JJ Act 95अध्याय X · Miscellaneous
धारा 95 · बच्चे को उसके निवास स्थान पर स्थानांतरित करना।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) यदि जांच के दौरान यह पाया जाता है कि कोई बच्चा अधिकार क्षेत्र से बाहर के स्थान से आया है, तो बोर्ड या समिति, जैसा भी मामला हो, उचित जांच के बाद संतुष्ट होने पर कि यह बच्चे के सर्वोत्तम हित में है और बच्चे के गृह जिले की समिति या बोर्ड से उचित परामर्श के बाद, बच्चे को यथाशीघ्र उक्त समिति या बोर्ड को प्रासंगिक दस्तावेजों सहित और निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए स्थानांतरित करने का आदेश देगी:
बशर्ते कि कानून के उल्लंघन में शामिल बच्चे के मामले में ऐसा स्थानांतरण केवल जांच पूरी होने और बोर्ड द्वारा अंतिम आदेश पारित होने के बाद ही किया जा सकता है:
इसके अलावा, अंतरराज्यीय स्थानांतरण की स्थिति में, यदि सुविधाजनक हो, तो बच्चे को उसके गृह जिले की समिति या बोर्ड को, या गृह राज्य की राजधानी में स्थित समिति या बोर्ड को सौंप दिया जाएगा।
(2) स्थानांतरण का निर्णय अंतिम रूप से तय हो जाने के बाद, समिति या बोर्ड, जैसा भी मामला हो, ऐसा आदेश प्राप्त होने के पंद्रह दिनों के भीतर विशेष किशोर पुलिस इकाई को बच्चे को एस्कॉर्ट करने का आदेश देगा:
बशर्ते कि बालिका के साथ एक महिला पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे:
इसके अलावा, यदि कोई विशेष किशोर पुलिस इकाई उपलब्ध नहीं है, तो समिति या बोर्ड, जैसा भी मामला हो, उस संस्था को निर्देश देगा जहां बच्चा अस्थायी रूप से रह रहा है या जिला बाल संरक्षण इकाई को निर्देश देगा कि यात्रा के दौरान बच्चे के साथ एक एस्कॉर्ट प्रदान किया जाए।
(3) राज्य सरकार बच्चे के साथ चलने वाले कर्मचारियों को यात्रा भत्ता प्रदान करने के लिए नियम बनाएगी, जिसका भुगतान अग्रिम रूप से किया जाएगा।
(4) समिति या बोर्ड, जैसा भी मामला हो, स्थानांतरित बच्चे को प्राप्त करने पर इस अधिनियम में दिए गए प्रावधानों के अनुसार बहाली या पुनर्वास या सामाजिक पुन: एकीकरण की प्रक्रिया करेगा।
बशर्ते कि कानून के उल्लंघन में शामिल बच्चे के मामले में ऐसा स्थानांतरण केवल जांच पूरी होने और बोर्ड द्वारा अंतिम आदेश पारित होने के बाद ही किया जा सकता है:
इसके अलावा, अंतरराज्यीय स्थानांतरण की स्थिति में, यदि सुविधाजनक हो, तो बच्चे को उसके गृह जिले की समिति या बोर्ड को, या गृह राज्य की राजधानी में स्थित समिति या बोर्ड को सौंप दिया जाएगा।
(2) स्थानांतरण का निर्णय अंतिम रूप से तय हो जाने के बाद, समिति या बोर्ड, जैसा भी मामला हो, ऐसा आदेश प्राप्त होने के पंद्रह दिनों के भीतर विशेष किशोर पुलिस इकाई को बच्चे को एस्कॉर्ट करने का आदेश देगा:
बशर्ते कि बालिका के साथ एक महिला पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे:
इसके अलावा, यदि कोई विशेष किशोर पुलिस इकाई उपलब्ध नहीं है, तो समिति या बोर्ड, जैसा भी मामला हो, उस संस्था को निर्देश देगा जहां बच्चा अस्थायी रूप से रह रहा है या जिला बाल संरक्षण इकाई को निर्देश देगा कि यात्रा के दौरान बच्चे के साथ एक एस्कॉर्ट प्रदान किया जाए।
(3) राज्य सरकार बच्चे के साथ चलने वाले कर्मचारियों को यात्रा भत्ता प्रदान करने के लिए नियम बनाएगी, जिसका भुगतान अग्रिम रूप से किया जाएगा।
(4) समिति या बोर्ड, जैसा भी मामला हो, स्थानांतरित बच्चे को प्राप्त करने पर इस अधिनियम में दिए गए प्रावधानों के अनुसार बहाली या पुनर्वास या सामाजिक पुन: एकीकरण की प्रक्रिया करेगा।
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