IF Act 83अध्याय XIII · Miscellaneous
धारा 83 · ऐसे धन के लिए वन-उपज पर धारणाधिकार
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) जब कि किसी वन-उपज के लिए या उसके सम्बन्ध में ऐसा कोई धन देय है, तब उसकी राशि ऐसी उपज पर प्रथम भार समझी जाएगी, और जब तक कि ऐसी राशि चुका नहीं दी जाए तब तक के लिए ऐसी उपज-वन अधिकारी द्वारा अपने कब्जे में ली जा सकेगी।
(2) यदि जब यह राशि शोध्य होती है तब चुका नहीं दी जाती है, तो वन अधिकारी ऐसी उपज का लोक नीलाम द्वारा विक्रय कर सकेगा और विक्रय के आगमों को प्रथमतः ऐसी राशि को चुकाने में प्रयुक्त किया जाएगा।
(3) यदि कोई अतिशेष रहे, तो उस दशा में जिसमें कि उसके लिए हकदार व्यक्ति द्वारा दावा विक्रय की तारीख से दो मास के अन्दर नहीं किया जाता, वह सरकार को समपहृत हो जाएगा।
(2) यदि जब यह राशि शोध्य होती है तब चुका नहीं दी जाती है, तो वन अधिकारी ऐसी उपज का लोक नीलाम द्वारा विक्रय कर सकेगा और विक्रय के आगमों को प्रथमतः ऐसी राशि को चुकाने में प्रयुक्त किया जाएगा।
(3) यदि कोई अतिशेष रहे, तो उस दशा में जिसमें कि उसके लिए हकदार व्यक्ति द्वारा दावा विक्रय की तारीख से दो मास के अन्दर नहीं किया जाता, वह सरकार को समपहृत हो जाएगा।
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