CSS 154अध्याय XIV · Miscellaneous
धारा 154 · उपयुक्त सरकार को नियम बनाने का अधिकार है।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) उपयुक्त सरकार अधिसूचना द्वारा, और पूर्व प्रकाशन की शर्त के अधीन रहते हुए, इस संहिता के प्रावधानों को प्रभावी करने के उद्देश्य से इस संहिता के साथ असंगत न होने वाले नियम बना सकती है।
(2) पूर्वोक्त शक्ति की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, विशेष रूप से, ऐसे नियम निम्नलिखित सभी या किसी भी मामले के लिए प्रावधान कर सकते हैं, अर्थात्:—
(क) खंड (ग) के अंतर्गत लाभार्थियों की समूह बीमा योजना के प्रीमियम के संबंध में राशि, खंड (घ) के अंतर्गत लाभार्थियों के बच्चों के लाभ के लिए शैक्षिक योजनाओं के संबंध में राशि और धारा 7 की उपधारा (6) के खंड (ङ) के अंतर्गत लाभार्थी या ऐसे आश्रित के प्रमुख रोगों के उपचार के लिए चिकित्सा व्यय;
(ख) वह तरीका और समय जिसके भीतर बीमित व्यक्ति या निगम धारा 37 की उपधारा (7) के खंड (ख) के तहत कर्मचारी बीमा न्यायालय में दूसरी अपील दायर कर सकता है;
(ग) धारा 51 की उपधारा (1) के अधीन कर्मचारी बीमा न्यायालय के समक्ष कार्यवाही प्रारंभ करने का तरीका, शुल्क और प्रक्रिया;
(घ) बैंक या अन्य वित्तीय संस्था जिसमें धारा 53 की उपधारा (1) के तीसरे परंतुक के अधीन नाबालिग के लाभ के लिए ग्रेच्युटी का निवेश किया जाएगा;
(ई) धारा 55 की उपधारा (1) के तहत किसी कर्मचारी द्वारा नामांकन का समय, प्रपत्र और तरीका, उपधारा (4) के तहत नया नामांकन करने का समय, उपधारा (5) के तहत नामांकन में संशोधन का प्रपत्र और तरीका और धारा 55 की उपधारा (6) के तहत नए नामांकन का प्रपत्र;
(f) वह समय और वह प्रपत्र जिसमें उपधारा (1) के अंतर्गत लिखित आवेदन किया जाएगा तथा धारा 56 की उपधारा (5) के खंड (ख) के अंतर्गत सक्षम प्राधिकारी को आवेदन का प्रपत्र;
(जी) उपधारा (3) के अधीन नियोक्ता द्वारा प्रतिष्ठान के पंजीकरण का तरीका और अनुमोदित ग्रेच्युटी निधि के न्यासी बोर्ड की संरचना का तरीका और वह तरीका जिससे सक्षम प्राधिकारी धारा 57 की उपधारा (4) के अधीन बीमाकर्ता से कर्मचारी को देय ग्रेच्युटी की राशि वसूल कर सकता है;
(h) धारा 58 की उपधारा (1) के अधीन सक्षम प्राधिकारी के रूप में नियुक्त अधिकारी की योग्यता और अनुभव;
(i) वह प्राधिकारी जिसके समक्ष धारा 72 की उपधारा (3) के अधीन अपील की जा सकती है;
(j) नियोक्ताओं का वर्ग और धारा 82 की उपधारा (4) के अधीन नोटिस-पुस्तिका का प्रारूप;
(k) धारा 89 की उपधारा (1) के अधीन सक्षम प्राधिकारी द्वारा रजिस्टर में ज्ञापन दर्ज करने का तरीका;
(एल) धारा 91 की उपधारा (1) के अधीन सक्षम प्राधिकारी के रूप में नियुक्ति के लिए ऐसे अन्य अनुभव एवं योग्यताएं;
(m) धारा 101 के अंतर्गत उपकर की राशि का भुगतान करने की समय सीमा;
(n) धारा 105 की उपधारा (2) के अधीन अपील के लिए शुल्क;
(ओ) उपधारा (1) के अधीन किसी चल या अचल संपत्ति को प्राप्त करने, धारण करने, बेचने या अन्यथा हस्तांतरित करने की शर्तें, उपधारा (2) के अधीन धन का निवेश करने, पुनर्निवेश करने या निवेश को भुनाने की शर्तें, उपधारा (3) के अधीन ऋण लेने और ऐसे ऋणों के निर्वहन के लिए उपाय करने की शर्तें और धारा 120 की उपधारा (4) के अधीन अधिकारियों और कर्मचारियों या उनके किसी वर्ग के लाभ के लिए भविष्य निधि या अन्य लाभ निधि गठित करने की शर्तें;
