MS Act 57अध्याय V · Seafarers
धारा 57 · समुद्री श्रम मानकों का नाविकों और जहाजों पर अनुप्रयोग।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) समुद्री श्रम सम्मेलन में निहित समुद्री श्रम मानकों से संबंधित प्रावधान इस अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत सभी नाविकों और जहाजों पर लागू होंगे, लेकिन निम्नलिखित पर लागू नहीं होंगे:---
(क) वे पोत जो विशेष रूप से अंतर्देशीय जल में या आश्रयित जल के भीतर या निकटवर्ती जल में या उन क्षेत्रों में चलते हैं जहां बंदरगाहों से संबंधित कोई कानून लागू होता है;
(ख) मछली पकड़ने की गतिविधियों में लगे पोत;
(ग) परंपरागत रूप से निर्मित पोत जैसे कि धौ और जंक;
(घ) युद्धपोत या नौसैनिक सहायक पोत।
(2) इस अधिनियम के तहत पंजीकृत प्रत्येक पोत और भारत के अधिकार क्षेत्र में रहते हुए भारतीय पोत के अलावा प्रत्येक पोत, ऐसी शर्तों के अधीन रहते हुए, समुद्री श्रम सम्मेलन के प्रावधानों के अनुसार जारी किया गया प्रमाण पत्र अपने पास रखेगा।
(3) कोई भी पोत समुद्र में तब तक नहीं जाएगा जब तक कि उसके पास उपधारा ( 2 ) में निर्दिष्ट प्रमाण पत्र न हो।
(4) जहाज मालिक और भर्ती एवं नियुक्ति सेवा प्रदाता संयुक्त रूप से और अलग-अलग जहाज मालिक के दायित्वों का निर्वहन करने के लिए उत्तरदायी होंगे और ऐसे सेवा प्रदाता को धारा 281 और 282 के तहत अपराधों और दंडों के प्रयोजनों के लिए जहाज मालिक माना जाएगा।
(क) वे पोत जो विशेष रूप से अंतर्देशीय जल में या आश्रयित जल के भीतर या निकटवर्ती जल में या उन क्षेत्रों में चलते हैं जहां बंदरगाहों से संबंधित कोई कानून लागू होता है;
(ख) मछली पकड़ने की गतिविधियों में लगे पोत;
(ग) परंपरागत रूप से निर्मित पोत जैसे कि धौ और जंक;
(घ) युद्धपोत या नौसैनिक सहायक पोत।
(2) इस अधिनियम के तहत पंजीकृत प्रत्येक पोत और भारत के अधिकार क्षेत्र में रहते हुए भारतीय पोत के अलावा प्रत्येक पोत, ऐसी शर्तों के अधीन रहते हुए, समुद्री श्रम सम्मेलन के प्रावधानों के अनुसार जारी किया गया प्रमाण पत्र अपने पास रखेगा।
(3) कोई भी पोत समुद्र में तब तक नहीं जाएगा जब तक कि उसके पास उपधारा ( 2 ) में निर्दिष्ट प्रमाण पत्र न हो।
(4) जहाज मालिक और भर्ती एवं नियुक्ति सेवा प्रदाता संयुक्त रूप से और अलग-अलग जहाज मालिक के दायित्वों का निर्वहन करने के लिए उत्तरदायी होंगे और ऐसे सेवा प्रदाता को धारा 281 और 282 के तहत अपराधों और दंडों के प्रयोजनों के लिए जहाज मालिक माना जाएगा।
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