JJ Act 41अध्याय VII · Rehabilitation and Social Re-integration
धारा 41 · बाल देखभाल संस्थानों का पंजीकरण।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) किसी अन्य कानून में फिलहाल लागू किसी बात के होते हुए भी, राज्य सरकार द्वारा संचालित या स्वैच्छिक या गैर-सरकारी संगठनों द्वारा संचालित सभी संस्थाएँ, जो पूर्णतः या आंशिक रूप से देखभाल और संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों या कानून से संघर्षरत बच्चों को आश्रय देने के लिए हैं, इस अधिनियम के अंतर्गत निर्धारित तरीके से पंजीकृत की जाएँगी, चाहे वे केंद्र सरकार या, जैसा भी मामला हो, राज्य सरकार से अनुदान प्राप्त कर रही हों या नहीं:
बशर्ते कि इस अधिनियम के प्रारंभ होने की तिथि को किशोर न्याय (देखभाल एवं संरक्षण) अधिनियम, 2000 (56 ऑफ 2000) के तहत वैध पंजीकरण रखने वाली संस्थाओं को इस अधिनियम के तहत पंजीकृत माना जाएगा।
(2) इस धारा के तहत पंजीकरण के समय, राज्य सरकार 2 [जिला मजिस्ट्रेट की सिफारिशों पर विचार करने के बाद, संस्था की क्षमता और उद्देश्य का निर्धारण और अभिलेख करेगी] और संस्था को बाल गृह या खुला आश्रय या विशेष दत्तक ग्रहण एजेंसी या अवलोकन गृह या विशेष गृह या सुरक्षा स्थान के रूप में पंजीकृत करेगी, जैसा भी मामला हो।
(3) उपधारा (1) के तहत पंजीकरण के लिए आवेदन प्राप्त होने पर, किसी मौजूदा या नए संस्थान से, जिसमें देखभाल और संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चे या कानून से संघर्षरत बच्चे रहते हों, राज्य सरकार आवेदन प्राप्त होने की तिथि से एक महीने के भीतर, अधिकतम छह महीने की अवधि के लिए, अनंतिम पंजीकरण प्रदान कर सकती है, ताकि ऐसे संस्थान को इस अधिनियम के दायरे में लाया जा सके, और गृह की क्षमता निर्धारित करेगी, जिसका उल्लेख पंजीकरण प्रमाण पत्र में किया जाएगा।
बशर्ते कि यदि उक्त संस्था उपधारा (1) में निर्दिष्ट अवधि के भीतर पंजीकरण के लिए निर्धारित मानदंडों को पूरा नहीं करती है, तो अनंतिम पंजीकरण रद्द हो जाएगा और उपधारा (5) के प्रावधान लागू होंगे।
(4) यदि राज्य सरकार आवेदन की तिथि से एक माह के भीतर अनंतिम पंजीकरण प्रमाण पत्र जारी नहीं करती है, तो पंजीकरण के लिए आवेदन की प्राप्ति का प्रमाण अधिकतम छह माह की अवधि के लिए संस्था चलाने हेतु अनंतिम पंजीकरण माना जाएगा।
(5) यदि किसी राज्य सरकार के किसी अधिकारी या अधिकारियों द्वारा पंजीकरण के लिए आवेदन का निपटारा छह महीने के भीतर नहीं किया जाता है, तो इसे उनके उच्च नियंत्रण प्राधिकारी द्वारा उनकी ओर से कर्तव्य की उपेक्षा माना जाएगा और उचित विभागीय कार्यवाही शुरू की जाएगी।
(6) संस्था के पंजीकरण की अवधि पाँच वर्ष होगी, और यह प्रत्येक पाँच वर्ष में नवीनीकरण के अधीन होगी।
(7) राज्य सरकार, निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए, उन संस्थानों का पंजीकरण रद्द कर सकती है या रोक सकती है, जैसा भी मामला हो, जो धारा 53 में निर्दिष्ट पुनर्वास और पुनर्एकीकरण सेवाएं प्रदान करने में विफल रहते हैं, और जब तक किसी संस्थान का पंजीकरण नवीनीकृत या प्रदान नहीं किया जाता है, तब तक राज्य सरकार उस संस्थान का प्रबंधन करेगी।
(8) इस धारा के अंतर्गत पंजीकृत कोई भी बाल देखभाल संस्था, संस्था की क्षमता के अधीन, समिति द्वारा निर्देशित बच्चों को प्रवेश देने के लिए बाध्य होगी, चाहे वे केंद्र सरकार से अनुदान प्राप्त कर रहे हों या, जैसा भी मामला हो, राज्य सरकार से।