(पी) धारा 121 के तहत अप्राप्य देय राशियों को बट्टे खाते में डालने की शर्तें और तरीका;
(q) धारा 122 की उपधारा (6) के खंड (ई) के अधीन निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ता की अन्य शक्तियाँ;
(आर) खंड (क) के अधीन अभिलेखों और रजिस्टरों तथा अन्य विवरणों के रखरखाव का प्रपत्र एवं तरीका, खंड (ख) के अधीन कर्मचारियों के कार्यस्थलों पर नोटिस प्रदर्शित करने का तरीका एवं प्रपत्र तथा धारा 123 के खंड (घ) के अधीन अधिकारियों या प्राधिकरण को रिटर्न दाखिल करने का तरीका एवं अवधि;
(एस) धारा 138 की उपधारा (4) के तहत किसी अपराध के समझौते के लिए आवेदन का प्रपत्र एवं तरीका;
(टी) धारा 139 की उपधारा (2) के तहत नियोक्ता द्वारा संबंधित कैरियर केंद्र को रिक्तियों की रिपोर्ट करने का तरीका और प्रपत्र तथा रिटर्न दाखिल करने का प्रपत्र;
(u) वह समय जिसके भीतर केंद्रीय बोर्ड या निगम, जैसा भी मामला हो, उपधारा (1) के तहत उपयुक्त सरकार को अपना मत भेजेगा, वे शर्तें जिनका पालन उपधारा (2) के तहत छूट प्राप्त प्रतिष्ठान या प्रतिष्ठानों के वर्ग या किसी कर्मचारी या कर्मचारियों के वर्ग, जैसा भी मामला हो, को करना होगा और धारा 143 की उपधारा (5) के तहत ट्रस्ट के प्रबंधन के लिए शर्तें;
(v) धारा 148 के अंतर्गत किसी प्रतिष्ठान या किसी अन्य व्यक्ति द्वारा किसी लाभ के दुरुपयोग का निर्धारण करने का तरीका; और
(w) कोई अन्य मामला जिसे इस संहिता के प्रावधानों के तहत उपयुक्त सरकार द्वारा निर्धारित किया जाना आवश्यक है, या किया जा सकता है।
(2) पूर्वोक्त शक्ति की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, विशेष रूप से, ऐसे नियम निम्नलिखित सभी या किसी भी मामले के लिए प्रावधान कर सकते हैं, अर्थात्:—
(क) खंड (ग) के अंतर्गत लाभार्थियों की समूह बीमा योजना के प्रीमियम के संबंध में राशि, खंड (घ) के अंतर्गत लाभार्थियों के बच्चों के लाभ के लिए शैक्षिक योजनाओं के संबंध में राशि और धारा 7 की उपधारा (6) के खंड (ङ) के अंतर्गत लाभार्थी या ऐसे आश्रित के प्रमुख रोगों के उपचार के लिए चिकित्सा व्यय;
(ख) वह तरीका और समय जिसके भीतर बीमित व्यक्ति या निगम धारा 37 की उपधारा (7) के खंड (ख) के तहत कर्मचारी बीमा न्यायालय में दूसरी अपील दायर कर सकता है;
(ग) धारा 51 की उपधारा (1) के अधीन कर्मचारी बीमा न्यायालय के समक्ष कार्यवाही प्रारंभ करने का तरीका, शुल्क और प्रक्रिया;
(घ) बैंक या अन्य वित्तीय संस्था जिसमें धारा 53 की उपधारा (1) के तीसरे परंतुक के अधीन नाबालिग के लाभ के लिए ग्रेच्युटी का निवेश किया जाएगा;
(ई) धारा 55 की उपधारा (1) के तहत किसी कर्मचारी द्वारा नामांकन का समय, प्रपत्र और तरीका, उपधारा (4) के तहत नया नामांकन करने का समय, उपधारा (5) के तहत नामांकन में संशोधन का प्रपत्र और तरीका और धारा 55 की उपधारा (6) के तहत नए नामांकन का प्रपत्र;
(f) वह समय और वह प्रपत्र जिसमें उपधारा (1) के अंतर्गत लिखित आवेदन किया जाएगा तथा धारा 56 की उपधारा (5) के खंड (ख) के अंतर्गत सक्षम प्राधिकारी को आवेदन का प्रपत्र;
