AT Act 15अध्याय III · Jurisdiction, Powers and Authority of Tribunals
धारा 15 · राज्य प्रशासनिक न्यायाधिकरणों का क्षेत्राधिकार, शक्तियां और अधिकार।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) इस अधिनियम में अन्यथा स्पष्ट रूप से प्रावधानित न होने पर, किसी राज्य के प्रशासनिक न्यायाधिकरण को नियुक्त दिन से उस दिन से पहले सभी न्यायालयों ( सर्वोच्च न्यायालय को छोड़कर) द्वारा प्रयोग किए जाने वाले सभी अधिकार, शक्तियां और प्राधिकार का प्रयोग करने की अनुमति होगी--
(क) राज्य की किसी सिविल सेवा या राज्य के अधीन किसी सिविल पद पर भर्ती और भर्ती से संबंधित मामले;
(ख) ऐसे सभी सेवा मामले जो किसी ऐसे व्यक्ति से संबंधित हों जो इस उपधारा के खंड (ग) में निर्दिष्ट व्यक्ति न हो या धारा 14 की उपधारा (1) के खंड (ख) में निर्दिष्ट सदस्य, व्यक्ति या नागरिक न हो, जिसे राज्य की किसी सिविल सेवा या राज्य के अधीन किसी सिविल पद पर नियुक्त किया गया हो और जो राज्य के मामलों या राज्य सरकार के नियंत्रण में किसी स्थानीय या अन्य प्राधिकरण या राज्य सरकार के स्वामित्व या नियंत्रण वाले किसी निगम [ या समाज] के मामलों के संबंध में ऐसे व्यक्ति की सेवा से संबंधित हों;
(ग) खंड (ख) में निर्दिष्ट किसी सेवा या पद पर नियुक्त व्यक्ति से संबंधित राज्य के मामलों से संबंधित सभी सेवा मामले, जो कि ऐसा व्यक्ति हो जिसकी सेवा किसी स्थानीय या अन्य प्राधिकरण या निगम 2 [या समाज] या अन्य निकाय द्वारा, जो राज्य सरकार द्वारा नियंत्रित या स्वामित्व में हो, ऐसी नियुक्ति के लिए राज्य सरकार के निपटान में रखी गई हो।
(2) राज्य सरकार अधिसूचना द्वारा, अधिसूचना में निर्दिष्ट तिथि से उप-धारा (3) के प्रावधानों को स्थानीय या अन्य प्राधिकरणों और राज्य सरकार द्वारा नियंत्रित या स्वामित्व वाले निगमों [या समितियों] पर लागू कर सकती है:
बशर्ते कि यदि राज्य सरकार इस अधिनियम द्वारा परिकल्पित योजना में संक्रमण को सुगम बनाने के उद्देश्य से ऐसा करना उचित समझती है, तो स्थानीय या अन्य प्राधिकरणों या निगमों 2 [या समितियों] के विभिन्न वर्गों या किसी वर्ग के अंतर्गत विभिन्न श्रेणियों के संबंध में इस उप-धारा के अंतर्गत अलग-अलग तिथियां निर्दिष्ट की जा सकती हैं।
(3) इस अधिनियम में अन्यथा स्पष्ट रूप से प्रावधान किए जाने के अलावा, किसी राज्य के प्रशासनिक न्यायाधिकरण को उस तिथि से, जिस तिथि से इस उपधारा के प्रावधान किसी स्थानीय या अन्य प्राधिकरण या निगम 2 [या समाज] पर लागू होते हैं, उन सभी क्षेत्राधिकारों, शक्तियों और अधिकारों का प्रयोग करने का अधिकार होगा, जो उस तिथि से ठीक पहले सभी न्यायालयों (सर्वोच्च न्यायालय को छोड़कर 1 ***) द्वारा निम्नलिखित के संबंध में प्रयोग किए जाते थे:
(क) स्थानीय या अन्य प्राधिकरण या निगम 2 [या समाज] के मामलों के संबंध में किसी सेवा या पद पर भर्ती, और भर्ती से संबंधित मामले; और
(ख) किसी व्यक्ति [इस धारा की उपधारा (1) के खंड (ख ) में निर्दिष्ट व्यक्ति या धारा 14 की उपधारा (1) के खंड (ख) में निर्दिष्ट सदस्य, व्यक्ति या नागरिक के अलावा] से संबंधित सभी सेवा मामले, जिसे ऐसे स्थानीय या अन्य प्राधिकरण या निगम 2 [या समाज] के मामलों के संबंध में किसी सेवा या पद पर नियुक्त किया गया हो और ऐसे मामलों के संबंध में उस व्यक्ति की सेवा से संबंधित हो।