(9) किसी अन्य कानून में किसी बात के होते हुए भी, धारा 54 के तहत नियुक्त निरीक्षण समिति को बच्चों को रखने वाली किसी संस्था का निरीक्षण करने का अधिकार होगा, भले ही वह इस अधिनियम के तहत पंजीकृत न हो, यह निर्धारित करने के लिए कि क्या ऐसी संस्था देखभाल और संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों को रख रही है।
बशर्ते कि इस अधिनियम के प्रारंभ होने की तिथि को किशोर न्याय (देखभाल एवं संरक्षण) अधिनियम, 2000 (56 ऑफ 2000) के तहत वैध पंजीकरण रखने वाली संस्थाओं को इस अधिनियम के तहत पंजीकृत माना जाएगा।
(2) इस धारा के तहत पंजीकरण के समय, राज्य सरकार 2 [जिला मजिस्ट्रेट की सिफारिशों पर विचार करने के बाद, संस्था की क्षमता और उद्देश्य का निर्धारण और अभिलेख करेगी] और संस्था को बाल गृह या खुला आश्रय या विशेष दत्तक ग्रहण एजेंसी या अवलोकन गृह या विशेष गृह या सुरक्षा स्थान के रूप में पंजीकृत करेगी, जैसा भी मामला हो।
(3) उपधारा (1) के तहत पंजीकरण के लिए आवेदन प्राप्त होने पर, किसी मौजूदा या नए संस्थान से, जिसमें देखभाल और संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चे या कानून से संघर्षरत बच्चे रहते हों, राज्य सरकार आवेदन प्राप्त होने की तिथि से एक महीने के भीतर, अधिकतम छह महीने की अवधि के लिए, अनंतिम पंजीकरण प्रदान कर सकती है, ताकि ऐसे संस्थान को इस अधिनियम के दायरे में लाया जा सके, और गृह की क्षमता निर्धारित करेगी, जिसका उल्लेख पंजीकरण प्रमाण पत्र में किया जाएगा।
बशर्ते कि यदि उक्त संस्था उपधारा (1) में निर्दिष्ट अवधि के भीतर पंजीकरण के लिए निर्धारित मानदंडों को पूरा नहीं करती है, तो अनंतिम पंजीकरण रद्द हो जाएगा और उपधारा (5) के प्रावधान लागू होंगे।
(4) यदि राज्य सरकार आवेदन की तिथि से एक माह के भीतर अनंतिम पंजीकरण प्रमाण पत्र जारी नहीं करती है, तो पंजीकरण के लिए आवेदन की प्राप्ति का प्रमाण अधिकतम छह माह की अवधि के लिए संस्था चलाने हेतु अनंतिम पंजीकरण माना जाएगा।
(5) यदि किसी राज्य सरकार के किसी अधिकारी या अधिकारियों द्वारा पंजीकरण के लिए आवेदन का निपटारा छह महीने के भीतर नहीं किया जाता है, तो इसे उनके उच्च नियंत्रण प्राधिकारी द्वारा उनकी ओर से कर्तव्य की उपेक्षा माना जाएगा और उचित विभागीय कार्यवाही शुरू की जाएगी।
(6) संस्था के पंजीकरण की अवधि पाँच वर्ष होगी, और यह प्रत्येक पाँच वर्ष में नवीनीकरण के अधीन होगी।
(7) राज्य सरकार, निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए, उन संस्थानों का पंजीकरण रद्द कर सकती है या रोक सकती है, जैसा भी मामला हो, जो धारा 53 में निर्दिष्ट पुनर्वास और पुनर्एकीकरण सेवाएं प्रदान करने में विफल रहते हैं, और जब तक किसी संस्थान का पंजीकरण नवीनीकृत या प्रदान नहीं किया जाता है, तब तक राज्य सरकार उस संस्थान का प्रबंधन करेगी।
(8) इस धारा के अंतर्गत पंजीकृत कोई भी बाल देखभाल संस्था, संस्था की क्षमता के अधीन, समिति द्वारा निर्देशित बच्चों को प्रवेश देने के लिए बाध्य होगी, चाहे वे केंद्र सरकार से अनुदान प्राप्त कर रहे हों या, जैसा भी मामला हो, राज्य सरकार से।
(9) किसी अन्य कानून में किसी बात के होते हुए भी, धारा 54 के तहत नियुक्त निरीक्षण समिति को बच्चों को रखने वाली किसी संस्था का निरीक्षण करने का अधिकार होगा, भले ही वह इस अधिनियम के तहत पंजीकृत न हो, यह निर्धारित करने के लिए कि क्या ऐसी संस्था देखभाल और संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों को रख रही है।
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