MS Act 138अध्याय VII · Prevention and Containment of Pollution from Vessel and Response
धारा 138 · प्रदूषण नियंत्रण के लिए उपाय करने और घटनाओं की रिपोर्टिंग करने का अधिकार।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) यदि किसी घटना में माल या हानिकारक पदार्थ किसी पोत से निकल जाते हैं या निकलने की संभावना होती है और इससे वायु, समुद्री पर्यावरण या तटों या तटीय जल के किसी भाग का प्रदूषण होता है या होने का खतरा होता है, तो प्रत्येक पोत का कप्तान ऐसी घटना का विवरण ऐसे प्राधिकारी को ऐसे तरीके से सूचित करेगा जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है।
(2) उपधारा ( 1 ) के अंतर्गत प्रदूषण की किसी घटना की सूचना प्राप्त होने पर केंद्र सरकार ऐसी घटना का तुरंत संज्ञान लेगी और पोत के स्वामी, एजेंट, मास्टर, चार्टरर, ऑपरेटर, पट्टेदार या लाइसेंसधारी को नोटिस जारी करके निम्नलिखित कार्रवाई करने का निर्देश देगी, अर्थात्:---
(क) पोत से ऐसे हानिकारक पदार्थों के रिसाव को रोकने के लिए, जैसा कि ऐसी सूचना में निर्दिष्ट किया जा सकता है;
(ख) माल या तेल या हानिकारक तरल पदार्थ या नुकसानदेह पदार्थ को पोत से इस प्रकार और इस स्थान पर हटाना, जैसा कि नोटिस में निर्दिष्ट किया जा सकता है;
(ग) पोत को उस स्थान पर ले जाना, जैसा कि नोटिस में निर्दिष्ट किया जा सकता है;
(घ) समुद्र की सतह पर फैले माल, तेल, विषैले तरल पदार्थ या हानिकारक पदार्थों के रिसाव को नोटिस में निर्दिष्ट तरीके से हटाना;
(ई) नोटिस में निर्दिष्ट स्थान से पोत को, उसमें मौजूद किसी भी माल या भंडार सहित, हटाने पर रोक लगाना; और
(f) ऐसी क्षति को रोकने के लिए आवश्यक समझी जाने वाली कोई अन्य कार्रवाई।
(3) यदि उपधारा ( 1 ) में निर्दिष्ट पोत को छोड़ दिया जाता है या ऐसे पोत से रिपोर्ट अपूर्ण है, तो केंद्र सरकार उस पोत के स्वामी या मालिक पर घटना की जिम्मेदारी तय करेगी।
(4) जहां हानिकारक पदार्थों के रिसाव से तट या तटीय जल को गंभीर और तत्काल खतरा उत्पन्न हुआ है या होने की संभावना है, वहां केंद्र सरकार ऐसे खतरे या जोखिम को रोकने, कम करने या समाप्त करने के लिए आवश्यक समझे जाने वाले उपाय कर सकती है।
(5) यदि कोई व्यक्ति उपधारा ( 2 ) के अधीन उसे तामील किए गए किसी नोटिस का पालन करने में विफल रहता है, तो केंद्र सरकार, चाहे ऐसे व्यक्ति को इस भाग के अंतर्गत किसी अपराध का दोषी ठहराया गया हो या नहीं, उसके द्वारा पालन न करने के कारण, ऐसी कार्रवाई करवा सकती है जिसे वह आवश्यक समझे,---
(क) उपधारा ( 2 ) के तहत जारी नोटिस में दिए गए निर्देशों का पालन करना;
(ख) पोत से निकले या निकलने की आशंका वाले किसी भी हानिकारक पदार्थ के कारण तट या तटीय जल के किसी भी भाग में होने वाले प्रदूषण को रोकना या होने वाले प्रदूषण को रोकना।
(6) इस भाग के प्रावधानों के अधीन रहते हुए, उपधारा ( 5 ) के अधीन शक्तियों के प्रयोग में या उसके कारण केंद्र सरकार द्वारा किसी ऐसे पोत के संबंध में किया गया कोई व्यय या दायित्व, जिसके संबंध में इस धारा के तहत नोटिस जारी किया गया था, केंद्र सरकार को देय ऋण होगा और उस व्यक्ति या व्यक्तियों से वसूल किया जा सकता है जिन पर नोटिस तामील किया गया था या उन सभी या उनमें से किसी से भी, और उस व्यक्ति या व्यक्तियों के स्वामित्व वाले सभी या किसी पोत पर प्रभार होगा जिसे केंद्र सरकार द्वारा राशि का भुगतान होने तक रोक कर रखा जा सकता है।
बशर्ते कि यदि केंद्र सरकार को देय राशि उचित समय के भीतर भुगतान नहीं की जाती है, तो केंद्र सरकार ऐसी राशि की वसूली के उद्देश्य से, लागू ब्याज सहित, ऐसे व्यक्ति के स्वामित्व वाले सभी या किसी भी पोत या उसके किसी भाग को बेच सकती है।
(7) केंद्र सरकार को ऐसे उपाय करने का अधिकार होगा जो खुले समुद्र में किसी घटना के बाद प्रदूषण या प्रदूषण के खतरे से तटरेखा या संबंधित हितों को होने वाले गंभीर और आसन्न खतरे को रोकने, कम करने या समाप्त करने के लिए आवश्यक समझे जाएं, जिससे तटरेखा या तटीय जल को गंभीर हानिकारक परिणाम होने की उचित रूप से अपेक्षा की जा सकती है।
