CSS 6अध्याय II · Social Security Organisations
धारा 6 · राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड और राज्य असंगठित श्रमिक बोर्ड?
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
केंद्र सरकार अधिसूचना द्वारा असंगठित श्रमिकों के लिए एक राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड का गठन करेगी, जो इस संहिता के अंतर्गत उसे प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करने और सौंपे गए कार्यों का निष्पादन करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित तरीके का प्रयोग करेगा।
(2) राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड में निम्नलिखित सदस्य होंगे, अर्थात्:---
(क) केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री अध्यक्ष के रूप में;
(ख) श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के सचिव उपाध्यक्ष के रूप में;
(ग) केंद्र सरकार द्वारा मनोनीत किए जाने वाले चालीस सदस्य, जिनमें से---
(i) असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों का प्रतिनिधित्व करने वाले सात सदस्य;
(ii) असंगठित क्षेत्र के नियोक्ताओं का प्रतिनिधित्व करने वाले सात सदस्य;
(iii) नागरिक समाज के प्रतिष्ठित व्यक्तियों का प्रतिनिधित्व करने वाले सात सदस्य;
(iv) लोकसभा के दो सदस्य और राज्यसभा का एक सदस्य;
(v) संबंधित केंद्रीय सरकारी मंत्रालयों और विभागों का प्रतिनिधित्व करने वाले दस सदस्य;
(vi) राज्य सरकारों का प्रतिनिधित्व करने वाले पांच सदस्य;
(vii) संघ शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करने वाला एक सदस्य; और
(घ) महानिदेशक श्रम कल्याण, सदस्य-सचिव के रूप में, पदेन।
(3) राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड के अध्यक्ष को छोड़कर सभी सदस्य श्रम कल्याण, प्रबंधन, वित्त, कानून और प्रशासन के क्षेत्रों में प्रतिष्ठित व्यक्तियों में से होंगे।
(4) उपधारा (2) के खंड (सी) में निर्दिष्ट प्रत्येक श्रेणी से सदस्यों के मनोनीत करने का तरीका, सदस्यों का कार्यकाल और सेवा की अन्य शर्तें, उनके कार्यों के निर्वहन में अपनाई जाने वाली प्रक्रिया और राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड के सदस्यों के बीच रिक्तियों को भरने का तरीका ऐसा होगा जैसा कि केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित किया जाए।
बशर्ते कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यकों और महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिया जाएगा।
(5) राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड का कार्यकाल तीन वर्ष होगा।
(6) राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड वर्ष में कम से कम तीन बार ऐसे समय और स्थान पर बैठक करेगा तथा अपनी बैठकों में कामकाज के संचालन से संबंधित ऐसे नियमों का पालन करेगा, जैसा कि केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित किया जा सकता है।
(7) राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड निम्नलिखित कार्यों का निष्पादन करेगा, अर्थात्:--
(क) असंगठित श्रमिकों, गिग वर्कर्स और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के विभिन्न वर्गों के लिए उपयुक्त योजनाएँ बनाने हेतु केंद्र सरकार को अनुशंसा करना;
(ख) इस संहिता के प्रशासन से उत्पन्न होने वाले ऐसे मामलों पर केंद्र सरकार को सलाह देना, जो उसे संदर्भित किए जा सकते हैं;
(ग) असंगठित श्रमिकों, गिग श्रमिकों और प्लेटफॉर्म श्रमिकों के लिए केंद्र सरकार द्वारा प्रशासित ऐसी सामाजिक कल्याण योजनाओं की निगरानी करना;
(घ) राज्य स्तर पर किए जाने वाले अभिलेख रखने के कार्यों की समीक्षा करना; (ई) निधि और खाते से किए गए व्यय की समीक्षा करना; और
