MV Act 8अध्याय II · Licensing of Drivers of Motor Vehicles
धारा 8 · शिक्षार्थी लाइसेंस प्रदान करना।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) कोई भी व्यक्ति जो धारा 4 के तहत मोटर वाहन चलाने के लिए अयोग्य नहीं है और जो वर्तमान में ड्राइविंग लाइसेंस रखने या प्राप्त करने के लिए अयोग्य नहीं है, धारा 7 के प्रावधानों के अधीन रहते हुए, 1 [राज्य में किसी भी लाइसेंसिंग प्राधिकरण] को आवेदन कर सकता है--
(i) जिसमें वह सामान्यतः निवास करता है या व्यवसाय करता है, या
(ii) जिसमें धारा 12 में निर्दिष्ट विद्यालय या प्रतिष्ठान स्थित है, जहाँ से वह मोटर वाहन चलाने का प्रशिक्षण प्राप्त करना चाहता है, उसे शिक्षार्थी का लाइसेंस जारी करने के लिए।
(2) उप-धारा (1) के अंतर्गत प्रत्येक आवेदन ऐसे प्रपत्र में होगा और उसके साथ ऐसे दस्तावेज संलग्न होंगे 2 [ऐसे शुल्क के साथ और ऐसे तरीके से प्रस्तुत किया जाएगा, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक माध्यम भी शामिल हैं] जैसा कि केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित किया जा सकता है।
(3) उपधारा (1) के अंतर्गत परिवहन वाहन चलाने के लिए किया गया प्रत्येक आवेदन 3 के साथ केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित प्रारूप में एक चिकित्सा प्रमाण पत्र संलग्न होगा, जिस पर राज्य सरकार या राज्य सरकार द्वारा इस संबंध में अधिकृत किसी व्यक्ति द्वारा आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना द्वारा इस उद्देश्य के लिए नियुक्त पंजीकृत चिकित्सा व्यवसायी के हस्ताक्षर होंगे।
4 * * * * *
(4) यदि आवेदन से या उपधारा (3) में निर्दिष्ट चिकित्सा प्रमाण पत्र से यह प्रतीत होता है कि आवेदक किसी ऐसे रोग या विकलांगता से पीड़ित है जिसके कारण उसके द्वारा उस श्रेणी के मोटर वाहन को चलाना, जिसके लिए उसे आवेदन किए गए शिक्षार्थी लाइसेंस द्वारा चलाने की अनुमति दी गई है, जनता या यात्रियों के लिए खतरे का स्रोत हो सकता है, तो लाइसेंसिंग प्राधिकारी शिक्षार्थी लाइसेंस जारी करने से इनकार कर देगा।
बशर्ते कि आवेदक को 5 [अनुकूलित वाहन] चलाने तक सीमित शिक्षार्थी लाइसेंस जारी किया जा सकता है, यदि लाइसेंसिंग प्राधिकरण संतुष्ट है कि वह इस तरह के वाहन को चलाने के लिए उपयुक्त है।
(5) किसी भी आवेदक को शिक्षार्थी का लाइसेंस तब तक जारी नहीं किया जाएगा जब तक वह [ऐसी शर्तों को पूरा नहीं करता] जो केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित की जा सकती हैं।
(6) जब उपयुक्त लाइसेंसिंग प्राधिकारी को विधिवत आवेदन किया गया हो और आवेदक ने उप-धारा (3) के तहत अपनी शारीरिक फिटनेस के संबंध में ऐसे प्राधिकारी को संतुष्ट कर दिया हो और लाइसेंसिंग प्राधिकारी की संतुष्टि के अनुसार उप-धारा (5) में निर्दिष्ट परीक्षा उत्तीर्ण कर ली हो, तो लाइसेंसिंग प्राधिकारी, धारा 7 के प्रावधानों के अधीन रहते हुए, आवेदक को शिक्षार्थी लाइसेंस जारी करेगा, जब तक कि आवेदक धारा 4 के तहत मोटर वाहन चलाने के लिए अयोग्य घोषित न हो या मोटर वाहन चलाने का लाइसेंस रखने या प्राप्त करने के लिए वर्तमान में अयोग्य घोषित न हो:
बशर्ते कि कोई लाइसेंसिंग प्राधिकरण मोटर साइकिल या हल्के मोटर वाहन चलाने के लिए शिक्षार्थी का लाइसेंस जारी कर सकता है, भले ही वह उपयुक्त लाइसेंसिंग प्राधिकरण न हो, यदि ऐसा प्राधिकरण संतुष्ट है कि आवेदक के उपयुक्त लाइसेंसिंग प्राधिकरण में आवेदन करने में असमर्थ होने का कोई ठोस कारण है।
7. इसके अलावा, लाइसेंसिंग प्राधिकरण शिक्षार्थी लाइसेंस इलेक्ट्रॉनिक रूप में और केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित तरीके से जारी कर सकता है।
इसके अलावा, लाइसेंस जारी करने से पहले, लाइसेंस प्राधिकारी आवेदक की पहचान का सत्यापन केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित तरीके से कर सकता है।
(7) जहाँ केंद्र सरकार संतुष्ट हो कि ऐसा करना आवश्यक या उचित है, तो वह इस संबंध में बनाए गए नियमों द्वारा, उपधारा (3) या उपधारा (5) या दोनों के प्रावधानों से किसी वर्ग के व्यक्तियों को पूर्णतः या ऐसी शर्तों के अधीन, जैसा कि नियमों में निर्दिष्ट किया जा सकता है, छूट दे सकती है।
