JJ Act 73अध्याय VIII · Adoption
धारा 73 · प्राधिकरण के लेखा-जोखा एवं लेखापरीक्षा।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) प्राधिकरण उचित खाते और अन्य प्रासंगिक अभिलेख रखेगा तथा भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक के परामर्श से केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित प्रारूप में वार्षिक लेखा विवरण तैयार करेगा।
(2) प्राधिकरण के खातों का लेखापरीक्षा नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक द्वारा ऐसे अंतरालों पर की जाएगी जैसा कि वह निर्दिष्ट करे तथा ऐसे लेखापरीक्षा के संबंध में किया गया कोई भी व्यय प्राधिकरण द्वारा नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक को देय होगा।
(3) नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक और इस अधिनियम के अधीन प्राधिकरण के खातों के लेखापरीक्षा के संबंध में उनके द्वारा नियुक्त किसी भी व्यक्ति को सरकारी खातों के लेखापरीक्षा के संबंध में प्राधिकरण के समान अधिकार एवं विशेषाधिकार प्राप्त होंगे, और विशेष रूप से उन्हें पुस्तकों, खातों, संबंधित वाउचरों और अन्य दस्तावेजों एवं कागजातों के उत्पादन की मांग करने और प्राधिकरण के किसी भी कार्यालय का निरीक्षण करने का अधिकार होगा।
(4) नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक या उनके द्वारा इस संबंध में नियुक्त किसी अन्य व्यक्ति द्वारा प्रमाणित प्राधिकरण के खाते, साथ ही उस पर लेखापरीक्षा रिपोर्ट, प्राधिकरण द्वारा प्रतिवर्ष केंद्र सरकार को भेजी जाएगी।
(5) केंद्र सरकार लेखापरीक्षा रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद यथाशीघ्र संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष प्रस्तुत करवाएगी।
(2) प्राधिकरण के खातों का लेखापरीक्षा नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक द्वारा ऐसे अंतरालों पर की जाएगी जैसा कि वह निर्दिष्ट करे तथा ऐसे लेखापरीक्षा के संबंध में किया गया कोई भी व्यय प्राधिकरण द्वारा नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक को देय होगा।
(3) नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक और इस अधिनियम के अधीन प्राधिकरण के खातों के लेखापरीक्षा के संबंध में उनके द्वारा नियुक्त किसी भी व्यक्ति को सरकारी खातों के लेखापरीक्षा के संबंध में प्राधिकरण के समान अधिकार एवं विशेषाधिकार प्राप्त होंगे, और विशेष रूप से उन्हें पुस्तकों, खातों, संबंधित वाउचरों और अन्य दस्तावेजों एवं कागजातों के उत्पादन की मांग करने और प्राधिकरण के किसी भी कार्यालय का निरीक्षण करने का अधिकार होगा।
(4) नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक या उनके द्वारा इस संबंध में नियुक्त किसी अन्य व्यक्ति द्वारा प्रमाणित प्राधिकरण के खाते, साथ ही उस पर लेखापरीक्षा रिपोर्ट, प्राधिकरण द्वारा प्रतिवर्ष केंद्र सरकार को भेजी जाएगी।
(5) केंद्र सरकार लेखापरीक्षा रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद यथाशीघ्र संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष प्रस्तुत करवाएगी।
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