(f) समय-समय पर केंद्र सरकार द्वारा सौंपे गए ऐसे अन्य कार्यों को करना।
(8) केंद्र सरकार अधिसूचना द्वारा, उसमें निर्दिष्ट तिथि से एक या एक से अधिक सलाहकार समिति का गठन कर सकती है, जो असंगठित श्रमिकों से संबंधित इस संहिता के प्रशासन से उत्पन्न होने वाले मामलों और ऐसे अन्य मामलों पर केंद्र सरकार को सलाह देगी, जिन्हें केंद्र सरकार सलाह के लिए उसे संदर्भित कर सकती है।
(9) प्रत्येक राज्य सरकार अधिसूचना द्वारा एक राज्य बोर्ड का गठन करेगी, जिसे (राज्य का नाम) असंगठित श्रमिक सामाजिक सुरक्षा बोर्ड के नाम से जाना जाएगा, जो इस संहिता के अधीन उसे प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करेगा और उसे सौंपे गए कार्यों का निष्पादन करेगा, जैसा कि राज्य सरकार द्वारा निर्धारित किया जा सकता है।
(10) प्रत्येक राज्य असंगठित श्रमिक बोर्ड में निम्नलिखित सदस्य होंगे, अर्थात्:--
(क) संबंधित राज्य के श्रम एवं रोजगार मंत्री पदेन अध्यक्ष के रूप में;
(ख) प्रधान सचिव या सचिव (श्रम) उपाध्यक्ष के रूप में;
(ग) श्रम एवं रोजगार मंत्रालय में केंद्र सरकार का प्रतिनिधित्व करने वाला एक सदस्य;
(घ) राज्य सरकार द्वारा मनोनीत किए जाने वाले इकत्तीस सदस्य, जिनमें से
(i) असंगठित श्रमिकों का प्रतिनिधित्व करने वाले सात;
(ii) असंगठित श्रमिकों के नियोक्ताओं का प्रतिनिधित्व करने वाले सात;
(iii) संबंधित राज्य की विधान सभा का प्रतिनिधित्व करने वाले दो सदस्य;
(iv) नागरिक समाज के प्रख्यात व्यक्तियों का प्रतिनिधित्व करने वाले पांच सदस्य;
(v) संबंधित राज्य सरकारी विभागों का प्रतिनिधित्व करने वाले दस सदस्य; और
(ई) राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित सदस्य-सचिव।
(11) राज्य असंगठित श्रमिक बोर्ड के अध्यक्ष को छोड़कर सभी सदस्य श्रम कल्याण, प्रबंधन, वित्त, कानून और प्रशासन के क्षेत्र में प्रतिष्ठित व्यक्तियों में से होंगे।
(12) उपधारा (10) के खंड (घ) में निर्दिष्ट प्रत्येक श्रेणी से सदस्यों के मनोनीत होने का तरीका, सदस्यों का कार्यकाल और सेवा की अन्य शर्तें, उनके कार्यों के निर्वहन में अपनाई जाने वाली प्रक्रिया और राज्य असंगठित श्रमिक बोर्ड के सदस्यों में रिक्तियों को भरने का तरीका ऐसा होगा जैसा राज्य सरकार द्वारा निर्धारित किया जाए।
बशर्ते कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यकों और महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिया जाएगा।
(13) राज्य असंगठित श्रमिक बोर्ड का कार्यकाल तीन वर्ष होगा।
(14) राज्य असंगठित श्रमिक बोर्ड तिमाही में कम से कम एक बार ऐसे समय और स्थान पर बैठक करेगा तथा अपनी बैठकों में कामकाज के संचालन से संबंधित ऐसे नियमों का पालन करेगा, जैसा कि राज्य सरकार द्वारा निर्धारित किया जाए।
(15) राज्य बोर्ड निम्नलिखित कार्यों का निष्पादन करेगा, अर्थात्:
(क) असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के विभिन्न वर्गों के लिए उपयुक्त योजनाएँ बनाने हेतु राज्य सरकार को अनुशंसा करना;
(ख) इस संहिता के प्रशासन से उत्पन्न होने वाले ऐसे मामलों पर राज्य सरकार को सलाह देना, जो उसे संदर्भित किए जा सकते हैं;
(ग) असंगठित श्रमिकों के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रशासित ऐसी सामाजिक कल्याण योजनाओं की निगरानी करना;
(घ) जिला स्तर पर किए जाने वाले अभिलेख रखने के कार्यों की समीक्षा करना;
(ई) असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के पंजीकरण और कार्ड जारी करने की प्रगति की समीक्षा करना;
(f) विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत निधियों से किए गए व्यय की समीक्षा करना; और
(जी) राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर सौंपे गए ऐसे अन्य कार्यों को करना।
