JJ Act 82अध्याय IX · Other Offences Against Children
धारा 82 · शारीरिक दंड।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) किसी बाल देखभाल संस्था के प्रभारी या उसमें कार्यरत कोई भी व्यक्ति, जो किसी बच्चे को अनुशासन सिखाने के उद्देश्य से शारीरिक दंड देता है, प्रथम अपराध के लिए दस हजार रुपये के जुर्माने का दंडनीय होगा और प्रत्येक पश्चात अपराध के लिए तीन महीने तक के कारावास या जुर्माने या दोनों का दंडनीय होगा।
(2) यदि उपधारा (1) में निर्दिष्ट संस्था में कार्यरत कोई व्यक्ति उस उपधारा के अंतर्गत किसी अपराध का दोषी पाया जाता है, तो ऐसा व्यक्ति सेवा से बर्खास्तगी का भी भागी होगा, और उसके बाद उसे बच्चों के साथ प्रत्यक्ष कार्य करने से भी वंचित कर दिया जाएगा।
(3) यदि उपधारा (1) में निर्दिष्ट किसी संस्था में शारीरिक दंड की सूचना मिलती है और ऐसी संस्था का प्रबंधन किसी जांच में सहयोग नहीं करता है या समिति या बोर्ड या न्यायालय या राज्य सरकार के आदेशों का पालन नहीं करता है, तो संस्था के प्रबंधन के प्रभारी व्यक्ति को कम से कम तीन वर्ष के कारावास की सजा दी जाएगी और उस पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
(2) यदि उपधारा (1) में निर्दिष्ट संस्था में कार्यरत कोई व्यक्ति उस उपधारा के अंतर्गत किसी अपराध का दोषी पाया जाता है, तो ऐसा व्यक्ति सेवा से बर्खास्तगी का भी भागी होगा, और उसके बाद उसे बच्चों के साथ प्रत्यक्ष कार्य करने से भी वंचित कर दिया जाएगा।
(3) यदि उपधारा (1) में निर्दिष्ट किसी संस्था में शारीरिक दंड की सूचना मिलती है और ऐसी संस्था का प्रबंधन किसी जांच में सहयोग नहीं करता है या समिति या बोर्ड या न्यायालय या राज्य सरकार के आदेशों का पालन नहीं करता है, तो संस्था के प्रबंधन के प्रभारी व्यक्ति को कम से कम तीन वर्ष के कारावास की सजा दी जाएगी और उस पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
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