(8) इस अधिनियम के प्रारंभ होने से ठीक पहले मोटर साइकिल चलाने के लिए जारी किया गया कोई भी शिक्षार्थी लाइसेंस, इसके प्रारंभ होने के बाद, गियर वाली या बिना गियर वाली मोटर साइकिल चलाने के लिए प्रभावी माना जाएगा।
(i) जिसमें वह सामान्यतः निवास करता है या व्यवसाय करता है, या
(ii) जिसमें धारा 12 में निर्दिष्ट विद्यालय या प्रतिष्ठान स्थित है, जहाँ से वह मोटर वाहन चलाने का प्रशिक्षण प्राप्त करना चाहता है, उसे शिक्षार्थी का लाइसेंस जारी करने के लिए।
(2) उप-धारा (1) के अंतर्गत प्रत्येक आवेदन ऐसे प्रपत्र में होगा और उसके साथ ऐसे दस्तावेज संलग्न होंगे 2 [ऐसे शुल्क के साथ और ऐसे तरीके से प्रस्तुत किया जाएगा, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक माध्यम भी शामिल हैं] जैसा कि केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित किया जा सकता है।
(3) उपधारा (1) के अंतर्गत परिवहन वाहन चलाने के लिए किया गया प्रत्येक आवेदन 3 के साथ केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित प्रारूप में एक चिकित्सा प्रमाण पत्र संलग्न होगा, जिस पर राज्य सरकार या राज्य सरकार द्वारा इस संबंध में अधिकृत किसी व्यक्ति द्वारा आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना द्वारा इस उद्देश्य के लिए नियुक्त पंजीकृत चिकित्सा व्यवसायी के हस्ताक्षर होंगे।
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(4) यदि आवेदन से या उपधारा (3) में निर्दिष्ट चिकित्सा प्रमाण पत्र से यह प्रतीत होता है कि आवेदक किसी ऐसे रोग या विकलांगता से पीड़ित है जिसके कारण उसके द्वारा उस श्रेणी के मोटर वाहन को चलाना, जिसके लिए उसे आवेदन किए गए शिक्षार्थी लाइसेंस द्वारा चलाने की अनुमति दी गई है, जनता या यात्रियों के लिए खतरे का स्रोत हो सकता है, तो लाइसेंसिंग प्राधिकारी शिक्षार्थी लाइसेंस जारी करने से इनकार कर देगा।
बशर्ते कि आवेदक को 5 [अनुकूलित वाहन] चलाने तक सीमित शिक्षार्थी लाइसेंस जारी किया जा सकता है, यदि लाइसेंसिंग प्राधिकरण संतुष्ट है कि वह इस तरह के वाहन को चलाने के लिए उपयुक्त है।
(5) किसी भी आवेदक को शिक्षार्थी का लाइसेंस तब तक जारी नहीं किया जाएगा जब तक वह [ऐसी शर्तों को पूरा नहीं करता] जो केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित की जा सकती हैं।
(6) जब उपयुक्त लाइसेंसिंग प्राधिकारी को विधिवत आवेदन किया गया हो और आवेदक ने उप-धारा (3) के तहत अपनी शारीरिक फिटनेस के संबंध में ऐसे प्राधिकारी को संतुष्ट कर दिया हो और लाइसेंसिंग प्राधिकारी की संतुष्टि के अनुसार उप-धारा (5) में निर्दिष्ट परीक्षा उत्तीर्ण कर ली हो, तो लाइसेंसिंग प्राधिकारी, धारा 7 के प्रावधानों के अधीन रहते हुए, आवेदक को शिक्षार्थी लाइसेंस जारी करेगा, जब तक कि आवेदक धारा 4 के तहत मोटर वाहन चलाने के लिए अयोग्य घोषित न हो या मोटर वाहन चलाने का लाइसेंस रखने या प्राप्त करने के लिए वर्तमान में अयोग्य घोषित न हो:
बशर्ते कि कोई लाइसेंसिंग प्राधिकरण मोटर साइकिल या हल्के मोटर वाहन चलाने के लिए शिक्षार्थी का लाइसेंस जारी कर सकता है, भले ही वह उपयुक्त लाइसेंसिंग प्राधिकरण न हो, यदि ऐसा प्राधिकरण संतुष्ट है कि आवेदक के उपयुक्त लाइसेंसिंग प्राधिकरण में आवेदन करने में असमर्थ होने का कोई ठोस कारण है।
7. इसके अलावा, लाइसेंसिंग प्राधिकरण शिक्षार्थी लाइसेंस इलेक्ट्रॉनिक रूप में और केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित तरीके से जारी कर सकता है।
इसके अलावा, लाइसेंस जारी करने से पहले, लाइसेंस प्राधिकारी आवेदक की पहचान का सत्यापन केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित तरीके से कर सकता है।
(7) जहाँ केंद्र सरकार संतुष्ट हो कि ऐसा करना आवश्यक या उचित है, तो वह इस संबंध में बनाए गए नियमों द्वारा, उपधारा (3) या उपधारा (5) या दोनों के प्रावधानों से किसी वर्ग के व्यक्तियों को पूर्णतः या ऐसी शर्तों के अधीन, जैसा कि नियमों में निर्दिष्ट किया जा सकता है, छूट दे सकती है।
(8) इस अधिनियम के प्रारंभ होने से ठीक पहले मोटर साइकिल चलाने के लिए जारी किया गया कोई भी शिक्षार्थी लाइसेंस, इसके प्रारंभ होने के बाद, गियर वाली या बिना गियर वाली मोटर साइकिल चलाने के लिए प्रभावी माना जाएगा।
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