CSS 143अध्याय XIV · Miscellaneous
धारा 143 · प्रतिष्ठानों को छूट देने का अधिकार।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) इस संहिता में किसी बात के होते हुए भी, उपयुक्त सरकार अधिसूचना द्वारा और उन शर्तों के अधीन रहते हुए, जिनमें छूट प्रदान करने से पहले पूर्ण की जाने वाली पात्रता शर्तें और छूट के बाद अनुपालन की जाने वाली शर्तें शामिल हों, जैसा कि केंद्र सरकार द्वारा इस संबंध में निर्धारित किया जा सकता है, किसी प्रतिष्ठान या प्रतिष्ठानों के वर्ग (जिसमें केंद्र सरकार या राज्य सरकार या स्थानीय निकायों के नियंत्रण में कारखाने या अन्य प्रतिष्ठान शामिल हैं) या कर्मचारियों या कर्मचारियों के वर्ग को इस संहिता के किसी या सभी प्रावधानों या इसके अंतर्गत बनाई गई योजना से छूट प्रदान कर सकती है, जैसा कि अधिसूचना में निर्दिष्ट किया जा सकता है, और इसी प्रकार की अधिसूचना द्वारा ऐसी छूट को आगे की अवधि के लिए नवीनीकृत कर सकती है।
बशर्ते कि ऐसी कोई छूट न हो,—
(i) भविष्य निधि योजना, पेंशन योजना और बीमा योजना के संबंध में, केंद्रीय बोर्ड से पूर्व परामर्श किए बिना; और
(ii) अध्याय IV के संबंध में, निगम से पूर्व परामर्श किए बिना, अनुदान दिया जाएगा या नवीनीकृत किया जाएगा और केंद्रीय बोर्ड या निगम, जैसा भी मामला हो, ऐसे परामर्श के बाद अपना विचार उपयुक्त सरकार को ऐसे समय के भीतर भेजेगा जैसा कि उस सरकार द्वारा निर्धारित किया जा सकता है।
(2) उपयुक्त सरकार उप-धारा (1) में निर्दिष्ट अधिसूचना में ऐसी शर्तें निर्दिष्ट कर सकती है, जो उस सरकार द्वारा निर्धारित की जा सकती हैं, जिनका पालन छूट प्राप्त प्रतिष्ठान या प्रतिष्ठानों का वर्ग या कोई कर्मचारी या कर्मचारियों का वर्ग, जैसा भी मामला हो, ऐसी छूट के बाद करेगा।
बशर्ते कि भविष्य निधि योजना, पेंशन योजना और बीमा योजना के संबंध में छूट प्रदान करने के उद्देश्य से, छूट के नियम और शर्तें संबंधित योजनाओं में निर्दिष्ट की जाएंगी।
(3) उपधारा (1) के अंतर्गत किसी प्रतिष्ठान या प्रतिष्ठानों के वर्ग या किसी कर्मचारी या कर्मचारियों के वर्ग को दी गई छूट प्रारंभ में ऐसी अधिसूचना के प्रकाशन की तिथि से तीन वर्ष की अवधि के लिए होगी और उपयुक्त सरकार द्वारा इसे केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित अवधि तक बढ़ाया जा सकता है।
बशर्ते कि भविष्य निधि योजना, पेंशन योजना और बीमा योजना के संबंध में छूट प्रदान करने के उद्देश्य से, छूट को ऐसी अवधि के लिए बढ़ाया जा सकता है जो संबंधित योजनाओं में निर्दिष्ट की गई हो। (4) उप-धारा (1) के अधीन दी गई छूट केवल तभी दी जाएगी जब प्रतिष्ठान या प्रतिष्ठानों के वर्ग में कार्यरत कर्मचारी या इस प्रकार छूट प्राप्त कर्मचारी या कर्मचारियों का वर्ग अन्यथा संहिता के प्रावधानों या उसके अंतर्गत बनाई गई योजना में दिए गए लाभों के समान या उनसे श्रेष्ठ लाभ प्राप्त कर रहे हों।