(8) केंद्र सरकार तटीय जल में होने वाली प्रदूषण घटनाओं पर शीघ्र और प्रभावी ढंग से प्रतिक्रिया देने के लिए राष्ट्रीय या क्षेत्रीय व्यवस्था प्रणाली बना सकती है।
(2) उपधारा ( 1 ) के अंतर्गत प्रदूषण की किसी घटना की सूचना प्राप्त होने पर केंद्र सरकार ऐसी घटना का तुरंत संज्ञान लेगी और पोत के स्वामी, एजेंट, मास्टर, चार्टरर, ऑपरेटर, पट्टेदार या लाइसेंसधारी को नोटिस जारी करके निम्नलिखित कार्रवाई करने का निर्देश देगी, अर्थात्:---
(क) पोत से ऐसे हानिकारक पदार्थों के रिसाव को रोकने के लिए, जैसा कि ऐसी सूचना में निर्दिष्ट किया जा सकता है;
(ख) माल या तेल या हानिकारक तरल पदार्थ या नुकसानदेह पदार्थ को पोत से इस प्रकार और इस स्थान पर हटाना, जैसा कि नोटिस में निर्दिष्ट किया जा सकता है;
(ग) पोत को उस स्थान पर ले जाना, जैसा कि नोटिस में निर्दिष्ट किया जा सकता है;
(घ) समुद्र की सतह पर फैले माल, तेल, विषैले तरल पदार्थ या हानिकारक पदार्थों के रिसाव को नोटिस में निर्दिष्ट तरीके से हटाना;
(ई) नोटिस में निर्दिष्ट स्थान से पोत को, उसमें मौजूद किसी भी माल या भंडार सहित, हटाने पर रोक लगाना; और
(f) ऐसी क्षति को रोकने के लिए आवश्यक समझी जाने वाली कोई अन्य कार्रवाई।
(3) यदि उपधारा ( 1 ) में निर्दिष्ट पोत को छोड़ दिया जाता है या ऐसे पोत से रिपोर्ट अपूर्ण है, तो केंद्र सरकार उस पोत के स्वामी या मालिक पर घटना की जिम्मेदारी तय करेगी।
(4) जहां हानिकारक पदार्थों के रिसाव से तट या तटीय जल को गंभीर और तत्काल खतरा उत्पन्न हुआ है या होने की संभावना है, वहां केंद्र सरकार ऐसे खतरे या जोखिम को रोकने, कम करने या समाप्त करने के लिए आवश्यक समझे जाने वाले उपाय कर सकती है।
(5) यदि कोई व्यक्ति उपधारा ( 2 ) के अधीन उसे तामील किए गए किसी नोटिस का पालन करने में विफल रहता है, तो केंद्र सरकार, चाहे ऐसे व्यक्ति को इस भाग के अंतर्गत किसी अपराध का दोषी ठहराया गया हो या नहीं, उसके द्वारा पालन न करने के कारण, ऐसी कार्रवाई करवा सकती है जिसे वह आवश्यक समझे,---
(क) उपधारा ( 2 ) के तहत जारी नोटिस में दिए गए निर्देशों का पालन करना;
(ख) पोत से निकले या निकलने की आशंका वाले किसी भी हानिकारक पदार्थ के कारण तट या तटीय जल के किसी भी भाग में होने वाले प्रदूषण को रोकना या होने वाले प्रदूषण को रोकना।
(6) इस भाग के प्रावधानों के अधीन रहते हुए, उपधारा ( 5 ) के अधीन शक्तियों के प्रयोग में या उसके कारण केंद्र सरकार द्वारा किसी ऐसे पोत के संबंध में किया गया कोई व्यय या दायित्व, जिसके संबंध में इस धारा के तहत नोटिस जारी किया गया था, केंद्र सरकार को देय ऋण होगा और उस व्यक्ति या व्यक्तियों से वसूल किया जा सकता है जिन पर नोटिस तामील किया गया था या उन सभी या उनमें से किसी से भी, और उस व्यक्ति या व्यक्तियों के स्वामित्व वाले सभी या किसी पोत पर प्रभार होगा जिसे केंद्र सरकार द्वारा राशि का भुगतान होने तक रोक कर रखा जा सकता है।
बशर्ते कि यदि केंद्र सरकार को देय राशि उचित समय के भीतर भुगतान नहीं की जाती है, तो केंद्र सरकार ऐसी राशि की वसूली के उद्देश्य से, लागू ब्याज सहित, ऐसे व्यक्ति के स्वामित्व वाले सभी या किसी भी पोत या उसके किसी भाग को बेच सकती है।
(7) केंद्र सरकार को ऐसे उपाय करने का अधिकार होगा जो खुले समुद्र में किसी घटना के बाद प्रदूषण या प्रदूषण के खतरे से तटरेखा या संबंधित हितों को होने वाले गंभीर और आसन्न खतरे को रोकने, कम करने या समाप्त करने के लिए आवश्यक समझे जाएं, जिससे तटरेखा या तटीय जल को गंभीर हानिकारक परिणाम होने की उचित रूप से अपेक्षा की जा सकती है।
(8) केंद्र सरकार तटीय जल में होने वाली प्रदूषण घटनाओं पर शीघ्र और प्रभावी ढंग से प्रतिक्रिया देने के लिए राष्ट्रीय या क्षेत्रीय व्यवस्था प्रणाली बना सकती है।
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