियों के वर्ग, जो निधि में सम्मिलित किए जाएंगे, तथा वे शर्तें, जिनके अधीन कर्मचारियों को निधि में सम्मिलित होने से या उसमें कोई अभिदाय करने से छूट दी जा सकेगी।
2. वह समय और रीति, जिसमें निधि में अभिदाय नियोजकों द्वारा तथा कर्मचारियों द्वारा या उनकी ओर से (चाहे वे उनके द्वारा सीधे नियोजित हों या किसी ठेकेदार के माध्यम से) किए जाएंगे, वे अभिदाय, जो कोई कर्मचारी धारा 16 के अधीन, यदि वह ऐसा चाहे, कर सकेगा, तथा वह रीति, जिसमें ऐसे अभिदाय वसूल किए जा सकेंगे।
3. वह रीति, जिसमें ठेकेदारों द्वारा नियोजित कर्मचारियों से या ऐसे ठेकेदारों के माध्यम से कर्मचारी-अभिदाय वसूल किए जा सकेंगे।
4. नियोजक द्वारा ऐसी राशियों का संदाय, जो निधि के प्रशासन की लागत को पूरा करने के लिए आवश्यक हों, तथा वह दर, जिस पर और वह रीति, जिसमें ऐसे संदाय किए जाएंगे।
5. न्यासी बोर्ड की सहायता के लिए किसी समिति का गठन।
6. न्यासी बोर्ड के प्रादेशिक और अन्य कार्यालयों का खोला जाना।
7. वह रीति, जिसमें लेखे रखे जाएंगे, निधि की धनराशियों का विनिधान, बजट की तैयारी, संपरीक्षित लेखे तथा केंद्रीय सरकार या किसी विनिर्दिष्ट राज्य सरकार को रिपोर्टों का प्रस्तुत किया जाना, जो केंद्रीय सरकार द्वारा जारी किए गए किन्हीं निदेशों या विनिर्दिष्ट शर्तों के अनुसार होगा।
8. वे शर्तें, जिनके अधीन निधि में से आहरण की अनुज्ञा दी जा सकेगी, तथा वे कटौतियां या समपहरण, जो किए जा सकेंगे, और ऐसी कटौतियों या समपहरणों की अधिकतम रकम।
9. सदस्यों को संदेय ब्याज की वह दर, जो केंद्रीय सरकार द्वारा संबंधित न्यासी बोर्ड के परामर्श से नियत की जाएगी।
10. वह प्ररूप, जिसमें कोई कर्मचारी, जब कभी अपेक्षित हो, अपने बारे में और अपने कुटुंब के बारे में विशिष्टियां देगा।
11. किसी सदस्य की मृत्यु के पश्चात् उसके नाम जमा रकम प्राप्त करने के लिए किसी व्यक्ति का नामनिर्देशन तथा ऐसे नामनिर्देशन का रद्दकरण या उपांतरण।
12. कर्मचारियों की बाबत रखे जाने वाले रजिस्टर और अभिलेख तथा नियोजकों या ठेकेदारों द्वारा प्रस्तुत की जाने वाली विवरणियां।
13. किसी कर्मचारी की पहचान के प्रयोजन के लिए किसी पहचान-पत्र, टोकन या डिस्क का प्ररूप और अभिकल्प तथा उसके जारी किए जाने, अभिरक्षा और विनिमय के लिए प्ररूप और अभिकल्प।
14. इस अनुसूची में विनिर्दिष्ट प्रयोजनों में से किसी के लिए उद्गृहीत की जाने वाली फीस।
15. धारा 135 के अधीन दंडनीय उल्लंघन या व्यतिक्रम।
16. वे अतिरिक्त शक्तियां, यदि कोई हों, जिनका प्रयोग निरीक्षक-सह-सुविधाप्रदाता द्वारा किया जा सकेगा।
17. वह रीति, जिसमें किसी विद्यमान भविष्य निधि में की संचित राशियां निधि को अंतरित की जाएंगी, तथा इस निमित्त नियोजकों द्वारा अंतरित की जाने वाली किन्हीं आस्तियों के मूल्यांकन की रीति।
18. वे शर्तें, जिनके अधीन जीवन बीमा के प्रीमियम निधि में से संदत्त किए जाने की अनुज्ञा दी जा सकेगी।
19. कोई अन्य विषय, जिसके लिए स्कीम में उपबंध किया जा सकेगा या जो स्कीम के कार्यान्वयन के प्रयोजन के लिए आवश्यक या समुचित हो।
