JJ Act 69अध्याय VIII · Adoption
धारा 69 · प्राधिकरण की संचालन समिति।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) प्राधिकरण के पास निम्नलिखित सदस्यों वाली एक संचालन समिति होगी:
(क) भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के सचिव, जो अध्यक्ष होंगे-- पदेन ;
(ख) भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के संयुक्त सचिव, प्राधिकारी से संबंधित मामलों में पदेन सचिव;
(ग) भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के संयुक्त सचिव, वित्त संबंधी मामलों के प्रभारी - पदेन सचिव;
(घ) एक राज्य दत्तक ग्रहण संसाधन एजेंसी और दो विशेष दत्तक ग्रहण एजेंसियां;
(ई) एक दत्तक अभिभावक और एक दत्तक बच्चा;
(f) पारिवारिक कानून में कम से कम दस वर्ष का अनुभव रखने वाला एक अधिवक्ता या प्रोफेसर;
(जी) सदस्य-सचिव, जो संगठन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी भी होंगे।
(2) उपधारा (1) के खंड (घ) से (च) में उल्लिखित सदस्यों के चयन या नामांकन के मानदंड, उनका कार्यकाल और उनकी नियुक्ति के नियम एवं शर्तें ऐसी होंगी जैसी निर्धारित की जा सकती हैं।
(3) संचालन समिति के निम्नलिखित कार्य होंगे, अर्थात्:---
(क) प्राधिकरण के कामकाज की देखरेख करना और समय-समय पर उसके कामकाज की समीक्षा करना ताकि वह सबसे प्रभावी तरीके से काम कर सके;
(ख) प्राधिकरण के वार्षिक बजट, वार्षिक खातों और लेखापरीक्षा रिपोर्टों के साथ-साथ कार्य योजना और वार्षिक रिपोर्ट को मंजूरी देना;
(ग) केंद्र सरकार की पूर्व स्वीकृति से प्राधिकरण के भर्ती नियम, सेवा नियम, वित्तीय नियम और संगठन के भीतर प्रशासनिक और कार्यक्रम संबंधी शक्तियों के प्रयोग के लिए अन्य विनियमों को अपनाना;
(घ) कोई अन्य कार्य जो केंद्र सरकार द्वारा समय-समय पर इसे सौंपा जा सकता है।
(4) संचालन समिति महीने में एक बार निर्धारित तरीके से बैठक करेगी।
(5) प्राधिकरण अपने मुख्यालय से और अपने क्षेत्रीय कार्यालयों के माध्यम से कार्य करेगा, जैसा कि इसकी कार्यात्मक आवश्यकता के अनुसार स्थापित किया जा सकता है।
(क) भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के सचिव, जो अध्यक्ष होंगे-- पदेन ;
(ख) भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के संयुक्त सचिव, प्राधिकारी से संबंधित मामलों में पदेन सचिव;
(ग) भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के संयुक्त सचिव, वित्त संबंधी मामलों के प्रभारी - पदेन सचिव;
(घ) एक राज्य दत्तक ग्रहण संसाधन एजेंसी और दो विशेष दत्तक ग्रहण एजेंसियां;
(ई) एक दत्तक अभिभावक और एक दत्तक बच्चा;
(f) पारिवारिक कानून में कम से कम दस वर्ष का अनुभव रखने वाला एक अधिवक्ता या प्रोफेसर;
(जी) सदस्य-सचिव, जो संगठन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी भी होंगे।
(2) उपधारा (1) के खंड (घ) से (च) में उल्लिखित सदस्यों के चयन या नामांकन के मानदंड, उनका कार्यकाल और उनकी नियुक्ति के नियम एवं शर्तें ऐसी होंगी जैसी निर्धारित की जा सकती हैं।
(3) संचालन समिति के निम्नलिखित कार्य होंगे, अर्थात्:---
(क) प्राधिकरण के कामकाज की देखरेख करना और समय-समय पर उसके कामकाज की समीक्षा करना ताकि वह सबसे प्रभावी तरीके से काम कर सके;
(ख) प्राधिकरण के वार्षिक बजट, वार्षिक खातों और लेखापरीक्षा रिपोर्टों के साथ-साथ कार्य योजना और वार्षिक रिपोर्ट को मंजूरी देना;
(ग) केंद्र सरकार की पूर्व स्वीकृति से प्राधिकरण के भर्ती नियम, सेवा नियम, वित्तीय नियम और संगठन के भीतर प्रशासनिक और कार्यक्रम संबंधी शक्तियों के प्रयोग के लिए अन्य विनियमों को अपनाना;
(घ) कोई अन्य कार्य जो केंद्र सरकार द्वारा समय-समय पर इसे सौंपा जा सकता है।
(4) संचालन समिति महीने में एक बार निर्धारित तरीके से बैठक करेगी।
(5) प्राधिकरण अपने मुख्यालय से और अपने क्षेत्रीय कार्यालयों के माध्यम से कार्य करेगा, जैसा कि इसकी कार्यात्मक आवश्यकता के अनुसार स्थापित किया जा सकता है।
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