MS Act 135अध्याय VII · Prevention and Containment of Pollution from Vessel and Response
धारा 135 · वैध प्रदूषण निवारण प्रमाणपत्र के बिना कोई भी पोत समुद्र में प्रवेश नहीं करेगा।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) कोई भी पोत समुद्र में तब तक नहीं जाएगा जब तक कि उसके पास धारा 134 में निर्दिष्ट सम्मेलन या समझौते या संधि के तहत आवश्यक वैध प्रमाण पत्र न हों।
(2) किसी पोत को अपने साथ एक वैध प्रमाण पत्र रखना होगा और भारत के किसी बंदरगाह पर रहते समय सर्वेक्षक या किसी अधिकृत व्यक्ति द्वारा निर्धारित तरीके से उसका निरीक्षण किया जाएगा:
बशर्ते कि इस उपधारा में किसी भी बात को किसी अन्य कानून के तहत लागू किसी अधिकारी की शक्तियों को पोत या उसके उपकरणों पर चढ़ने और निरीक्षण करने से सीमित करने के रूप में नहीं समझा जाएगा।
(3) यदि इस धारा के अंतर्गत निरीक्षण से यह पता चलता है कि किसी पोत के पास वैध प्रमाण पत्र नहीं है या जिसकी स्थिति या उपकरण की स्थिति प्रमाण पत्र में उल्लिखित विवरण के अनुरूप नहीं है, तो उचित अधिकारी के आदेश द्वारा पोत को इस धारा के अंतर्गत कार्यवाही समाप्त होने तक या केंद्र सरकार की राय में, पोत को समुद्र में जाने की अनुमति दिए जाने तक रोका जा सकता है, बशर्ते कि इससे समुद्री जीवन, समुद्री पर्यावरण या सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं कल्याण को कोई अनुचित खतरा या हानि न हो।
(4) इस धारा के तहत पोत के स्वामी या कप्तान के विरुद्ध प्रारंभ की गई किसी भी कार्यवाही के बावजूद, केंद्र सरकार ऐसे व्यक्तियों के विरुद्ध आगे की कार्रवाई प्रारंभ कर सकती है, यदि वह यह निर्धारित करती है कि कार्यवाही की समाप्ति के बाद भी प्रदूषण की घटना से हानि या क्षति जारी रहती है, या ऐसी हानि या क्षति होती है जिसका पता कार्यवाही प्रारंभ होने के समय नहीं चला था।
(2) किसी पोत को अपने साथ एक वैध प्रमाण पत्र रखना होगा और भारत के किसी बंदरगाह पर रहते समय सर्वेक्षक या किसी अधिकृत व्यक्ति द्वारा निर्धारित तरीके से उसका निरीक्षण किया जाएगा:
बशर्ते कि इस उपधारा में किसी भी बात को किसी अन्य कानून के तहत लागू किसी अधिकारी की शक्तियों को पोत या उसके उपकरणों पर चढ़ने और निरीक्षण करने से सीमित करने के रूप में नहीं समझा जाएगा।
(3) यदि इस धारा के अंतर्गत निरीक्षण से यह पता चलता है कि किसी पोत के पास वैध प्रमाण पत्र नहीं है या जिसकी स्थिति या उपकरण की स्थिति प्रमाण पत्र में उल्लिखित विवरण के अनुरूप नहीं है, तो उचित अधिकारी के आदेश द्वारा पोत को इस धारा के अंतर्गत कार्यवाही समाप्त होने तक या केंद्र सरकार की राय में, पोत को समुद्र में जाने की अनुमति दिए जाने तक रोका जा सकता है, बशर्ते कि इससे समुद्री जीवन, समुद्री पर्यावरण या सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं कल्याण को कोई अनुचित खतरा या हानि न हो।
(4) इस धारा के तहत पोत के स्वामी या कप्तान के विरुद्ध प्रारंभ की गई किसी भी कार्यवाही के बावजूद, केंद्र सरकार ऐसे व्यक्तियों के विरुद्ध आगे की कार्रवाई प्रारंभ कर सकती है, यदि वह यह निर्धारित करती है कि कार्यवाही की समाप्ति के बाद भी प्रदूषण की घटना से हानि या क्षति जारी रहती है, या ऐसी हानि या क्षति होती है जिसका पता कार्यवाही प्रारंभ होने के समय नहीं चला था।
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