RPD Act 88अध्याय XV · State Fund for Persons with Disabilities
धारा 88 · विकलांग व्यक्तियों के लिए राज्य निधि।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) राज्य सरकार द्वारा राज्य सरकार द्वारा निर्धारित तरीके से विकलांग व्यक्तियों के लिए राज्य निधि नामक एक निधि का गठन किया जाएगा।
(2) विकलांग व्यक्तियों के लिए राज्य निधि का उपयोग और प्रबंधन राज्य सरकार द्वारा निर्धारित तरीके से किया जाएगा।
(3) प्रत्येक राज्य सरकार विकलांग व्यक्तियों के लिए राज्य निधि के उचित खाते और अन्य प्रासंगिक अभिलेख रखेगी, जिसमें आय और व्यय खाते भी शामिल होंगे, ऐसे प्रारूप में जैसा कि राज्य सरकार भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक के परामर्श से निर्धारित करे।
(4) विकलांग व्यक्तियों के लिए राज्य निधि के खातों का लेखापरीक्षा भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक द्वारा ऐसे अंतरालों पर की जाएगी जैसा कि उनके द्वारा निर्दिष्ट किया जाए और ऐसे लेखापरीक्षा के संबंध में उनके द्वारा किया गया कोई भी व्यय राज्य निधि से भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक को देय होगा।
(5) भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक और उनके द्वारा विकलांग व्यक्तियों के लिए राज्य निधि के खातों के लेखापरीक्षा के संबंध में नियुक्त किसी भी व्यक्ति को ऐसे लेखापरीक्षा के संबंध में वही अधिकार, विशेषाधिकार और प्राधिकार प्राप्त होंगे जो भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक को सामान्यतः सरकारी खातों की लेखापरीक्षा के संबंध में प्राप्त होते हैं, और विशेष रूप से, उन्हें लेखा-पुस्तकों, संबंधित वाउचरों और अन्य दस्तावेजों एवं कागजातों को प्रस्तुत करने की मांग करने और राज्य निधि के किसी भी कार्यालय का निरीक्षण करने का अधिकार होगा।
(6) विकलांग व्यक्तियों के लिए राज्य निधि के खाते, जैसा कि भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक या उनके द्वारा इस संबंध में नियुक्त किसी अन्य व्यक्ति द्वारा प्रमाणित किया गया हो, और उस पर लेखापरीक्षा रिपोर्ट सहित, राज्य विधानमंडल के प्रत्येक सदन के समक्ष रखे जाएंगे, यदि उसमें दो सदन हों, या यदि ऐसे विधानमंडल में एक सदन हो, तो उस सदन के समक्ष रखे जाएंगे।
(2) विकलांग व्यक्तियों के लिए राज्य निधि का उपयोग और प्रबंधन राज्य सरकार द्वारा निर्धारित तरीके से किया जाएगा।
(3) प्रत्येक राज्य सरकार विकलांग व्यक्तियों के लिए राज्य निधि के उचित खाते और अन्य प्रासंगिक अभिलेख रखेगी, जिसमें आय और व्यय खाते भी शामिल होंगे, ऐसे प्रारूप में जैसा कि राज्य सरकार भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक के परामर्श से निर्धारित करे।
(4) विकलांग व्यक्तियों के लिए राज्य निधि के खातों का लेखापरीक्षा भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक द्वारा ऐसे अंतरालों पर की जाएगी जैसा कि उनके द्वारा निर्दिष्ट किया जाए और ऐसे लेखापरीक्षा के संबंध में उनके द्वारा किया गया कोई भी व्यय राज्य निधि से भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक को देय होगा।
(5) भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक और उनके द्वारा विकलांग व्यक्तियों के लिए राज्य निधि के खातों के लेखापरीक्षा के संबंध में नियुक्त किसी भी व्यक्ति को ऐसे लेखापरीक्षा के संबंध में वही अधिकार, विशेषाधिकार और प्राधिकार प्राप्त होंगे जो भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक को सामान्यतः सरकारी खातों की लेखापरीक्षा के संबंध में प्राप्त होते हैं, और विशेष रूप से, उन्हें लेखा-पुस्तकों, संबंधित वाउचरों और अन्य दस्तावेजों एवं कागजातों को प्रस्तुत करने की मांग करने और राज्य निधि के किसी भी कार्यालय का निरीक्षण करने का अधिकार होगा।
(6) विकलांग व्यक्तियों के लिए राज्य निधि के खाते, जैसा कि भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक या उनके द्वारा इस संबंध में नियुक्त किसी अन्य व्यक्ति द्वारा प्रमाणित किया गया हो, और उस पर लेखापरीक्षा रिपोर्ट सहित, राज्य विधानमंडल के प्रत्येक सदन के समक्ष रखे जाएंगे, यदि उसमें दो सदन हों, या यदि ऐसे विधानमंडल में एक सदन हो, तो उस सदन के समक्ष रखे जाएंगे।
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