PPVFR Act 4अध्याय II · Protection of Plant Varieties and Farmers’ Rights Authority
धारा 4 · प्राधिकारियों की बैठकें।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) प्राधिकरण ऐसे समय और स्थान पर बैठक करेगा तथा अपनी बैठकों में कामकाज के संचालन के संबंध में प्रक्रिया के ऐसे नियमों का पालन करेगा [जिसमें उसकी बैठकों में कोरम और धारा 3 की उपधारा (7) के तहत नियुक्त उसकी स्थायी समिति के कामकाज का संचालन शामिल है] जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है।
(2) प्राधिकरण के अध्यक्ष प्राधिकरण की बैठकों की अध्यक्षता करेंगे।
(3) यदि किसी कारणवश अध्यक्ष प्राधिकरण की किसी बैठक में उपस्थित होने में असमर्थ हो, तो उपस्थित सदस्यों द्वारा चुना गया प्राधिकरण का कोई सदस्य बैठक की अध्यक्षता करेगा।
(4) प्राधिकरण की किसी भी बैठक के समक्ष आने वाले सभी प्रश्नों का निर्णय प्राधिकरण के उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के बहुमत से किया जाएगा और मतों की समानता की स्थिति में, प्राधिकरण के अध्यक्ष या उनकी अनुपस्थिति में, अध्यक्षता करने वाले व्यक्ति को दूसरा या निर्णायक मत देने का अधिकार होगा।
(5) प्रत्येक सदस्य जो किसी भी तरह से, चाहे प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष या व्यक्तिगत रूप से, बैठक में तय किए जाने वाले किसी मामले से संबंधित या रुचि रखता हो, उसे अपनी चिंता या रुचि की प्रकृति का खुलासा करना होगा और ऐसे खुलासे के बाद, संबंधित या रुचि रखने वाला सदस्य उस बैठक में उपस्थित नहीं होगा।
(6) प्राधिकरण का कोई भी कार्य या कार्यवाही मात्र निम्नलिखित कारणों से अमान्य नहीं होगी--
(क) प्राधिकरण में कोई रिक्ति, या प्राधिकरण की संरचना में कोई दोष; या
(ख) प्राधिकरण के अध्यक्ष या सदस्य के रूप में कार्य करने वाले व्यक्ति की नियुक्ति में कोई दोष; या
(ग) प्राधिकरण की प्रक्रिया में कोई अनियमितता जो मामले के गुण-दोष को प्रभावित न करे।
(2) प्राधिकरण के अध्यक्ष प्राधिकरण की बैठकों की अध्यक्षता करेंगे।
(3) यदि किसी कारणवश अध्यक्ष प्राधिकरण की किसी बैठक में उपस्थित होने में असमर्थ हो, तो उपस्थित सदस्यों द्वारा चुना गया प्राधिकरण का कोई सदस्य बैठक की अध्यक्षता करेगा।
(4) प्राधिकरण की किसी भी बैठक के समक्ष आने वाले सभी प्रश्नों का निर्णय प्राधिकरण के उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के बहुमत से किया जाएगा और मतों की समानता की स्थिति में, प्राधिकरण के अध्यक्ष या उनकी अनुपस्थिति में, अध्यक्षता करने वाले व्यक्ति को दूसरा या निर्णायक मत देने का अधिकार होगा।
(5) प्रत्येक सदस्य जो किसी भी तरह से, चाहे प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष या व्यक्तिगत रूप से, बैठक में तय किए जाने वाले किसी मामले से संबंधित या रुचि रखता हो, उसे अपनी चिंता या रुचि की प्रकृति का खुलासा करना होगा और ऐसे खुलासे के बाद, संबंधित या रुचि रखने वाला सदस्य उस बैठक में उपस्थित नहीं होगा।
(6) प्राधिकरण का कोई भी कार्य या कार्यवाही मात्र निम्नलिखित कारणों से अमान्य नहीं होगी--
(क) प्राधिकरण में कोई रिक्ति, या प्राधिकरण की संरचना में कोई दोष; या
(ख) प्राधिकरण के अध्यक्ष या सदस्य के रूप में कार्य करने वाले व्यक्ति की नियुक्ति में कोई दोष; या
(ग) प्राधिकरण की प्रक्रिया में कोई अनियमितता जो मामले के गुण-दोष को प्रभावित न करे।
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