(5) निधि के प्रशासन, निवेश प्रबंधन, अंशदान, निकासी, निधि के प्रत्येक कर्मचारी के संबंध में ब्याज जमा करने के खातों के रखरखाव और किसी भी छूट प्राप्त प्रतिष्ठान या प्रतिष्ठानों के वर्ग, या कर्मचारियों या कर्मचारियों के वर्ग के लिए योजना में निर्दिष्ट किसी अन्य मामले के प्रयोजनों के लिए, नियोक्ता द्वारा एक न्यासी बोर्ड का गठन किया जाएगा जो एक कानूनी इकाई होगी जो मुकदमा कर सकती है और जिस पर मुकदमा किया जा सकता है और न्यास के प्रबंधन की शर्तें उपयुक्त सरकार द्वारा छूट की शर्तों के भाग के रूप में निर्धारित की जाएंगी।
बशर्ते कि निधि के प्रशासन, निवेश प्रबंधन, अंशदान, निकासी, ब्याज जमा करने के खातों के रखरखाव, भविष्य निधि योजना, पेंशन योजना और बीमा योजना से छूट के संबंध में प्रत्येक कर्मचारी के लिए निर्धारित शर्तों को संबंधित योजनाओं में निर्दिष्ट किया जाएगा।
(6) जहां किसी प्रतिष्ठान, प्रतिष्ठानों के वर्ग, कर्मचारी या कर्मचारियों के वर्ग को संहिता के किसी या सभी प्रावधानों या अध्याय III के अंतर्गत किसी योजना के संचालन से इस धारा के अंतर्गत छूट दी जाती है, तो ऐसे प्रतिष्ठान के संबंध में नियोक्ता नियोजित व्यक्तियों के संबंध में, कर्मचारियों के संबंध में रखे गए खातों के संबंध में, निधि से किए गए निवेशों के संबंध में इलेक्ट्रॉनिक रूप से ऐसे विवरण प्रस्तुत करेगा, निरीक्षण की सुविधा प्रदान करेगा और ऐसे निरीक्षण शुल्क का भुगतान करेगा जैसा कि केंद्र सरकार निर्देशित कर सकती है।
(7) यदि नियोक्ता किसी प्रतिष्ठान या प्रतिष्ठानों के वर्ग या कर्मचारी या कर्मचारियों के वर्ग के संबंध में, जिनके लिए उपधारा (1) के तहत छूट प्रदान की गई है, इस धारा के तहत निर्दिष्ट किसी भी शर्त का पालन करने में विफल रहता है, तो उपयुक्त सरकार ऐसी विफलता पर, इस प्रकार प्रदान की गई छूट को रद्द कर सकती है।
(8) जहां उपधारा (1) के अधीन दी गई कोई छूट रद्द की जाती है, तो ऐसे प्रतिष्ठान के छूट प्राप्त कोष में, जिस पर ऐसी छूट लागू होती थी, उसके खाते में जमा अधिशेष एवं भंडार तथा संचय की संपूर्ण राशि, यदि कोई हो, छूट प्रदान करने की शर्तों में निर्दिष्ट समय और तरीके से इस संहिता के अंतर्गत सृजित संबंधित वैधानिक कोष में स्थानांतरित कर दी जाएगी।
बशर्ते कि भविष्य निधि योजना, पेंशन योजना और बीमा योजना से छूट रद्द करने के संबंध में, छूट प्राप्त कर्मचारियों की संचित राशि को छूट प्राप्त निधियों से संबंधित निधियों में स्थानांतरित करने की समय सीमा, प्रपत्र और विधि संबंधित योजनाओं में निर्दिष्ट की जाएगी।
(9) इस धारा में किसी बात के होते हुए भी, उपधारा (1) के अधीन छूट प्राप्त प्रतिष्ठान का नियोक्ता, प्रतिष्ठान के न्यासी बोर्ड के संकल्प के बाद, आवेदन में निर्दिष्ट तिथि से उस उपधारा के अधीन दी गई छूट को वापस लेने के लिए उपयुक्त सरकार को आवेदन कर सकता है, और उपयुक्त सरकार उस आवेदन की प्राप्ति पर, नियोक्ता को आवेदन में निर्दिष्ट तिथि से इस संहिता के अधीन वैधानिक निधियों में अंशदान करने की अनुमति दे सकती है, और छूट रद्द करने के आवेदन पर कार्रवाई कर सकती है, और ऐसी रद्द होने पर, नियोक्ता और न्यासी बोर्ड प्रत्येक कर्मचारी के संचय और अधिशेष एवं भंडार को उपधारा (5) में निर्दिष्ट निधि से इस संहिता के अधीन संबंधित वैधानिक निधियों में ऐसे समय और ऐसे तरीके से हस्तांतरित करेंगे जैसा उपयुक्त सरकार द्वारा अधिसूचित किया जाए।