(16) राज्य सरकार अधिसूचना द्वारा, उसमें निर्दिष्ट तिथि से एक या एक से अधिक सलाहकार समिति का गठन कर सकती है, जो असंगठित श्रमिकों से संबंधित इस संहिता के प्रशासन से उत्पन्न होने वाले मामलों और ऐसे अन्य मामलों पर राज्य सरकार को सलाह देगी, जिन्हें राज्य सरकार सलाह के लिए उसे संदर्भित कर सकती है।
(2) राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड में निम्नलिखित सदस्य होंगे, अर्थात्:---
(क) केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री अध्यक्ष के रूप में;
(ख) श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के सचिव उपाध्यक्ष के रूप में;
(ग) केंद्र सरकार द्वारा मनोनीत किए जाने वाले चालीस सदस्य, जिनमें से---
(i) असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों का प्रतिनिधित्व करने वाले सात सदस्य;
(ii) असंगठित क्षेत्र के नियोक्ताओं का प्रतिनिधित्व करने वाले सात सदस्य;
(iii) नागरिक समाज के प्रतिष्ठित व्यक्तियों का प्रतिनिधित्व करने वाले सात सदस्य;
(iv) लोकसभा के दो सदस्य और राज्यसभा का एक सदस्य;
(v) संबंधित केंद्रीय सरकारी मंत्रालयों और विभागों का प्रतिनिधित्व करने वाले दस सदस्य;
(vi) राज्य सरकारों का प्रतिनिधित्व करने वाले पांच सदस्य;
(vii) संघ शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करने वाला एक सदस्य; और
(घ) महानिदेशक श्रम कल्याण, सदस्य-सचिव के रूप में, पदेन।
(3) राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड के अध्यक्ष को छोड़कर सभी सदस्य श्रम कल्याण, प्रबंधन, वित्त, कानून और प्रशासन के क्षेत्रों में प्रतिष्ठित व्यक्तियों में से होंगे।
(4) उपधारा (2) के खंड (सी) में निर्दिष्ट प्रत्येक श्रेणी से सदस्यों के मनोनीत करने का तरीका, सदस्यों का कार्यकाल और सेवा की अन्य शर्तें, उनके कार्यों के निर्वहन में अपनाई जाने वाली प्रक्रिया और राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड के सदस्यों के बीच रिक्तियों को भरने का तरीका ऐसा होगा जैसा कि केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित किया जाए।
बशर्ते कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यकों और महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिया जाएगा।
(5) राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड का कार्यकाल तीन वर्ष होगा।
(6) राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड वर्ष में कम से कम तीन बार ऐसे समय और स्थान पर बैठक करेगा तथा अपनी बैठकों में कामकाज के संचालन से संबंधित ऐसे नियमों का पालन करेगा, जैसा कि केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित किया जा सकता है।
(7) राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड निम्नलिखित कार्यों का निष्पादन करेगा, अर्थात्:--
(क) असंगठित श्रमिकों, गिग वर्कर्स और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के विभिन्न वर्गों के लिए उपयुक्त योजनाएँ बनाने हेतु केंद्र सरकार को अनुशंसा करना;
(ख) इस संहिता के प्रशासन से उत्पन्न होने वाले ऐसे मामलों पर केंद्र सरकार को सलाह देना, जो उसे संदर्भित किए जा सकते हैं;
(ग) असंगठित श्रमिकों, गिग श्रमिकों और प्लेटफॉर्म श्रमिकों के लिए केंद्र सरकार द्वारा प्रशासित ऐसी सामाजिक कल्याण योजनाओं की निगरानी करना;
(घ) राज्य स्तर पर किए जाने वाले अभिलेख रखने के कार्यों की समीक्षा करना; (ई) निधि और खाते से किए गए व्यय की समीक्षा करना; और
(f) समय-समय पर केंद्र सरकार द्वारा सौंपे गए ऐसे अन्य कार्यों को करना।
(8) केंद्र सरकार अधिसूचना द्वारा, उसमें निर्दिष्ट तिथि से एक या एक से अधिक सलाहकार समिति का गठन कर सकती है, जो असंगठित श्रमिकों से संबंधित इस संहिता के प्रशासन से उत्पन्न होने वाले मामलों और ऐसे अन्य मामलों पर केंद्र सरकार को सलाह देगी, जिन्हें केंद्र सरकार सलाह के लिए उसे संदर्भित कर सकती है।
