RE Act 82अध्याय X · Miscellaneous
धारा 82 · उपयुक्त सरकार के पास प्राधिकरण को निरस्त करने की शक्ति है।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) यदि किसी भी समय उपयुक्त सरकार की राय हो,---
(क) प्राधिकरण के नियंत्रण से परे परिस्थितियों के कारण, वह इस अधिनियम के प्रावधानों द्वारा या उसके अधीन उस पर लगाए गए कार्यों या कर्तव्यों का निर्वहन करने में असमर्थ है; या
(ख) प्राधिकरण ने इस अधिनियम के तहत उपयुक्त सरकार द्वारा दिए गए किसी भी निर्देश का अनुपालन करने में या इस अधिनियम के प्रावधानों के तहत उस पर लगाए गए कार्यों या कर्तव्यों के निर्वहन या प्रदर्शन में लगातार चूक की है और ऐसी चूक के परिणामस्वरूप प्राधिकरण की वित्तीय स्थिति या प्राधिकरण के प्रशासन को नुकसान हुआ है; या
(ग) ऐसी परिस्थितियाँ मौजूद हों जिनके कारण जनहित में ऐसा करना आवश्यक हो।
उपयुक्त सरकार अधिसूचना द्वारा प्राधिकरण को अधिकतम छह माह की अवधि के लिए, जैसा कि अधिसूचना में निर्दिष्ट किया जा सकता है, प्रतिस्थापित कर सकती है और राष्ट्रपति या राज्यपाल, जैसा भी मामला हो, द्वारा निर्देशित व्यक्ति या व्यक्तियों को इस अधिनियम के अंतर्गत शक्तियों का प्रयोग करने और कार्यों का निर्वहन करने के लिए नियुक्त कर सकती है।
बशर्ते कि ऐसी कोई अधिसूचना जारी करने से पहले, उपयुक्त सरकार प्राधिकरण को प्रस्तावित प्रतिस्थापन के विरुद्ध अभ्यावेदन देने का उचित अवसर देगी और प्राधिकरण के अभ्यावेदनों (यदि कोई हो) पर विचार करेगी।
(2) उपधारा (1) के तहत प्राधिकरण को निरस्त करने वाली अधिसूचना के प्रकाशन पर,---
(क) अध्यक्ष और अन्य सदस्य, पदच्युति की तिथि से अपने पद रिक्त कर देंगे;
(ख) इस अधिनियम के प्रावधानों के तहत प्राधिकरण द्वारा या उसकी ओर से प्रयोग या निर्वहन किए जाने वाले सभी अधिकार, कार्य और कर्तव्य, जब तक उपधारा (3) के तहत प्राधिकरण का पुनर्गठन नहीं हो जाता, तब तक उपधारा (1) में निर्दिष्ट व्यक्ति या व्यक्तियों द्वारा प्रयोग और निर्वहन किए जाएंगे; और
(ग) प्राधिकरण के स्वामित्व वाली या उसके नियंत्रण वाली सभी संपत्तियां, जब तक उप-धारा (3) के तहत प्राधिकरण का पुनर्गठन नहीं हो जाता, उपयुक्त सरकार में निहित रहेंगी।
(3) उपधारा (1) के तहत जारी अधिसूचना में निर्दिष्ट अधिक्रमण की अवधि समाप्त होने से पहले या उस दिन, उपयुक्त सरकार इसके अध्यक्ष और अन्य सदस्यों की नई नियुक्ति द्वारा प्राधिकरण का पुनर्गठन करेगी और ऐसे मामले में, उपधारा (2) के खंड (क) के तहत अपना पद खाली करने वाला कोई भी व्यक्ति पुनर्नियुक्ति के लिए अयोग्य नहीं माना जाएगा।
(4) उपयुक्त सरकार उप-धारा (1) के तहत जारी अधिसूचना की एक प्रति और इस धारा के तहत की गई किसी भी कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट तथा ऐसी कार्रवाई की ओर ले जाने वाली परिस्थितियों को संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष या, जैसा भी मामला हो, राज्य विधानमंडल या केंद्र शासित प्रदेश विधानमंडल के समक्ष, जहां दो सदन हों, या जहां ऐसा विधानमंडल एक सदन का हो, उस सदन के समक्ष प्रस्तुत करवाएगी।
