PPVFR Act 3अध्याय II · Protection of Plant Varieties and Farmers’ Rights Authority
धारा 3 · प्राधिकरण की स्थापना।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) केंद्र सरकार, आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिए पादप किस्मों और किसानों के अधिकारों के संरक्षण प्राधिकरण के नाम से एक प्राधिकरण की स्थापना करेगी।
(2) प्राधिकरण उपर्युक्त नाम से निगमित निकाय होगा, जिसका शाश्वत उत्तराधिकार और एक सामान्य मुहर होगी, और उसे चल और अचल दोनों प्रकार की संपत्तियों को प्राप्त करने, धारण करने और निपटाने तथा अनुबंध करने का अधिकार होगा, तथा उक्त नाम से मुकदमा कर सकेगा और उस पर मुकदमा किया जा सकेगा।
(3) प्राधिकरण का प्रधान कार्यालय ऐसे स्थान पर होगा जैसा केंद्र सरकार आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना द्वारा निर्दिष्ट करे तथा प्राधिकरण केंद्र सरकार की पूर्व स्वीकृति से भारत में अन्य स्थानों पर शाखा कार्यालय स्थापित कर सकता है।
(4) प्राधिकरण में एक अध्यक्ष और पंद्रह सदस्य होंगे।
(5) (क) केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त अध्यक्ष, असाधारण योग्यता और प्रतिष्ठा वाला व्यक्ति होगा, जिसे विशेषकर पादप किस्मों के अनुसंधान या कृषि विकास के क्षेत्र में उस सरकार की संतुष्टि के अनुरूप लंबा व्यावहारिक अनुभव हो।
(ख) केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त किए जाने वाले प्राधिकरण के सदस्य निम्नलिखित होंगे, अर्थात्:--
(i) कृषि आयुक्त, भारत सरकार, कृषि एवं सहकारिता विभाग, नई दिल्ली, पदेन ;
(ii) भारतीय कृषि परिषद के फसल विज्ञान प्रभारी उप महानिदेशक अनुसंधान, नई दिल्ली, पदेन ;
(iii) भारत सरकार, कृषि एवं सहकारिता विभाग, नई दिल्ली के बीज प्रभारी संयुक्त सचिव, पदेन ;
(iv) बागवानी आयुक्त, भारत सरकार, कृषि एवं सहकारिता विभाग, नई दिल्ली, पदेन ;
(v) निदेशक, राष्ट्रीय पादप आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो, नई दिल्ली, पदेन ;
(vi) भारत सरकार के संयुक्त सचिव के पद से नीचे का एक सदस्य, भारत सरकार के जैव प्रौद्योगिकी विभाग का प्रतिनिधित्व करने के लिए, पदेन सदस्य होगा ;
(vii) भारत सरकार के संयुक्त सचिव के पद से नीचे का एक सदस्य, भारत सरकार के पर्यावरण और वन मंत्रालय का प्रतिनिधित्व करने के लिए, पदेन सदस्य होगा ;
(viii) भारत सरकार के विधि, न्याय और कंपनी मामलों के मंत्रालय का प्रतिनिधित्व करने के लिए भारत सरकार के संयुक्त सचिव के पद से नीचे का एक सदस्य;
(ix) राष्ट्रीय या राज्य स्तरीय किसान संगठन से एक प्रतिनिधि को केंद्र सरकार द्वारा मनोनीत किया जाएगा;
(x) केंद्र सरकार द्वारा मनोनीत जनजातीय संगठन से एक प्रतिनिधि;
(xi) बीज उद्योग से एक प्रतिनिधि जिसे केंद्र सरकार द्वारा नामित किया जाएगा;
(xii) केंद्र सरकार द्वारा मनोनीत कृषि विश्वविद्यालय से एक प्रतिनिधि;
(xiii) कृषि गतिविधियों से संबद्ध राष्ट्रीय या राज्य स्तरीय महिला संगठन से एक प्रतिनिधि को केंद्र सरकार द्वारा मनोनीत किया जाएगा; और
(xiv) केंद्र सरकार द्वारा रोटेशन के आधार पर मनोनीत किए जाने वाले राज्य सरकारों के दो प्रतिनिधि।
(ग) रजिस्ट्रार-जनरल प्राधिकरण के पदेन सदस्य-सचिव होंगे।
(6) अध्यक्ष का कार्यकाल और पद भरने का तरीका ऐसा होगा जैसा निर्धारित किया जाए।
(7) अध्यक्ष पांच सदस्यों वाली एक स्थायी समिति नियुक्त करेगा, जिनमें से एक सदस्य किसान संगठन का प्रतिनिधि होगा, जो किसानों के अधिकारों सहित सभी मुद्दों पर प्राधिकरण को सलाह देगा।
(8) अध्यक्ष वेतन और भत्तों के हकदार होंगे तथा अवकाश, पेंशन, भविष्य निधि और अन्य मामलों के संबंध में ऐसी सेवा शर्तों के अधीन होंगे जो निर्धारित की जा सकें। प्राधिकरण की बैठकों में भाग लेने के लिए गैर-सरकारी सदस्यों के भत्ते ऐसे होंगे जो निर्धारित किए जा सकें।
(9) अध्यक्ष केंद्र सरकार को लिखित सूचना देकर अपने पद से इस्तीफा दे सकता है और ऐसा इस्तीफा स्वीकार किए जाने पर, उसे अपना पद खाली माना जाएगा।
