PPVFR Act 31अध्याय IV · Duration and Effect of Registration and Benefit Sharing
धारा 31 · संधि देशों के नागरिकों द्वारा पंजीकरण के लिए आवेदन से संबंधित विशेष प्रावधान।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) भारत के बाहर किसी ऐसे देश के साथ संधि, समझौता या व्यवस्था की पूर्ति के उद्देश्य से, जो भारत के नागरिकों को अपने नागरिकों के समान विशेषाधिकार प्रदान करता है, केंद्र सरकार आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना द्वारा ऐसे देश को इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिए समझौता देश घोषित कर सकती है।
(2) जहाँ किसी व्यक्ति ने किसी किस्म के प्रजनक अधिकार प्रदान करने या किसी सम्मेलन देश में किस्मों के आधिकारिक रजिस्टर में ऐसी किस्म को दर्ज करने के लिए आवेदन किया है और वह व्यक्ति, या धारा 14 या धारा 23 के तहत उसकी ओर से आवेदन करने का हकदार कोई व्यक्ति, सम्मेलन देश में आवेदन किए जाने की तिथि के बारह महीने के भीतर भारत में ऐसी किस्म के पंजीकरण के लिए आवेदन करता है, तो ऐसी किस्म, यदि इस अधिनियम के तहत पंजीकृत है, तो सम्मेलन देश में आवेदन किए जाने की तिथि से पंजीकृत मानी जाएगी और इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिए वह तिथि पंजीकरण की तिथि मानी जाएगी।
(3) जहाँ किसी किस्म के प्रजनक अधिकार प्रदान करने के लिए, या ऐसी किस्म को दो या दो से अधिक सम्मेलन देशों में किस्मों के आधिकारिक रजिस्टर में दर्ज करने के लिए आवेदन किए गए हैं, तो उप-धारा (2) में निर्दिष्ट बारह महीने की अवधि उन आवेदनों में से पहले या सबसे पहले किए गए आवेदन की तारीख से गिनी जाएगी।
(4) इस अधिनियम में ऐसी कोई बात नहीं है जो किसी पंजीकृत किस्म के प्रजनक को इस अधिनियम के अंतर्गत पंजीकरण के आवेदन की तिथि से पूर्व में हुए इस अधिनियम के अंतर्गत संरक्षित अधिकारों के अलावा अन्य अधिकारों के उल्लंघन के लिए हकदार बनाए।
(2) जहाँ किसी व्यक्ति ने किसी किस्म के प्रजनक अधिकार प्रदान करने या किसी सम्मेलन देश में किस्मों के आधिकारिक रजिस्टर में ऐसी किस्म को दर्ज करने के लिए आवेदन किया है और वह व्यक्ति, या धारा 14 या धारा 23 के तहत उसकी ओर से आवेदन करने का हकदार कोई व्यक्ति, सम्मेलन देश में आवेदन किए जाने की तिथि के बारह महीने के भीतर भारत में ऐसी किस्म के पंजीकरण के लिए आवेदन करता है, तो ऐसी किस्म, यदि इस अधिनियम के तहत पंजीकृत है, तो सम्मेलन देश में आवेदन किए जाने की तिथि से पंजीकृत मानी जाएगी और इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिए वह तिथि पंजीकरण की तिथि मानी जाएगी।
(3) जहाँ किसी किस्म के प्रजनक अधिकार प्रदान करने के लिए, या ऐसी किस्म को दो या दो से अधिक सम्मेलन देशों में किस्मों के आधिकारिक रजिस्टर में दर्ज करने के लिए आवेदन किए गए हैं, तो उप-धारा (2) में निर्दिष्ट बारह महीने की अवधि उन आवेदनों में से पहले या सबसे पहले किए गए आवेदन की तारीख से गिनी जाएगी।
(4) इस अधिनियम में ऐसी कोई बात नहीं है जो किसी पंजीकृत किस्म के प्रजनक को इस अधिनियम के अंतर्गत पंजीकरण के आवेदन की तिथि से पूर्व में हुए इस अधिनियम के अंतर्गत संरक्षित अधिकारों के अलावा अन्य अधिकारों के उल्लंघन के लिए हकदार बनाए।
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