(क) प्राधिकरण के नियंत्रण से परे परिस्थितियों के कारण, वह इस अधिनियम के प्रावधानों द्वारा या उसके अधीन उस पर लगाए गए कार्यों या कर्तव्यों का निर्वहन करने में असमर्थ है; या
(ख) प्राधिकरण ने इस अधिनियम के तहत उपयुक्त सरकार द्वारा दिए गए किसी भी निर्देश का अनुपालन करने में या इस अधिनियम के प्रावधानों के तहत उस पर लगाए गए कार्यों या कर्तव्यों के निर्वहन या प्रदर्शन में लगातार चूक की है और ऐसी चूक के परिणामस्वरूप प्राधिकरण की वित्तीय स्थिति या प्राधिकरण के प्रशासन को नुकसान हुआ है; या
(ग) ऐसी परिस्थितियाँ मौजूद हों जिनके कारण जनहित में ऐसा करना आवश्यक हो।
उपयुक्त सरकार अधिसूचना द्वारा प्राधिकरण को अधिकतम छह माह की अवधि के लिए, जैसा कि अधिसूचना में निर्दिष्ट किया जा सकता है, प्रतिस्थापित कर सकती है और राष्ट्रपति या राज्यपाल, जैसा भी मामला हो, द्वारा निर्देशित व्यक्ति या व्यक्तियों को इस अधिनियम के अंतर्गत शक्तियों का प्रयोग करने और कार्यों का निर्वहन करने के लिए नियुक्त कर सकती है।
बशर्ते कि ऐसी कोई अधिसूचना जारी करने से पहले, उपयुक्त सरकार प्राधिकरण को प्रस्तावित प्रतिस्थापन के विरुद्ध अभ्यावेदन देने का उचित अवसर देगी और प्राधिकरण के अभ्यावेदनों (यदि कोई हो) पर विचार करेगी।
(2) उपधारा (1) के तहत प्राधिकरण को निरस्त करने वाली अधिसूचना के प्रकाशन पर,---
(क) अध्यक्ष और अन्य सदस्य, पदच्युति की तिथि से अपने पद रिक्त कर देंगे;
(ख) इस अधिनियम के प्रावधानों के तहत प्राधिकरण द्वारा या उसकी ओर से प्रयोग या निर्वहन किए जाने वाले सभी अधिकार, कार्य और कर्तव्य, जब तक उपधारा (3) के तहत प्राधिकरण का पुनर्गठन नहीं हो जाता, तब तक उपधारा (1) में निर्दिष्ट व्यक्ति या व्यक्तियों द्वारा प्रयोग और निर्वहन किए जाएंगे; और
(ग) प्राधिकरण के स्वामित्व वाली या उसके नियंत्रण वाली सभी संपत्तियां, जब तक उप-धारा (3) के तहत प्राधिकरण का पुनर्गठन नहीं हो जाता, उपयुक्त सरकार में निहित रहेंगी।
(3) उपधारा (1) के तहत जारी अधिसूचना में निर्दिष्ट अधिक्रमण की अवधि समाप्त होने से पहले या उस दिन, उपयुक्त सरकार इसके अध्यक्ष और अन्य सदस्यों की नई नियुक्ति द्वारा प्राधिकरण का पुनर्गठन करेगी और ऐसे मामले में, उपधारा (2) के खंड (क) के तहत अपना पद खाली करने वाला कोई भी व्यक्ति पुनर्नियुक्ति के लिए अयोग्य नहीं माना जाएगा।
(4) उपयुक्त सरकार उप-धारा (1) के तहत जारी अधिसूचना की एक प्रति और इस धारा के तहत की गई किसी भी कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट तथा ऐसी कार्रवाई की ओर ले जाने वाली परिस्थितियों को संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष या, जैसा भी मामला हो, राज्य विधानमंडल या केंद्र शासित प्रदेश विधानमंडल के समक्ष, जहां दो सदन हों, या जहां ऐसा विधानमंडल एक सदन का हो, उस सदन के समक्ष प्रस्तुत करवाएगी।
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