(10) अध्यक्ष के त्यागपत्र पर या किसी कारणवश अध्यक्ष का पद रिक्त होने पर, केंद्र सरकार उपधारा (5) के खंड (क) के अनुसार नियमित अध्यक्ष की नियुक्ति होने तक किसी सदस्य को कार्यवाहक अध्यक्ष नियुक्त कर सकती है।
(2) प्राधिकरण उपर्युक्त नाम से निगमित निकाय होगा, जिसका शाश्वत उत्तराधिकार और एक सामान्य मुहर होगी, और उसे चल और अचल दोनों प्रकार की संपत्तियों को प्राप्त करने, धारण करने और निपटाने तथा अनुबंध करने का अधिकार होगा, तथा उक्त नाम से मुकदमा कर सकेगा और उस पर मुकदमा किया जा सकेगा।
(3) प्राधिकरण का प्रधान कार्यालय ऐसे स्थान पर होगा जैसा केंद्र सरकार आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना द्वारा निर्दिष्ट करे तथा प्राधिकरण केंद्र सरकार की पूर्व स्वीकृति से भारत में अन्य स्थानों पर शाखा कार्यालय स्थापित कर सकता है।
(4) प्राधिकरण में एक अध्यक्ष और पंद्रह सदस्य होंगे।
(5) (क) केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त अध्यक्ष, असाधारण योग्यता और प्रतिष्ठा वाला व्यक्ति होगा, जिसे विशेषकर पादप किस्मों के अनुसंधान या कृषि विकास के क्षेत्र में उस सरकार की संतुष्टि के अनुरूप लंबा व्यावहारिक अनुभव हो।
(ख) केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त किए जाने वाले प्राधिकरण के सदस्य निम्नलिखित होंगे, अर्थात्:--
(i) कृषि आयुक्त, भारत सरकार, कृषि एवं सहकारिता विभाग, नई दिल्ली, पदेन ;
(ii) भारतीय कृषि परिषद के फसल विज्ञान प्रभारी उप महानिदेशक अनुसंधान, नई दिल्ली, पदेन ;
(iii) भारत सरकार, कृषि एवं सहकारिता विभाग, नई दिल्ली के बीज प्रभारी संयुक्त सचिव, पदेन ;
(iv) बागवानी आयुक्त, भारत सरकार, कृषि एवं सहकारिता विभाग, नई दिल्ली, पदेन ;
(v) निदेशक, राष्ट्रीय पादप आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो, नई दिल्ली, पदेन ;
(vi) भारत सरकार के संयुक्त सचिव के पद से नीचे का एक सदस्य, भारत सरकार के जैव प्रौद्योगिकी विभाग का प्रतिनिधित्व करने के लिए, पदेन सदस्य होगा ;
(vii) भारत सरकार के संयुक्त सचिव के पद से नीचे का एक सदस्य, भारत सरकार के पर्यावरण और वन मंत्रालय का प्रतिनिधित्व करने के लिए, पदेन सदस्य होगा ;
(viii) भारत सरकार के विधि, न्याय और कंपनी मामलों के मंत्रालय का प्रतिनिधित्व करने के लिए भारत सरकार के संयुक्त सचिव के पद से नीचे का एक सदस्य;
(ix) राष्ट्रीय या राज्य स्तरीय किसान संगठन से एक प्रतिनिधि को केंद्र सरकार द्वारा मनोनीत किया जाएगा;
(x) केंद्र सरकार द्वारा मनोनीत जनजातीय संगठन से एक प्रतिनिधि;
(xi) बीज उद्योग से एक प्रतिनिधि जिसे केंद्र सरकार द्वारा नामित किया जाएगा;
(xii) केंद्र सरकार द्वारा मनोनीत कृषि विश्वविद्यालय से एक प्रतिनिधि;
(xiii) कृषि गतिविधियों से संबद्ध राष्ट्रीय या राज्य स्तरीय महिला संगठन से एक प्रतिनिधि को केंद्र सरकार द्वारा मनोनीत किया जाएगा; और
(xiv) केंद्र सरकार द्वारा रोटेशन के आधार पर मनोनीत किए जाने वाले राज्य सरकारों के दो प्रतिनिधि।
(ग) रजिस्ट्रार-जनरल प्राधिकरण के पदेन सदस्य-सचिव होंगे।
(6) अध्यक्ष का कार्यकाल और पद भरने का तरीका ऐसा होगा जैसा निर्धारित किया जाए।
(7) अध्यक्ष पांच सदस्यों वाली एक स्थायी समिति नियुक्त करेगा, जिनमें से एक सदस्य किसान संगठन का प्रतिनिधि होगा, जो किसानों के अधिकारों सहित सभी मुद्दों पर प्राधिकरण को सलाह देगा।
(8) अध्यक्ष वेतन और भत्तों के हकदार होंगे तथा अवकाश, पेंशन, भविष्य निधि और अन्य मामलों के संबंध में ऐसी सेवा शर्तों के अधीन होंगे जो निर्धारित की जा सकें। प्राधिकरण की बैठकों में भाग लेने के लिए गैर-सरकारी सदस्यों के भत्ते ऐसे होंगे जो निर्धारित किए जा सकें।
(9) अध्यक्ष केंद्र सरकार को लिखित सूचना देकर अपने पद से इस्तीफा दे सकता है और ऐसा इस्तीफा स्वीकार किए जाने पर, उसे अपना पद खाली माना जाएगा।
(10) अध्यक्ष के त्यागपत्र पर या किसी कारणवश अध्यक्ष का पद रिक्त होने पर, केंद्र सरकार उपधारा (5) के खंड (क) के अनुसार नियमित अध्यक्ष की नियुक्ति होने तक किसी सदस्य को कार्यवाहक अध्यक्ष नियुक्त कर सकती है।
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