(9) प्रत्येक राज्य सरकार अधिसूचना द्वारा एक राज्य बोर्ड का गठन करेगी, जिसे (राज्य का नाम) असंगठित श्रमिक सामाजिक सुरक्षा बोर्ड के नाम से जाना जाएगा, जो इस संहिता के अधीन उसे प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करेगा और उसे सौंपे गए कार्यों का निष्पादन करेगा, जैसा कि राज्य सरकार द्वारा निर्धारित किया जा सकता है।
(10) प्रत्येक राज्य असंगठित श्रमिक बोर्ड में निम्नलिखित सदस्य होंगे, अर्थात्:--
(क) संबंधित राज्य के श्रम एवं रोजगार मंत्री पदेन अध्यक्ष के रूप में;
(ख) प्रधान सचिव या सचिव (श्रम) उपाध्यक्ष के रूप में;
(ग) श्रम एवं रोजगार मंत्रालय में केंद्र सरकार का प्रतिनिधित्व करने वाला एक सदस्य;
(घ) राज्य सरकार द्वारा मनोनीत किए जाने वाले इकत्तीस सदस्य, जिनमें से
(i) असंगठित श्रमिकों का प्रतिनिधित्व करने वाले सात;
(ii) असंगठित श्रमिकों के नियोक्ताओं का प्रतिनिधित्व करने वाले सात;
(iii) संबंधित राज्य की विधान सभा का प्रतिनिधित्व करने वाले दो सदस्य;
(iv) नागरिक समाज के प्रख्यात व्यक्तियों का प्रतिनिधित्व करने वाले पांच सदस्य;
(v) संबंधित राज्य सरकारी विभागों का प्रतिनिधित्व करने वाले दस सदस्य; और
(ई) राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित सदस्य-सचिव।
(11) राज्य असंगठित श्रमिक बोर्ड के अध्यक्ष को छोड़कर सभी सदस्य श्रम कल्याण, प्रबंधन, वित्त, कानून और प्रशासन के क्षेत्र में प्रतिष्ठित व्यक्तियों में से होंगे।
(12) उपधारा (10) के खंड (घ) में निर्दिष्ट प्रत्येक श्रेणी से सदस्यों के मनोनीत होने का तरीका, सदस्यों का कार्यकाल और सेवा की अन्य शर्तें, उनके कार्यों के निर्वहन में अपनाई जाने वाली प्रक्रिया और राज्य असंगठित श्रमिक बोर्ड के सदस्यों में रिक्तियों को भरने का तरीका ऐसा होगा जैसा राज्य सरकार द्वारा निर्धारित किया जाए।
बशर्ते कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यकों और महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिया जाएगा।
(13) राज्य असंगठित श्रमिक बोर्ड का कार्यकाल तीन वर्ष होगा।
(14) राज्य असंगठित श्रमिक बोर्ड तिमाही में कम से कम एक बार ऐसे समय और स्थान पर बैठक करेगा तथा अपनी बैठकों में कामकाज के संचालन से संबंधित ऐसे नियमों का पालन करेगा, जैसा कि राज्य सरकार द्वारा निर्धारित किया जाए।
(15) राज्य बोर्ड निम्नलिखित कार्यों का निष्पादन करेगा, अर्थात्:
(क) असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के विभिन्न वर्गों के लिए उपयुक्त योजनाएँ बनाने हेतु राज्य सरकार को अनुशंसा करना;
(ख) इस संहिता के प्रशासन से उत्पन्न होने वाले ऐसे मामलों पर राज्य सरकार को सलाह देना, जो उसे संदर्भित किए जा सकते हैं;
(ग) असंगठित श्रमिकों के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रशासित ऐसी सामाजिक कल्याण योजनाओं की निगरानी करना;
(घ) जिला स्तर पर किए जाने वाले अभिलेख रखने के कार्यों की समीक्षा करना;
(ई) असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के पंजीकरण और कार्ड जारी करने की प्रगति की समीक्षा करना;
(f) विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत निधियों से किए गए व्यय की समीक्षा करना; और
(जी) राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर सौंपे गए ऐसे अन्य कार्यों को करना।
(16) राज्य सरकार अधिसूचना द्वारा, उसमें निर्दिष्ट तिथि से एक या एक से अधिक सलाहकार समिति का गठन कर सकती है, जो असंगठित श्रमिकों से संबंधित इस संहिता के प्रशासन से उत्पन्न होने वाले मामलों और ऐसे अन्य मामलों पर राज्य सरकार को सलाह देगी, जिन्हें राज्य सरकार सलाह के लिए उसे संदर्भित कर सकती है।
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