RE Act 86अध्याय X · Miscellaneous
धारा 86 · नियमों का निर्धारण।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) केंद्र सरकार द्वारा बनाया गया प्रत्येक नियम, दिल्ली केंद्र शासित प्रदेश और विधानमंडल रहित केंद्र शासित प्रदेशों के अधीन प्राधिकरण द्वारा बनाया गया प्रत्येक विनियम और इस अधिनियम के अंतर्गत केंद्र सरकार द्वारा जारी की गई प्रत्येक अधिसूचना, बनाए जाने के तुरंत बाद, संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष, जब वह सत्र में हो, कुल तीस दिनों की अवधि के लिए रखी जाएगी, जो एक सत्र या दो या दो से अधिक लगातार सत्रों में समाहित हो सकती है, और यदि उपर्युक्त सत्र या लगातार सत्रों के तुरंत बाद वाले सत्र की समाप्ति से पहले, दोनों सदन नियम या विनियम या अधिसूचना में कोई संशोधन करने पर सहमत हों, या दोनों सदन इस बात पर सहमत हों कि नियम या विनियम या अधिसूचना नहीं बनाई जानी चाहिए, तो नियम या विनियम या अधिसूचना, जैसा भी मामला हो, उसके बाद केवल ऐसे संशोधित रूप में प्रभावी होगी या अप्रभावी होगी; यद्यपि, ऐसा कोई भी संशोधन या निरस्तीकरण उस नियम या विनियम या अधिसूचना के अंतर्गत पहले किए गए किसी भी कार्य की वैधता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना होगा।
(2) राज्य सरकार या केंद्र शासित प्रदेश सरकार द्वारा बनाया गया प्रत्येक नियम, राज्य सरकार या [ पुडुचेरी केंद्र शासित प्रदेश सरकार या जम्मू और कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश सरकार] के अधीन प्राधिकरण द्वारा बनाया गया प्रत्येक विनियम, तथा राज्य सरकार या [ पुडुचेरी केंद्र शासित प्रदेश सरकार या जम्मू और कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश सरकार] द्वारा इस अधिनियम के अंतर्गत जारी की गई प्रत्येक अधिसूचना, बनाए जाने के तुरंत बाद, राज्य विधानमंडल या केंद्र शासित प्रदेश विधानमंडल के समक्ष रखी जाएगी, जहाँ दो सदन हों, या जहाँ ऐसा विधानमंडल एक सदन का हो, उस सदन के समक्ष रखी जाएगी।
(2) राज्य सरकार या केंद्र शासित प्रदेश सरकार द्वारा बनाया गया प्रत्येक नियम, राज्य सरकार या [ पुडुचेरी केंद्र शासित प्रदेश सरकार या जम्मू और कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश सरकार] के अधीन प्राधिकरण द्वारा बनाया गया प्रत्येक विनियम, तथा राज्य सरकार या [ पुडुचेरी केंद्र शासित प्रदेश सरकार या जम्मू और कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश सरकार] द्वारा इस अधिनियम के अंतर्गत जारी की गई प्रत्येक अधिसूचना, बनाए जाने के तुरंत बाद, राज्य विधानमंडल या केंद्र शासित प्रदेश विधानमंडल के समक्ष रखी जाएगी, जहाँ दो सदन हों, या जहाँ ऐसा विधानमंडल एक सदन का हो, उस सदन के समक्ष रखी जाएगी।
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