MS Act 133अध्याय VII · Prevention and Containment of Pollution from Vessel and Response
धारा 133 · समुद्र में हानिकारक पदार्थों के उत्सर्जन या त्याग पर नियंत्रण।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) जब तक अन्यथा प्रावधान न हो, सभी जहाजों पर हानिकारक पदार्थों या हानिकारक पदार्थों वाले मिश्रणों के निर्वहन या उत्सर्जन को रोकने का दायित्व होगा।
(2) सभी भारतीय जहाजों में ऐसे उपकरण लगाए जाएंगे और वे जहाज के निर्माण, उपकरण के सर्वेक्षण और संरचना से संबंधित ऐसी आवश्यकताओं और शर्तों का पालन करेंगे, जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है।
(3) इस भाग के अंतर्गत कोई प्रमाण पत्र तब तक प्रदान नहीं किया जाएगा जब तक कि इस धारा की आवश्यकताओं और शर्तों का अनुपालन न किया जाए।
(4) केंद्र सरकार प्रदूषण निवारण के लिए अधिक कठोर मानकों की आवश्यकता वाले ऐसे विशिष्ट क्षेत्रों को नामित कर सकती है, जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है।
(5) केंद्र सरकार, या तो जहाज मालिक के अनुरोध पर या अन्यथा, किसी सर्वेक्षक द्वारा किसी पोत के पतवार, उपकरण या मशीनरी का सर्वेक्षण कराने की व्यवस्था कर सकती है और यदि उपयुक्त पाया जाए, तो इस अधिनियम और इसके अंतर्गत बनाए गए नियमों के प्रावधानों के अनुसार ऐसे प्रपत्र में, ऐसी अवधि के लिए और ऐसी शर्तों के अधीन प्रमाण पत्र प्रदान करेगी जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है।
(6) केंद्र सरकार, अपशिष्ट और अन्य पदार्थों के डंपिंग द्वारा समुद्र के प्रदूषण को रोकने के लिए, ऐसे उपाय कर सकती है, जिन्हें वह उचित समझे, जो मानव स्वास्थ्य के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं, जीवित संसाधनों और समुद्री जीवन को नुकसान पहुंचा सकते हैं, सुविधाओं को नुकसान पहुंचा सकते हैं या समुद्र के अन्य वैध उपयोग में हस्तक्षेप कर सकते हैं।
(7) केंद्र सरकार अधिसूचना द्वारा तटीय जल में डंप करने की अनुमति प्राप्त वस्तुओं को निर्दिष्ट कर सकती है और ऐसी वस्तुओं को डंप करने की अनुमति प्राप्त करने का तरीका निर्धारित कर सकती है।
(8) जब तक स्पष्ट रूप से अनुमति न दी जाए, समुद्र में कोई भी पोत, बंदरगाह, प्लेटफार्म या अन्य मानव निर्मित संरचनाएं तटीय जल में कचरा फेंकने में संलग्न नहीं होंगी।
(2) सभी भारतीय जहाजों में ऐसे उपकरण लगाए जाएंगे और वे जहाज के निर्माण, उपकरण के सर्वेक्षण और संरचना से संबंधित ऐसी आवश्यकताओं और शर्तों का पालन करेंगे, जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है।
(3) इस भाग के अंतर्गत कोई प्रमाण पत्र तब तक प्रदान नहीं किया जाएगा जब तक कि इस धारा की आवश्यकताओं और शर्तों का अनुपालन न किया जाए।
(4) केंद्र सरकार प्रदूषण निवारण के लिए अधिक कठोर मानकों की आवश्यकता वाले ऐसे विशिष्ट क्षेत्रों को नामित कर सकती है, जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है।
(5) केंद्र सरकार, या तो जहाज मालिक के अनुरोध पर या अन्यथा, किसी सर्वेक्षक द्वारा किसी पोत के पतवार, उपकरण या मशीनरी का सर्वेक्षण कराने की व्यवस्था कर सकती है और यदि उपयुक्त पाया जाए, तो इस अधिनियम और इसके अंतर्गत बनाए गए नियमों के प्रावधानों के अनुसार ऐसे प्रपत्र में, ऐसी अवधि के लिए और ऐसी शर्तों के अधीन प्रमाण पत्र प्रदान करेगी जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है।
(6) केंद्र सरकार, अपशिष्ट और अन्य पदार्थों के डंपिंग द्वारा समुद्र के प्रदूषण को रोकने के लिए, ऐसे उपाय कर सकती है, जिन्हें वह उचित समझे, जो मानव स्वास्थ्य के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं, जीवित संसाधनों और समुद्री जीवन को नुकसान पहुंचा सकते हैं, सुविधाओं को नुकसान पहुंचा सकते हैं या समुद्र के अन्य वैध उपयोग में हस्तक्षेप कर सकते हैं।
(7) केंद्र सरकार अधिसूचना द्वारा तटीय जल में डंप करने की अनुमति प्राप्त वस्तुओं को निर्दिष्ट कर सकती है और ऐसी वस्तुओं को डंप करने की अनुमति प्राप्त करने का तरीका निर्धारित कर सकती है।
(8) जब तक स्पष्ट रूप से अनुमति न दी जाए, समुद्र में कोई भी पोत, बंदरगाह, प्लेटफार्म या अन्य मानव निर्मित संरचनाएं तटीय जल में कचरा फेंकने में संलग्न नहीं होंगी।
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