2. वह समय और रीति, जिसमें निधि में अभिदाय नियोजकों द्वारा तथा कर्मचारियों द्वारा या उनकी ओर से (चाहे वे उनके द्वारा सीधे नियोजित हों या किसी ठेकेदार के माध्यम से) किए जाएंगे, वे अभिदाय, जो कोई कर्मचारी धारा 16 के अधीन, यदि वह ऐसा चाहे, कर सकेगा, तथा वह रीति, जिसमें ऐसे अभिदाय वसूल किए जा सकेंगे।
3. वह रीति, जिसमें ठेकेदारों द्वारा नियोजित कर्मचारियों से या ऐसे ठेकेदारों के माध्यम से कर्मचारी-अभिदाय वसूल किए जा सकेंगे।
4. नियोजक द्वारा ऐसी राशियों का संदाय, जो निधि के प्रशासन की लागत को पूरा करने के लिए आवश्यक हों, तथा वह दर, जिस पर और वह रीति, जिसमें ऐसे संदाय किए जाएंगे।
5. न्यासी बोर्ड की सहायता के लिए किसी समिति का गठन।
6. न्यासी बोर्ड के प्रादेशिक और अन्य कार्यालयों का खोला जाना।
7. वह रीति, जिसमें लेखे रखे जाएंगे, निधि की धनराशियों का विनिधान, बजट की तैयारी, संपरीक्षित लेखे तथा केंद्रीय सरकार या किसी विनिर्दिष्ट राज्य सरकार को रिपोर्टों का प्रस्तुत किया जाना, जो केंद्रीय सरकार द्वारा जारी किए गए किन्हीं निदेशों या विनिर्दिष्ट शर्तों के अनुसार होगा।
8. वे शर्तें, जिनके अधीन निधि में से आहरण की अनुज्ञा दी जा सकेगी, तथा वे कटौतियां या समपहरण, जो किए जा सकेंगे, और ऐसी कटौतियों या समपहरणों की अधिकतम रकम।
9. सदस्यों को संदेय ब्याज की वह दर, जो केंद्रीय सरकार द्वारा संबंधित न्यासी बोर्ड के परामर्श से नियत की जाएगी।
10. वह प्ररूप, जिसमें कोई कर्मचारी, जब कभी अपेक्षित हो, अपने बारे में और अपने कुटुंब के बारे में विशिष्टियां देगा।
11. किसी सदस्य की मृत्यु के पश्चात् उसके नाम जमा रकम प्राप्त करने के लिए किसी व्यक्ति का नामनिर्देशन तथा ऐसे नामनिर्देशन का रद्दकरण या उपांतरण।
12. कर्मचारियों की बाबत रखे जाने वाले रजिस्टर और अभिलेख तथा नियोजकों या ठेकेदारों द्वारा प्रस्तुत की जाने वाली विवरणियां।
13. किसी कर्मचारी की पहचान के प्रयोजन के लिए किसी पहचान-पत्र, टोकन या डिस्क का प्ररूप और अभिकल्प तथा उसके जारी किए जाने, अभिरक्षा और विनिमय के लिए प्ररूप और अभिकल्प।
14. इस अनुसूची में विनिर्दिष्ट प्रयोजनों में से किसी के लिए उद्गृहीत की जाने वाली फीस।
15. धारा 135 के अधीन दंडनीय उल्लंघन या व्यतिक्रम।
16. वे अतिरिक्त शक्तियां, यदि कोई हों, जिनका प्रयोग निरीक्षक-सह-सुविधाप्रदाता द्वारा किया जा सकेगा।
17. वह रीति, जिसमें किसी विद्यमान भविष्य निधि में की संचित राशियां निधि को अंतरित की जाएंगी, तथा इस निमित्त नियोजकों द्वारा अंतरित की जाने वाली किन्हीं आस्तियों के मूल्यांकन की रीति।
18. वे शर्तें, जिनके अधीन जीवन बीमा के प्रीमियम निधि में से संदत्त किए जाने की अनुज्ञा दी जा सकेगी।
19. कोई अन्य विषय, जिसके लिए स्कीम में उपबंध किया जा सकेगा या जो स्कीम के कार्यान्वयन के प्रयोजन के लिए आवश्यक या समुचित हो।
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