RE Act 77अध्याय IX · Finance, Accounts, Audits and Reports
धारा 77 · बजट, लेखा और लेखापरीक्षा।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) प्राधिकरण बजट तैयार करेगा, उचित खाते और अन्य प्रासंगिक अभिलेख रखेगा और भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक के परामर्श से उपयुक्त सरकार द्वारा निर्धारित प्रारूप में वार्षिक लेखा विवरण तैयार करेगा।
(2) प्राधिकरण के खातों का लेखापरीक्षा भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक द्वारा ऐसे अंतरालों पर की जाएगी जैसा कि उनके द्वारा निर्दिष्ट किया जाए और ऐसी लेखापरीक्षा के संबंध में किया गया कोई भी व्यय प्राधिकरण द्वारा भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक को देय होगा।
(3) नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक तथा इस अधिनियम के अंतर्गत प्राधिकरण के खातों के लेखापरीक्षा के संबंध में उनके द्वारा नियुक्त किसी भी व्यक्ति को ऐसे लेखापरीक्षा के संबंध में वही अधिकार, विशेषाधिकार और प्राधिकार प्राप्त होंगे जो नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक को सामान्यतः सरकारी खातों की लेखापरीक्षा के संबंध में प्राप्त होते हैं, और विशेष रूप से उन्हें पुस्तकों, खातों, संबंधित वाउचरों तथा अन्य दस्तावेजों और कागज़ातों की मांग करने और उन्हें प्रस्तुत करने तथा प्राधिकरण के किसी भी कार्यालय का निरीक्षण करने का अधिकार होगा।
(4) प्राधिकरण के खाते, जैसा कि भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक या उनके द्वारा इस संबंध में नियुक्त किसी अन्य व्यक्ति द्वारा प्रमाणित किया गया हो, लेखापरीक्षा रिपोर्ट सहित, प्राधिकरण द्वारा प्रतिवर्ष उपयुक्त सरकार को भेजे जाएंगे और उपयुक्त सरकार लेखापरीक्षा रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद यथाशीघ्र संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष या, जैसा भी मामला हो, राज्य विधानमंडल या केंद्र शासित प्रदेश विधानमंडल के समक्ष, जहां दो सदन हों, या जहां ऐसा विधानमंडल एक सदन का हो, उस सदन के समक्ष प्रस्तुत करवाएगी।
(2) प्राधिकरण के खातों का लेखापरीक्षा भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक द्वारा ऐसे अंतरालों पर की जाएगी जैसा कि उनके द्वारा निर्दिष्ट किया जाए और ऐसी लेखापरीक्षा के संबंध में किया गया कोई भी व्यय प्राधिकरण द्वारा भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक को देय होगा।
(3) नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक तथा इस अधिनियम के अंतर्गत प्राधिकरण के खातों के लेखापरीक्षा के संबंध में उनके द्वारा नियुक्त किसी भी व्यक्ति को ऐसे लेखापरीक्षा के संबंध में वही अधिकार, विशेषाधिकार और प्राधिकार प्राप्त होंगे जो नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक को सामान्यतः सरकारी खातों की लेखापरीक्षा के संबंध में प्राप्त होते हैं, और विशेष रूप से उन्हें पुस्तकों, खातों, संबंधित वाउचरों तथा अन्य दस्तावेजों और कागज़ातों की मांग करने और उन्हें प्रस्तुत करने तथा प्राधिकरण के किसी भी कार्यालय का निरीक्षण करने का अधिकार होगा।
(4) प्राधिकरण के खाते, जैसा कि भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक या उनके द्वारा इस संबंध में नियुक्त किसी अन्य व्यक्ति द्वारा प्रमाणित किया गया हो, लेखापरीक्षा रिपोर्ट सहित, प्राधिकरण द्वारा प्रतिवर्ष उपयुक्त सरकार को भेजे जाएंगे और उपयुक्त सरकार लेखापरीक्षा रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद यथाशीघ्र संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष या, जैसा भी मामला हो, राज्य विधानमंडल या केंद्र शासित प्रदेश विधानमंडल के समक्ष, जहां दो सदन हों, या जहां ऐसा विधानमंडल एक सदन का हो, उस सदन के समक्ष प्रस्तुत करवाएगी।
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