बशर्ते कि भविष्य निधि योजना, पेंशन योजना और बीमा योजना से छूट के किसी भी समर्पण के संबंध में, उप-धारा (5) में निर्दिष्ट निधि से छूट प्राप्त कर्मचारियों के संचय और अधिशेष और भंडार को इस संहिता के तहत संबंधित वैधानिक निधियों में स्थानांतरित करने की समय सीमा, प्रपत्र और तरीका ऐसा होगा जैसा कि अध्याय III के तहत बनाई गई संबंधित योजनाओं में निर्दिष्ट किया जा सकता है।
बशर्ते कि ऐसी कोई छूट न हो,—
(i) भविष्य निधि योजना, पेंशन योजना और बीमा योजना के संबंध में, केंद्रीय बोर्ड से पूर्व परामर्श किए बिना; और
(ii) अध्याय IV के संबंध में, निगम से पूर्व परामर्श किए बिना, अनुदान दिया जाएगा या नवीनीकृत किया जाएगा और केंद्रीय बोर्ड या निगम, जैसा भी मामला हो, ऐसे परामर्श के बाद अपना विचार उपयुक्त सरकार को ऐसे समय के भीतर भेजेगा जैसा कि उस सरकार द्वारा निर्धारित किया जा सकता है।
(2) उपयुक्त सरकार उप-धारा (1) में निर्दिष्ट अधिसूचना में ऐसी शर्तें निर्दिष्ट कर सकती है, जो उस सरकार द्वारा निर्धारित की जा सकती हैं, जिनका पालन छूट प्राप्त प्रतिष्ठान या प्रतिष्ठानों का वर्ग या कोई कर्मचारी या कर्मचारियों का वर्ग, जैसा भी मामला हो, ऐसी छूट के बाद करेगा।
बशर्ते कि भविष्य निधि योजना, पेंशन योजना और बीमा योजना के संबंध में छूट प्रदान करने के उद्देश्य से, छूट के नियम और शर्तें संबंधित योजनाओं में निर्दिष्ट की जाएंगी।
(3) उपधारा (1) के अंतर्गत किसी प्रतिष्ठान या प्रतिष्ठानों के वर्ग या किसी कर्मचारी या कर्मचारियों के वर्ग को दी गई छूट प्रारंभ में ऐसी अधिसूचना के प्रकाशन की तिथि से तीन वर्ष की अवधि के लिए होगी और उपयुक्त सरकार द्वारा इसे केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित अवधि तक बढ़ाया जा सकता है।
बशर्ते कि भविष्य निधि योजना, पेंशन योजना और बीमा योजना के संबंध में छूट प्रदान करने के उद्देश्य से, छूट को ऐसी अवधि के लिए बढ़ाया जा सकता है जो संबंधित योजनाओं में निर्दिष्ट की गई हो। (4) उप-धारा (1) के अधीन दी गई छूट केवल तभी दी जाएगी जब प्रतिष्ठान या प्रतिष्ठानों के वर्ग में कार्यरत कर्मचारी या इस प्रकार छूट प्राप्त कर्मचारी या कर्मचारियों का वर्ग अन्यथा संहिता के प्रावधानों या उसके अंतर्गत बनाई गई योजना में दिए गए लाभों के समान या उनसे श्रेष्ठ लाभ प्राप्त कर रहे हों।
(5) निधि के प्रशासन, निवेश प्रबंधन, अंशदान, निकासी, निधि के प्रत्येक कर्मचारी के संबंध में ब्याज जमा करने के खातों के रखरखाव और किसी भी छूट प्राप्त प्रतिष्ठान या प्रतिष्ठानों के वर्ग, या कर्मचारियों या कर्मचारियों के वर्ग के लिए योजना में निर्दिष्ट किसी अन्य मामले के प्रयोजनों के लिए, नियोक्ता द्वारा एक न्यासी बोर्ड का गठन किया जाएगा जो एक कानूनी इकाई होगी जो मुकदमा कर सकती है और जिस पर मुकदमा किया जा सकता है और न्यास के प्रबंधन की शर्तें उपयुक्त सरकार द्वारा छूट की शर्तों के भाग के रूप में निर्धारित की जाएंगी।
बशर्ते कि निधि के प्रशासन, निवेश प्रबंधन, अंशदान, निकासी, ब्याज जमा करने के खातों के रखरखाव, भविष्य निधि योजना, पेंशन योजना और बीमा योजना से छूट के संबंध में प्रत्येक कर्मचारी के लिए निर्धारित शर्तों को संबंधित योजनाओं में निर्दिष्ट किया जाएगा।
