CSS 11अध्याय II · Social Security Organisations
धारा 11 · निगम, केंद्रीय बोर्ड, राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड या राज्य असंगठित श्रमिक बोर्ड या भवन निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड का अधिस्थापन?
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(1) यदि केंद्रीय बोर्ड, निगम या राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड के मामले में केंद्र सरकार और राज्य असंगठित श्रमिक बोर्ड या भवन श्रमिक कल्याण बोर्ड के मामले में राज्य सरकार की यह राय हो कि निगम या केंद्रीय बोर्ड या राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड या राज्य असंगठित श्रमिक बोर्ड या भवन श्रमिक कल्याण बोर्ड या उसकी कोई समिति, जैसा भी मामला हो, अपने कार्यों का निष्पादन करने में असमर्थ है, या अपने कार्यों के निर्वहन में लगातार देरी कर रही है या अपनी शक्तियों या अधिकार क्षेत्र का अतिक्रमण या दुरुपयोग कर रही है, तो ऐसी सरकार अधिसूचना द्वारा निगम या केंद्रीय बोर्ड या राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड या राज्य असंगठित श्रमिक बोर्ड या भवन श्रमिक कल्याण बोर्ड या उसकी किसी समिति को, जैसा भी मामला हो, निरस्त कर सकती है और केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित तरीके से उसका पुनर्गठन कर सकती है।
बशर्ते कि, इस उपधारा के अंतर्गत निर्दिष्ट किसी भी आधार पर अधिसूचना जारी करने से पहले, ऐसी सरकार निगम या केंद्रीय बोर्ड या राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड या राज्य असंगठित श्रमिक बोर्ड या भवन श्रमिक कल्याण बोर्ड या उसकी किसी समिति को, जैसा भी मामला हो, यह कारण बताने का अवसर देगी कि उसे निरस्त क्यों नहीं किया जाना चाहिए और उसके द्वारा उठाए गए स्पष्टीकरणों और आपत्तियों पर विचार करेगी तथा उस पर उचित कार्रवाई करेगी।
(2) निगम, या केंद्रीय बोर्ड या राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड, राज्य असंगठित श्रमिक बोर्ड या भवन श्रमिक कल्याण बोर्ड, या इनमें से किसी भी समिति के निरस्त होने के बाद, और इसके पुनर्गठित होने तक, केंद्र सरकार या राज्य सरकार, जैसा भी मामला हो, इस संहिता के संबंधित प्रावधानों के प्रशासन के उद्देश्य से ऐसी वैकल्पिक व्यवस्था करेगी, जैसा कि केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित किया जाए।
(3) केंद्र सरकार या राज्य सरकार, जैसा भी मामला हो, इस धारा के तहत उसके द्वारा की गई किसी भी कार्रवाई और ऐसी कार्रवाई की ओर ले जाने वाली परिस्थितियों की पूरी रिपोर्ट संसद के प्रत्येक सदन या राज्य विधानमंडल, जैसा भी मामला हो, के समक्ष यथाशीघ्र प्रस्तुत करवाएगी, और किसी भी मामले में उप-धारा (1) के तहत जारी की गई निरस्तीकरण अधिसूचना की तारीख से तीन महीने से अधिक समय नहीं लेगी।
बशर्ते कि, इस उपधारा के अंतर्गत निर्दिष्ट किसी भी आधार पर अधिसूचना जारी करने से पहले, ऐसी सरकार निगम या केंद्रीय बोर्ड या राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड या राज्य असंगठित श्रमिक बोर्ड या भवन श्रमिक कल्याण बोर्ड या उसकी किसी समिति को, जैसा भी मामला हो, यह कारण बताने का अवसर देगी कि उसे निरस्त क्यों नहीं किया जाना चाहिए और उसके द्वारा उठाए गए स्पष्टीकरणों और आपत्तियों पर विचार करेगी तथा उस पर उचित कार्रवाई करेगी।
(2) निगम, या केंद्रीय बोर्ड या राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड, राज्य असंगठित श्रमिक बोर्ड या भवन श्रमिक कल्याण बोर्ड, या इनमें से किसी भी समिति के निरस्त होने के बाद, और इसके पुनर्गठित होने तक, केंद्र सरकार या राज्य सरकार, जैसा भी मामला हो, इस संहिता के संबंधित प्रावधानों के प्रशासन के उद्देश्य से ऐसी वैकल्पिक व्यवस्था करेगी, जैसा कि केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित किया जाए।
(3) केंद्र सरकार या राज्य सरकार, जैसा भी मामला हो, इस धारा के तहत उसके द्वारा की गई किसी भी कार्रवाई और ऐसी कार्रवाई की ओर ले जाने वाली परिस्थितियों की पूरी रिपोर्ट संसद के प्रत्येक सदन या राज्य विधानमंडल, जैसा भी मामला हो, के समक्ष यथाशीघ्र प्रस्तुत करवाएगी, और किसी भी मामले में उप-धारा (1) के तहत जारी की गई निरस्तीकरण अधिसूचना की तारीख से तीन महीने से अधिक समय नहीं लेगी।
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