(4) संदेह दूर करने के लिए, यह घोषित किया जाता है कि किसी राज्य के प्रशासनिक न्यायाधिकरण का अधिकार क्षेत्र, शक्तियाँ और अधिकार किसी ऐसे मामले पर लागू नहीं होगा, न ही उस मामले में लागू होगा, जिस पर केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण का अधिकार क्षेत्र, शक्तियाँ और अधिकार लागू होता है या लागू होता है।
(क) राज्य की किसी सिविल सेवा या राज्य के अधीन किसी सिविल पद पर भर्ती और भर्ती से संबंधित मामले;
(ख) ऐसे सभी सेवा मामले जो किसी ऐसे व्यक्ति से संबंधित हों जो इस उपधारा के खंड (ग) में निर्दिष्ट व्यक्ति न हो या धारा 14 की उपधारा (1) के खंड (ख) में निर्दिष्ट सदस्य, व्यक्ति या नागरिक न हो, जिसे राज्य की किसी सिविल सेवा या राज्य के अधीन किसी सिविल पद पर नियुक्त किया गया हो और जो राज्य के मामलों या राज्य सरकार के नियंत्रण में किसी स्थानीय या अन्य प्राधिकरण या राज्य सरकार के स्वामित्व या नियंत्रण वाले किसी निगम [ या समाज] के मामलों के संबंध में ऐसे व्यक्ति की सेवा से संबंधित हों;
(ग) खंड (ख) में निर्दिष्ट किसी सेवा या पद पर नियुक्त व्यक्ति से संबंधित राज्य के मामलों से संबंधित सभी सेवा मामले, जो कि ऐसा व्यक्ति हो जिसकी सेवा किसी स्थानीय या अन्य प्राधिकरण या निगम 2 [या समाज] या अन्य निकाय द्वारा, जो राज्य सरकार द्वारा नियंत्रित या स्वामित्व में हो, ऐसी नियुक्ति के लिए राज्य सरकार के निपटान में रखी गई हो।
(2) राज्य सरकार अधिसूचना द्वारा, अधिसूचना में निर्दिष्ट तिथि से उप-धारा (3) के प्रावधानों को स्थानीय या अन्य प्राधिकरणों और राज्य सरकार द्वारा नियंत्रित या स्वामित्व वाले निगमों [या समितियों] पर लागू कर सकती है:
बशर्ते कि यदि राज्य सरकार इस अधिनियम द्वारा परिकल्पित योजना में संक्रमण को सुगम बनाने के उद्देश्य से ऐसा करना उचित समझती है, तो स्थानीय या अन्य प्राधिकरणों या निगमों 2 [या समितियों] के विभिन्न वर्गों या किसी वर्ग के अंतर्गत विभिन्न श्रेणियों के संबंध में इस उप-धारा के अंतर्गत अलग-अलग तिथियां निर्दिष्ट की जा सकती हैं।
(3) इस अधिनियम में अन्यथा स्पष्ट रूप से प्रावधान किए जाने के अलावा, किसी राज्य के प्रशासनिक न्यायाधिकरण को उस तिथि से, जिस तिथि से इस उपधारा के प्रावधान किसी स्थानीय या अन्य प्राधिकरण या निगम 2 [या समाज] पर लागू होते हैं, उन सभी क्षेत्राधिकारों, शक्तियों और अधिकारों का प्रयोग करने का अधिकार होगा, जो उस तिथि से ठीक पहले सभी न्यायालयों (सर्वोच्च न्यायालय को छोड़कर 1 ***) द्वारा निम्नलिखित के संबंध में प्रयोग किए जाते थे:
(क) स्थानीय या अन्य प्राधिकरण या निगम 2 [या समाज] के मामलों के संबंध में किसी सेवा या पद पर भर्ती, और भर्ती से संबंधित मामले; और
(ख) किसी व्यक्ति [इस धारा की उपधारा (1) के खंड (ख ) में निर्दिष्ट व्यक्ति या धारा 14 की उपधारा (1) के खंड (ख) में निर्दिष्ट सदस्य, व्यक्ति या नागरिक के अलावा] से संबंधित सभी सेवा मामले, जिसे ऐसे स्थानीय या अन्य प्राधिकरण या निगम 2 [या समाज] के मामलों के संबंध में किसी सेवा या पद पर नियुक्त किया गया हो और ऐसे मामलों के संबंध में उस व्यक्ति की सेवा से संबंधित हो।
(4) संदेह दूर करने के लिए, यह घोषित किया जाता है कि किसी राज्य के प्रशासनिक न्यायाधिकरण का अधिकार क्षेत्र, शक्तियाँ और अधिकार किसी ऐसे मामले पर लागू नहीं होगा, न ही उस मामले में लागू होगा, जिस पर केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण का अधिकार क्षेत्र, शक्तियाँ और अधिकार लागू होता है या लागू होता है।
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