(जी) उपधारा (3) के अधीन नियोक्ता द्वारा प्रतिष्ठान के पंजीकरण का तरीका और अनुमोदित ग्रेच्युटी निधि के न्यासी बोर्ड की संरचना का तरीका और वह तरीका जिससे सक्षम प्राधिकारी धारा 57 की उपधारा (4) के अधीन बीमाकर्ता से कर्मचारी को देय ग्रेच्युटी की राशि वसूल कर सकता है;
(h) धारा 58 की उपधारा (1) के अधीन सक्षम प्राधिकारी के रूप में नियुक्त अधिकारी की योग्यता और अनुभव;
(i) वह प्राधिकारी जिसके समक्ष धारा 72 की उपधारा (3) के अधीन अपील की जा सकती है;
(j) नियोक्ताओं का वर्ग और धारा 82 की उपधारा (4) के अधीन नोटिस-पुस्तिका का प्रारूप;
(k) धारा 89 की उपधारा (1) के अधीन सक्षम प्राधिकारी द्वारा रजिस्टर में ज्ञापन दर्ज करने का तरीका;
(एल) धारा 91 की उपधारा (1) के अधीन सक्षम प्राधिकारी के रूप में नियुक्ति के लिए ऐसे अन्य अनुभव एवं योग्यताएं;
(m) धारा 101 के अंतर्गत उपकर की राशि का भुगतान करने की समय सीमा;
(n) धारा 105 की उपधारा (2) के अधीन अपील के लिए शुल्क;
(ओ) उपधारा (1) के अधीन किसी चल या अचल संपत्ति को प्राप्त करने, धारण करने, बेचने या अन्यथा हस्तांतरित करने की शर्तें, उपधारा (2) के अधीन धन का निवेश करने, पुनर्निवेश करने या निवेश को भुनाने की शर्तें, उपधारा (3) के अधीन ऋण लेने और ऐसे ऋणों के निर्वहन के लिए उपाय करने की शर्तें और धारा 120 की उपधारा (4) के अधीन अधिकारियों और कर्मचारियों या उनके किसी वर्ग के लाभ के लिए भविष्य निधि या अन्य लाभ निधि गठित करने की शर्तें;
(पी) धारा 121 के तहत अप्राप्य देय राशियों को बट्टे खाते में डालने की शर्तें और तरीका;
(q) धारा 122 की उपधारा (6) के खंड (ई) के अधीन निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ता की अन्य शक्तियाँ;
(आर) खंड (क) के अधीन अभिलेखों और रजिस्टरों तथा अन्य विवरणों के रखरखाव का प्रपत्र एवं तरीका, खंड (ख) के अधीन कर्मचारियों के कार्यस्थलों पर नोटिस प्रदर्शित करने का तरीका एवं प्रपत्र तथा धारा 123 के खंड (घ) के अधीन अधिकारियों या प्राधिकरण को रिटर्न दाखिल करने का तरीका एवं अवधि;
(एस) धारा 138 की उपधारा (4) के तहत किसी अपराध के समझौते के लिए आवेदन का प्रपत्र एवं तरीका;
(टी) धारा 139 की उपधारा (2) के तहत नियोक्ता द्वारा संबंधित कैरियर केंद्र को रिक्तियों की रिपोर्ट करने का तरीका और प्रपत्र तथा रिटर्न दाखिल करने का प्रपत्र;
(u) वह समय जिसके भीतर केंद्रीय बोर्ड या निगम, जैसा भी मामला हो, उपधारा (1) के तहत उपयुक्त सरकार को अपना मत भेजेगा, वे शर्तें जिनका पालन उपधारा (2) के तहत छूट प्राप्त प्रतिष्ठान या प्रतिष्ठानों के वर्ग या किसी कर्मचारी या कर्मचारियों के वर्ग, जैसा भी मामला हो, को करना होगा और धारा 143 की उपधारा (5) के तहत ट्रस्ट के प्रबंधन के लिए शर्तें;
(v) धारा 148 के अंतर्गत किसी प्रतिष्ठान या किसी अन्य व्यक्ति द्वारा किसी लाभ के दुरुपयोग का निर्धारण करने का तरीका; और
(w) कोई अन्य मामला जिसे इस संहिता के प्रावधानों के तहत उपयुक्त सरकार द्वारा निर्धारित किया जाना आवश्यक है, या किया जा सकता है।
इस धारा पर आपका निजी नोट
यह नोट सिर्फ़ आप देख सकते हैं।

