MV Act 49अध्याय IV · Registration of Motor Vehicles
धारा 49 · निवास स्थान या व्यवसाय स्थल में परिवर्तन।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) यदि किसी मोटर वाहन का स्वामी वाहन के पंजीकरण प्रमाण पत्र में दर्ज पते पर निवास करना या अपना व्यवसाय स्थल रखना बंद कर देता है, तो वह पते में ऐसे किसी भी परिवर्तन के तीस दिनों के भीतर, केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित प्रपत्र और ऐसे दस्तावेजों के साथ, अपना नया पता उस पंजीकरण प्राधिकारी को सूचित करेगा जिसने पंजीकरण प्रमाण पत्र जारी किया था, या यदि नया पता किसी अन्य राज्य के अधिकार क्षेत्र में आता है, तो उस राज्य के किसी भी पंजीकरण प्राधिकारी को, और साथ ही पंजीकरण प्रमाण पत्र को पंजीकरण प्राधिकारी को या, जैसा भी मामला हो, दूसरे पंजीकरण प्राधिकारी को अग्रेषित करेगा ताकि उसमें नया पता दर्ज किया जा सके।
2 [(1ए) उप-धारा (1) के तहत सूचना उपयुक्त पंजीकरण प्राधिकारी को इलेक्ट्रॉनिक रूप में ऐसे दस्तावेजों के इलेक्ट्रॉनिक रूप के साथ भेजी जा सकती है, जिसमें प्रमाणीकरण का प्रमाण भी शामिल हो, जैसा कि केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित किया जा सकता है।]
(2) यदि किसी मोटर वाहन का स्वामी उपधारा (1) में निर्दिष्ट अवधि के भीतर संबंधित पंजीकरण प्राधिकारी को अपना नया पता सूचित करने में विफल रहता है, तो पंजीकरण प्राधिकारी मामले की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए, धारा 177 के तहत उसके विरुद्ध की जाने वाली किसी भी कार्रवाई के बदले में स्वामी से ऐसी राशि का भुगतान करने की मांग कर सकता है जो उपधारा (4) के तहत निर्धारित की गई हो;
बशर्ते कि यदि स्वामी उक्त राशि का भुगतान करने में विफल रहता है तो उसके विरुद्ध धारा 177 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
(3) जहां किसी व्यक्ति ने उपधारा (2) के अधीन राशि का भुगतान कर दिया है, तो उसके विरुद्ध धारा 177 के अधीन कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।
(4) उपधारा (2) के प्रयोजनों के लिए, राज्य सरकार अपने नए पते की सूचना देने में हुई देरी की अवधि को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग राशियाँ निर्धारित कर सकती है।
(5) उपधारा (1) के तहत सूचना प्राप्त होने पर, पंजीकरण प्राधिकारी, उचित समझे जाने वाले सत्यापन के बाद, पंजीकरण प्रमाण पत्र में नया पता दर्ज करवा सकता है।
(6) मूल पंजीकरण प्राधिकरण के अलावा कोई अन्य पंजीकरण प्राधिकरण ऐसी प्रविष्टि करते समय परिवर्तित पते की सूचना मूल पंजीकरण प्राधिकरण को देगा।
(7) उपधारा (1) में कुछ भी लागू नहीं होगा जहां पंजीकरण प्रमाण पत्र में दर्ज पते में परिवर्तन छह महीने से अधिक की अवधि के लिए अस्थायी अनुपस्थिति के कारण हो या जहां मोटर वाहन का उपयोग न तो किया जाता है और न ही पंजीकरण प्रमाण पत्र में दर्ज पते से हटाया जाता है।
2 [(1ए) उप-धारा (1) के तहत सूचना उपयुक्त पंजीकरण प्राधिकारी को इलेक्ट्रॉनिक रूप में ऐसे दस्तावेजों के इलेक्ट्रॉनिक रूप के साथ भेजी जा सकती है, जिसमें प्रमाणीकरण का प्रमाण भी शामिल हो, जैसा कि केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित किया जा सकता है।]
(2) यदि किसी मोटर वाहन का स्वामी उपधारा (1) में निर्दिष्ट अवधि के भीतर संबंधित पंजीकरण प्राधिकारी को अपना नया पता सूचित करने में विफल रहता है, तो पंजीकरण प्राधिकारी मामले की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए, धारा 177 के तहत उसके विरुद्ध की जाने वाली किसी भी कार्रवाई के बदले में स्वामी से ऐसी राशि का भुगतान करने की मांग कर सकता है जो उपधारा (4) के तहत निर्धारित की गई हो;
बशर्ते कि यदि स्वामी उक्त राशि का भुगतान करने में विफल रहता है तो उसके विरुद्ध धारा 177 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
(3) जहां किसी व्यक्ति ने उपधारा (2) के अधीन राशि का भुगतान कर दिया है, तो उसके विरुद्ध धारा 177 के अधीन कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।
(4) उपधारा (2) के प्रयोजनों के लिए, राज्य सरकार अपने नए पते की सूचना देने में हुई देरी की अवधि को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग राशियाँ निर्धारित कर सकती है।
(5) उपधारा (1) के तहत सूचना प्राप्त होने पर, पंजीकरण प्राधिकारी, उचित समझे जाने वाले सत्यापन के बाद, पंजीकरण प्रमाण पत्र में नया पता दर्ज करवा सकता है।
(6) मूल पंजीकरण प्राधिकरण के अलावा कोई अन्य पंजीकरण प्राधिकरण ऐसी प्रविष्टि करते समय परिवर्तित पते की सूचना मूल पंजीकरण प्राधिकरण को देगा।
(7) उपधारा (1) में कुछ भी लागू नहीं होगा जहां पंजीकरण प्रमाण पत्र में दर्ज पते में परिवर्तन छह महीने से अधिक की अवधि के लिए अस्थायी अनुपस्थिति के कारण हो या जहां मोटर वाहन का उपयोग न तो किया जाता है और न ही पंजीकरण प्रमाण पत्र में दर्ज पते से हटाया जाता है।
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