MV Act 147अध्याय XI · Insurance of Motor Vehicles Against Third Party Risks
धारा 147 · पॉलिसी की आवश्यकताएं और दायित्व की सीमाएं।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
1 [पॉलिसी की आवश्यकताएँ और देयता की सीमाएँ। -- (1) इस अध्याय की आवश्यकताओं का अनुपालन करने के लिए, बीमा पॉलिसी ऐसी पॉलिसी होनी चाहिए जो--
(क) किसी अधिकृत बीमाकर्ता द्वारा जारी किया गया हो; और
(ख) पॉलिसी में निर्दिष्ट व्यक्ति या व्यक्तियों के वर्गों का बीमा उपधारा (2) में निर्दिष्ट सीमा तक करता है--
(i) किसी भी ऐसे दायित्व के विरुद्ध जो उसे किसी व्यक्ति की मृत्यु या शारीरिक चोट के संबंध में हो सकता है, जिसमें मोटर वाहन में ले जाए गए माल का स्वामी या उसका अधिकृत प्रतिनिधि शामिल है, या किसी तीसरे पक्ष की संपत्ति को नुकसान जो सार्वजनिक स्थान पर मोटर वाहन के उपयोग के कारण हुआ हो;
(ii) किसी परिवहन वाहन के किसी यात्री की मृत्यु या शारीरिक चोट के विरुद्ध, माल वाहन के नि:शुल्क यात्रियों को छोड़कर, जो सार्वजनिक स्थान पर मोटर वाहन के उपयोग के कारण हुई हो।
स्पष्टीकरण.-- संशय दूर करने के लिए, यह स्पष्ट किया जाता है कि किसी व्यक्ति की मृत्यु या शारीरिक चोट या किसी तीसरे पक्ष की संपत्ति को क्षति, सार्वजनिक स्थान पर वाहन के उपयोग के कारण हुई मानी जाएगी, भले ही दुर्घटना के समय मृतक या घायल व्यक्ति या क्षतिग्रस्त संपत्ति सार्वजनिक स्थान पर न हो, यदि दुर्घटना का कारण बनने वाला कार्य या चूक सार्वजनिक स्थान पर हुई हो।
(2) किसी अन्य कानून में यथास्थिति लागू होने के बावजूद, किसी व्यक्ति की मृत्यु या किसी व्यक्ति को गंभीर चोट लगने से संबंधित तृतीय पक्ष बीमा के प्रयोजनों के लिए, केंद्र सरकार बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण के परामर्श से उप-धारा (1) के अंतर्गत बीमा पॉलिसी के लिए आधार प्रीमियम तथा ऐसे प्रीमियम के संबंध में बीमाकर्ता की देयता निर्धारित करेगी।
(3) इस अध्याय के प्रयोजनों के लिए कोई पॉलिसी तब तक प्रभावी नहीं होगी जब तक कि बीमाकर्ता द्वारा पॉलिसी लेने वाले व्यक्ति के पक्ष में निर्धारित प्रपत्र में और पॉलिसी जारी करने की शर्तों तथा अन्य निर्धारित मामलों के विवरण सहित बीमा प्रमाणपत्र जारी न कर दिया जाए; और विभिन्न मामलों में अलग-अलग प्रपत्र, विवरण और मामले निर्धारित किए जा सकते हैं।
(4) इस अधिनियम में किसी बात के होते हुए भी, मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम, 2019 के प्रारंभ होने से पहले जारी की गई बीमा पॉलिसी अनुबंध के तहत मौजूदा शर्तों पर जारी रहेगी और इस अधिनियम के प्रावधान इस प्रकार लागू होंगे मानो उक्त अधिनियम द्वारा इस अधिनियम में संशोधन नहीं किया गया हो।
(5) यदि इस अध्याय के प्रावधानों या इसके अंतर्गत बनाए गए नियमों या विनियमों के तहत बीमाकर्ता द्वारा जारी किया गया कवर नोट निर्दिष्ट समय के भीतर बीमा पॉलिसी द्वारा समर्थित नहीं है, तो बीमाकर्ता कवर नोट की वैधता अवधि की समाप्ति के सात दिनों के भीतर पंजीकरण प्राधिकारी या राज्य सरकार द्वारा निर्धारित किसी अन्य प्राधिकारी को इस तथ्य की सूचना देगा।
(6) किसी अन्य कानून में फिलहाल लागू किसी बात के होते हुए भी, इस धारा के तहत बीमा पॉलिसी जारी करने वाला बीमाकर्ता, पॉलिसी में निर्दिष्ट व्यक्ति या व्यक्तियों के वर्गों को उस दायित्व के संबंध में क्षतिपूर्ति करने के लिए उत्तरदायी होगा, जिसे पॉलिसी उस व्यक्ति या व्यक्तियों के वर्गों के मामले में कवर करने का दावा करती है।]
