PPVFR Act 24अध्याय IV · Duration and Effect of Registration and Benefit Sharing
धारा 24 · पंजीकरण प्रमाण पत्र जारी करना।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) जब किसी किस्म (मूलतः व्युत्पन्न किस्म को छोड़कर) के पंजीकरण के लिए आवेदन स्वीकार कर लिया गया हो और या तो--
(क) आवेदन का विरोध नहीं किया गया है और विरोध की सूचना देने का समय समाप्त हो गया है; या
(ख) आवेदन का विरोध किया गया है और विरोध को खारिज कर दिया गया है,
रजिस्ट्रार किस्म का पंजीकरण करेगा।
(2) किसी किस्म (मूल रूप से व्युत्पन्न किस्म को छोड़कर) के पंजीकरण पर, रजिस्ट्रार आवेदक को निर्धारित प्रपत्र में पंजीकरण प्रमाण पत्र जारी करेगा, जिस पर रजिस्ट्री की मुहर लगी होगी, और उसकी एक प्रति लाभ-साझाकरण के निर्धारण हेतु प्राधिकरण को तथा सूचना हेतु ऐसे अन्य प्राधिकरण को भेजेगा, जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है। किसी किस्म के पंजीकरण के लिए आवेदन दाखिल करने की तिथि से पंजीकरण प्रमाण पत्र जारी करने के लिए रजिस्ट्रार द्वारा अपेक्षित अधिकतम समय ऐसा होगा जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है।
(3) यदि किसी किस्म (आनुवंशिक रूप से व्युत्पन्न किस्म को छोड़कर) का पंजीकरण आवेदक की ओर से चूक के कारण आवेदन की तिथि से बारह महीने के भीतर पूरा नहीं होता है, तो रजिस्ट्रार, आवेदक को निर्धारित तरीके से नोटिस देने के बाद, आवेदन को परित्यक्त मान सकता है, जब तक कि वह नोटिस में इस संबंध में निर्दिष्ट समय के भीतर पूरा न हो जाए।
(4) रजिस्ट्रार लिपिकीय त्रुटि या स्पष्ट गलती को सुधारने के उद्देश्य से रजिस्टर या पंजीकरण प्रमाण पत्र में संशोधन कर सकता है।
(5) रजिस्ट्रार को पंजीकरण के लिए आवेदन दाखिल करने और प्राधिकरण द्वारा ऐसे आवेदन पर निर्णय लेने के बीच की अवधि के दौरान किसी तीसरे पक्ष द्वारा किए गए किसी भी दुर्व्यवहारपूर्ण कृत्य के खिलाफ प्रजनक के हितों की रक्षा के लिए ऐसे निर्देश जारी करने का अधिकार होगा।
(6) इस धारा या धारा 23 की उपधारा (8) के तहत जारी किया गया पंजीकरण प्रमाण पत्र वृक्षों और लताओं के मामले में नौ वर्ष और अन्य फसलों के मामले में छह वर्ष के लिए वैध होगा और इस संबंध में बनाए गए नियमों द्वारा निर्धारित शुल्क के भुगतान पर शेष अवधि के लिए इसकी समीक्षा और नवीनीकरण किया जा सकता है, बशर्ते कि वैधता की कुल अवधि इससे अधिक न हो,--
(i) वृक्षों और लताओं के मामले में, किस्म के पंजीकरण की तिथि से अठारह वर्ष;
(ii) किसी प्रचलित किस्म के मामले में, बीज अधिनियम, 1966 (54 ऑफ 1966) की धारा 5 के तहत केंद्र सरकार द्वारा उस किस्म की अधिसूचना जारी होने की तिथि से पंद्रह वर्ष; और
(iii) अन्य मामलों में, किस्म के पंजीकरण की तिथि से पंद्रह वर्ष।
(क) आवेदन का विरोध नहीं किया गया है और विरोध की सूचना देने का समय समाप्त हो गया है; या
(ख) आवेदन का विरोध किया गया है और विरोध को खारिज कर दिया गया है,
रजिस्ट्रार किस्म का पंजीकरण करेगा।
(2) किसी किस्म (मूल रूप से व्युत्पन्न किस्म को छोड़कर) के पंजीकरण पर, रजिस्ट्रार आवेदक को निर्धारित प्रपत्र में पंजीकरण प्रमाण पत्र जारी करेगा, जिस पर रजिस्ट्री की मुहर लगी होगी, और उसकी एक प्रति लाभ-साझाकरण के निर्धारण हेतु प्राधिकरण को तथा सूचना हेतु ऐसे अन्य प्राधिकरण को भेजेगा, जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है। किसी किस्म के पंजीकरण के लिए आवेदन दाखिल करने की तिथि से पंजीकरण प्रमाण पत्र जारी करने के लिए रजिस्ट्रार द्वारा अपेक्षित अधिकतम समय ऐसा होगा जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है।
(3) यदि किसी किस्म (आनुवंशिक रूप से व्युत्पन्न किस्म को छोड़कर) का पंजीकरण आवेदक की ओर से चूक के कारण आवेदन की तिथि से बारह महीने के भीतर पूरा नहीं होता है, तो रजिस्ट्रार, आवेदक को निर्धारित तरीके से नोटिस देने के बाद, आवेदन को परित्यक्त मान सकता है, जब तक कि वह नोटिस में इस संबंध में निर्दिष्ट समय के भीतर पूरा न हो जाए।
(4) रजिस्ट्रार लिपिकीय त्रुटि या स्पष्ट गलती को सुधारने के उद्देश्य से रजिस्टर या पंजीकरण प्रमाण पत्र में संशोधन कर सकता है।
(5) रजिस्ट्रार को पंजीकरण के लिए आवेदन दाखिल करने और प्राधिकरण द्वारा ऐसे आवेदन पर निर्णय लेने के बीच की अवधि के दौरान किसी तीसरे पक्ष द्वारा किए गए किसी भी दुर्व्यवहारपूर्ण कृत्य के खिलाफ प्रजनक के हितों की रक्षा के लिए ऐसे निर्देश जारी करने का अधिकार होगा।
(6) इस धारा या धारा 23 की उपधारा (8) के तहत जारी किया गया पंजीकरण प्रमाण पत्र वृक्षों और लताओं के मामले में नौ वर्ष और अन्य फसलों के मामले में छह वर्ष के लिए वैध होगा और इस संबंध में बनाए गए नियमों द्वारा निर्धारित शुल्क के भुगतान पर शेष अवधि के लिए इसकी समीक्षा और नवीनीकरण किया जा सकता है, बशर्ते कि वैधता की कुल अवधि इससे अधिक न हो,--
(i) वृक्षों और लताओं के मामले में, किस्म के पंजीकरण की तिथि से अठारह वर्ष;
(ii) किसी प्रचलित किस्म के मामले में, बीज अधिनियम, 1966 (54 ऑफ 1966) की धारा 5 के तहत केंद्र सरकार द्वारा उस किस्म की अधिसूचना जारी होने की तिथि से पंद्रह वर्ष; और
(iii) अन्य मामलों में, किस्म के पंजीकरण की तिथि से पंद्रह वर्ष।
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