PPVFR Act 76अध्याय X · Offences, penalties and procedure
धारा 76 · वह प्रक्रिया जिसमें आरोपी द्वारा पंजीकरण की वैधता पर सवाल उठाया जाता है।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) जहां इस अधिनियम के तहत आरोपित अपराध किसी किस्म या उसके प्रसार सामग्री या उससे प्राप्त किसी किस्म या उसके प्रसार सामग्री से संबंधित है जो इस अधिनियम के तहत पंजीकृत है और आरोपी यह दलील देता है कि ऐसी किस्म या उसके प्रसार सामग्री या उससे प्राप्त किसी किस्म या उसके प्रसार सामग्री का पंजीकरण, जैसा भी मामला हो, अमान्य है और न्यायालय संतुष्ट है कि ऐसा अपराध प्रथम दृष्टया मान्य नहीं है, तो वह आरोप पर आगे कार्यवाही नहीं करेगा बल्कि आरोपी की दलील दर्ज होने की तारीख से तीन महीने के लिए कार्यवाही स्थगित कर देगा ताकि आरोपी पंजीकरण के अमान्य होने के आधार पर रजिस्टर में सुधार के लिए इस अधिनियम के तहत रजिस्ट्रार के समक्ष आवेदन दाखिल कर सके।
(2) यदि अभियुक्त न्यायालय को यह सिद्ध कर दे कि उसने ऐसा आवेदन निर्धारित समय के भीतर या न्यायालय द्वारा पर्याप्त कारणवश अनुमत अतिरिक्त समय के भीतर किया है, तो सुधार के लिए ऐसे आवेदन के निपटारे तक अभियोजन की आगे की कार्यवाही स्थगित रहेगी।
(3) यदि तीन महीने की अवधि के भीतर या न्यायालय द्वारा अनुमत विस्तारित समय के भीतर, अभियुक्त रजिस्टर के सुधार के लिए रजिस्ट्रार को आवेदन करने में विफल रहता है, तो न्यायालय मामले की कार्यवाही इस प्रकार करेगा मानो पंजीकरण वैध हो।
(4) जहां उपधारा (1) में निर्दिष्ट अपराध की शिकायत दर्ज होने से पहले, प्रश्नगत किस्म या उसके प्रवर्धन पदार्थ या उससे व्युत्पन्न किस्म या उसके प्रवर्धन पदार्थ के पंजीकरण से संबंधित रजिस्टर में सुधार के लिए, ऐसे पंजीकरण की अमान्यता के आधार पर, रजिस्ट्रार को विधिवत रूप से आवेदन किया गया हो और रजिस्ट्रार के समक्ष लंबित हो, तो न्यायालय उक्त आवेदन के निपटारे तक अभियोजन की कार्यवाही को स्थगित रखेगा और सुधार के आवेदन के परिणाम के अनुसार अभियुक्त के विरुद्ध आरोप का निर्धारण करेगा।
(2) यदि अभियुक्त न्यायालय को यह सिद्ध कर दे कि उसने ऐसा आवेदन निर्धारित समय के भीतर या न्यायालय द्वारा पर्याप्त कारणवश अनुमत अतिरिक्त समय के भीतर किया है, तो सुधार के लिए ऐसे आवेदन के निपटारे तक अभियोजन की आगे की कार्यवाही स्थगित रहेगी।
(3) यदि तीन महीने की अवधि के भीतर या न्यायालय द्वारा अनुमत विस्तारित समय के भीतर, अभियुक्त रजिस्टर के सुधार के लिए रजिस्ट्रार को आवेदन करने में विफल रहता है, तो न्यायालय मामले की कार्यवाही इस प्रकार करेगा मानो पंजीकरण वैध हो।
(4) जहां उपधारा (1) में निर्दिष्ट अपराध की शिकायत दर्ज होने से पहले, प्रश्नगत किस्म या उसके प्रवर्धन पदार्थ या उससे व्युत्पन्न किस्म या उसके प्रवर्धन पदार्थ के पंजीकरण से संबंधित रजिस्टर में सुधार के लिए, ऐसे पंजीकरण की अमान्यता के आधार पर, रजिस्ट्रार को विधिवत रूप से आवेदन किया गया हो और रजिस्ट्रार के समक्ष लंबित हो, तो न्यायालय उक्त आवेदन के निपटारे तक अभियोजन की कार्यवाही को स्थगित रखेगा और सुधार के आवेदन के परिणाम के अनुसार अभियुक्त के विरुद्ध आरोप का निर्धारण करेगा।
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