(6) जहां किसी प्रतिष्ठान, प्रतिष्ठानों के वर्ग, कर्मचारी या कर्मचारियों के वर्ग को संहिता के किसी या सभी प्रावधानों या अध्याय III के अंतर्गत किसी योजना के संचालन से इस धारा के अंतर्गत छूट दी जाती है, तो ऐसे प्रतिष्ठान के संबंध में नियोक्ता नियोजित व्यक्तियों के संबंध में, कर्मचारियों के संबंध में रखे गए खातों के संबंध में, निधि से किए गए निवेशों के संबंध में इलेक्ट्रॉनिक रूप से ऐसे विवरण प्रस्तुत करेगा, निरीक्षण की सुविधा प्रदान करेगा और ऐसे निरीक्षण शुल्क का भुगतान करेगा जैसा कि केंद्र सरकार निर्देशित कर सकती है।
(7) यदि नियोक्ता किसी प्रतिष्ठान या प्रतिष्ठानों के वर्ग या कर्मचारी या कर्मचारियों के वर्ग के संबंध में, जिनके लिए उपधारा (1) के तहत छूट प्रदान की गई है, इस धारा के तहत निर्दिष्ट किसी भी शर्त का पालन करने में विफल रहता है, तो उपयुक्त सरकार ऐसी विफलता पर, इस प्रकार प्रदान की गई छूट को रद्द कर सकती है।
(8) जहां उपधारा (1) के अधीन दी गई कोई छूट रद्द की जाती है, तो ऐसे प्रतिष्ठान के छूट प्राप्त कोष में, जिस पर ऐसी छूट लागू होती थी, उसके खाते में जमा अधिशेष एवं भंडार तथा संचय की संपूर्ण राशि, यदि कोई हो, छूट प्रदान करने की शर्तों में निर्दिष्ट समय और तरीके से इस संहिता के अंतर्गत सृजित संबंधित वैधानिक कोष में स्थानांतरित कर दी जाएगी।
बशर्ते कि भविष्य निधि योजना, पेंशन योजना और बीमा योजना से छूट रद्द करने के संबंध में, छूट प्राप्त कर्मचारियों की संचित राशि को छूट प्राप्त निधियों से संबंधित निधियों में स्थानांतरित करने की समय सीमा, प्रपत्र और विधि संबंधित योजनाओं में निर्दिष्ट की जाएगी।
(9) इस धारा में किसी बात के होते हुए भी, उपधारा (1) के अधीन छूट प्राप्त प्रतिष्ठान का नियोक्ता, प्रतिष्ठान के न्यासी बोर्ड के संकल्प के बाद, आवेदन में निर्दिष्ट तिथि से उस उपधारा के अधीन दी गई छूट को वापस लेने के लिए उपयुक्त सरकार को आवेदन कर सकता है, और उपयुक्त सरकार उस आवेदन की प्राप्ति पर, नियोक्ता को आवेदन में निर्दिष्ट तिथि से इस संहिता के अधीन वैधानिक निधियों में अंशदान करने की अनुमति दे सकती है, और छूट रद्द करने के आवेदन पर कार्रवाई कर सकती है, और ऐसी रद्द होने पर, नियोक्ता और न्यासी बोर्ड प्रत्येक कर्मचारी के संचय और अधिशेष एवं भंडार को उपधारा (5) में निर्दिष्ट निधि से इस संहिता के अधीन संबंधित वैधानिक निधियों में ऐसे समय और ऐसे तरीके से हस्तांतरित करेंगे जैसा उपयुक्त सरकार द्वारा अधिसूचित किया जाए।
बशर्ते कि भविष्य निधि योजना, पेंशन योजना और बीमा योजना से छूट के किसी भी समर्पण के संबंध में, उप-धारा (5) में निर्दिष्ट निधि से छूट प्राप्त कर्मचारियों के संचय और अधिशेष और भंडार को इस संहिता के तहत संबंधित वैधानिक निधियों में स्थानांतरित करने की समय सीमा, प्रपत्र और तरीका ऐसा होगा जैसा कि अध्याय III के तहत बनाई गई संबंधित योजनाओं में निर्दिष्ट किया जा सकता है।
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