IF Act 85अध्याय XIII · Miscellaneous
धारा 85 · बन्धपत्र के अधीन शोध्य शास्तियों की वसूली
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
जबकि कोई व्यक्ति, इस अधिनियम के किसी उपबन्ध के अनुसार या उसके अधीन बनाए गए किसी नियम के अनुपालन में, किसी बन्धपत्र या लिखत द्वारा किसी कर्तव्य या कार्य के पालन के लिए, अपने को आबद्ध करता है, या किसी बन्धपत्र या लिखत द्वारा प्रसंविदा करता है कि मैं या मैं और मेरे सेवक और अभिकर्तागण किसी कार्य से प्रविरत रहेंगे, तब भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 (1872 का 9) की धारा 74 में किसी बात के होते हुए भी ऐसे बन्धपत्र या लिखत में जो राशि उसकी शर्तों के भंग होने की दशा में दी जाने वाली राशि के रूप में वर्णित है, ऐसे भंग होने की दशा में उस समस्त राशि को ऐसे वसूल किया जा सकेगा मानो वह राशि भू-राजस्व की बकाया हो।
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