(क) किसी अधिकृत बीमाकर्ता द्वारा जारी किया गया हो; और
(ख) पॉलिसी में निर्दिष्ट व्यक्ति या व्यक्तियों के वर्गों का बीमा उपधारा (2) में निर्दिष्ट सीमा तक करता है--
(i) किसी भी ऐसे दायित्व के विरुद्ध जो उसे किसी व्यक्ति की मृत्यु या शारीरिक चोट के संबंध में हो सकता है, जिसमें मोटर वाहन में ले जाए गए माल का स्वामी या उसका अधिकृत प्रतिनिधि शामिल है, या किसी तीसरे पक्ष की संपत्ति को नुकसान जो सार्वजनिक स्थान पर मोटर वाहन के उपयोग के कारण हुआ हो;
(ii) किसी परिवहन वाहन के किसी यात्री की मृत्यु या शारीरिक चोट के विरुद्ध, माल वाहन के नि:शुल्क यात्रियों को छोड़कर, जो सार्वजनिक स्थान पर मोटर वाहन के उपयोग के कारण हुई हो।
स्पष्टीकरण.-- संशय दूर करने के लिए, यह स्पष्ट किया जाता है कि किसी व्यक्ति की मृत्यु या शारीरिक चोट या किसी तीसरे पक्ष की संपत्ति को क्षति, सार्वजनिक स्थान पर वाहन के उपयोग के कारण हुई मानी जाएगी, भले ही दुर्घटना के समय मृतक या घायल व्यक्ति या क्षतिग्रस्त संपत्ति सार्वजनिक स्थान पर न हो, यदि दुर्घटना का कारण बनने वाला कार्य या चूक सार्वजनिक स्थान पर हुई हो।
(2) किसी अन्य कानून में यथास्थिति लागू होने के बावजूद, किसी व्यक्ति की मृत्यु या किसी व्यक्ति को गंभीर चोट लगने से संबंधित तृतीय पक्ष बीमा के प्रयोजनों के लिए, केंद्र सरकार बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण के परामर्श से उप-धारा (1) के अंतर्गत बीमा पॉलिसी के लिए आधार प्रीमियम तथा ऐसे प्रीमियम के संबंध में बीमाकर्ता की देयता निर्धारित करेगी।
(3) इस अध्याय के प्रयोजनों के लिए कोई पॉलिसी तब तक प्रभावी नहीं होगी जब तक कि बीमाकर्ता द्वारा पॉलिसी लेने वाले व्यक्ति के पक्ष में निर्धारित प्रपत्र में और पॉलिसी जारी करने की शर्तों तथा अन्य निर्धारित मामलों के विवरण सहित बीमा प्रमाणपत्र जारी न कर दिया जाए; और विभिन्न मामलों में अलग-अलग प्रपत्र, विवरण और मामले निर्धारित किए जा सकते हैं।
(4) इस अधिनियम में किसी बात के होते हुए भी, मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम, 2019 के प्रारंभ होने से पहले जारी की गई बीमा पॉलिसी अनुबंध के तहत मौजूदा शर्तों पर जारी रहेगी और इस अधिनियम के प्रावधान इस प्रकार लागू होंगे मानो उक्त अधिनियम द्वारा इस अधिनियम में संशोधन नहीं किया गया हो।
(5) यदि इस अध्याय के प्रावधानों या इसके अंतर्गत बनाए गए नियमों या विनियमों के तहत बीमाकर्ता द्वारा जारी किया गया कवर नोट निर्दिष्ट समय के भीतर बीमा पॉलिसी द्वारा समर्थित नहीं है, तो बीमाकर्ता कवर नोट की वैधता अवधि की समाप्ति के सात दिनों के भीतर पंजीकरण प्राधिकारी या राज्य सरकार द्वारा निर्धारित किसी अन्य प्राधिकारी को इस तथ्य की सूचना देगा।
(6) किसी अन्य कानून में फिलहाल लागू किसी बात के होते हुए भी, इस धारा के तहत बीमा पॉलिसी जारी करने वाला बीमाकर्ता, पॉलिसी में निर्दिष्ट व्यक्ति या व्यक्तियों के वर्गों को उस दायित्व के संबंध में क्षतिपूर्ति करने के लिए उत्तरदायी होगा, जिसे पॉलिसी उस व्यक्ति या व्यक्तियों के वर्गों के मामले में कवर करने का दावा करती है।]
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