AT Act 20अध्याय IV · Procedure
धारा 20 · अन्य सभी कानूनी उपायों को आजमाने के बाद ही आवेदन स्वीकार किए जाएंगे।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) न्यायाधिकरण सामान्यतः किसी आवेदन को तब तक स्वीकार नहीं करेगा जब तक कि वह संतुष्ट न हो जाए कि आवेदक ने शिकायतों के निवारण के संबंध में संबंधित सेवा नियमों के तहत उपलब्ध सभी उपायों का लाभ उठा लिया है।
(2) उपधारा (1) के प्रयोजनों के लिए, किसी व्यक्ति को शिकायत निवारण के संबंध में संबंधित सेवा नियमों के तहत उपलब्ध सभी उपायों का लाभ उठाया हुआ माना जाएगा,--
(क) यदि सरकार या अन्य प्राधिकारी या अधिकारी या अन्य व्यक्ति द्वारा, जो ऐसे नियमों के तहत ऐसा आदेश पारित करने के लिए सक्षम है, शिकायत के संबंध में ऐसे व्यक्ति द्वारा प्रस्तुत किसी अपील या अभ्यावेदन को अस्वीकार करते हुए कोई अंतिम आदेश पारित किया गया हो; या
(ख) जहां सरकार या अन्य प्राधिकारी या अधिकारी या अन्य सक्षम व्यक्ति द्वारा ऐसे व्यक्ति द्वारा प्रस्तुत अपील या अभ्यावेदन के संबंध में कोई अंतिम आदेश नहीं दिया गया है, यदि ऐसी अपील प्रस्तुत किए जाने या अभ्यावेदन दिए जाने की तिथि से छह महीने की अवधि समाप्त हो गई है।
(3) उपधारा (1) और (2) के प्रयोजनों के लिए, राष्ट्रपति या किसी राज्य के राज्यपाल या किसी अन्य पदाधिकारी को ज्ञापन प्रस्तुत करके आवेदक को उपलब्ध कोई भी उपाय, उन उपायों में से एक नहीं माना जाएगा जो उपलब्ध हैं, जब तक कि आवेदक ने ऐसा ज्ञापन प्रस्तुत करने का विकल्प नहीं चुना हो।
(2) उपधारा (1) के प्रयोजनों के लिए, किसी व्यक्ति को शिकायत निवारण के संबंध में संबंधित सेवा नियमों के तहत उपलब्ध सभी उपायों का लाभ उठाया हुआ माना जाएगा,--
(क) यदि सरकार या अन्य प्राधिकारी या अधिकारी या अन्य व्यक्ति द्वारा, जो ऐसे नियमों के तहत ऐसा आदेश पारित करने के लिए सक्षम है, शिकायत के संबंध में ऐसे व्यक्ति द्वारा प्रस्तुत किसी अपील या अभ्यावेदन को अस्वीकार करते हुए कोई अंतिम आदेश पारित किया गया हो; या
(ख) जहां सरकार या अन्य प्राधिकारी या अधिकारी या अन्य सक्षम व्यक्ति द्वारा ऐसे व्यक्ति द्वारा प्रस्तुत अपील या अभ्यावेदन के संबंध में कोई अंतिम आदेश नहीं दिया गया है, यदि ऐसी अपील प्रस्तुत किए जाने या अभ्यावेदन दिए जाने की तिथि से छह महीने की अवधि समाप्त हो गई है।
(3) उपधारा (1) और (2) के प्रयोजनों के लिए, राष्ट्रपति या किसी राज्य के राज्यपाल या किसी अन्य पदाधिकारी को ज्ञापन प्रस्तुत करके आवेदक को उपलब्ध कोई भी उपाय, उन उपायों में से एक नहीं माना जाएगा जो उपलब्ध हैं, जब तक कि आवेदक ने ऐसा ज्ञापन प्रस्तुत करने का विकल्प नहीं चुना हो।
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