धारा 307 · चोरी करने के उद्देश्य से किसी की मृत्यु, चोट या बंधक बनाने की तैयारी करने के बाद की गई चोरी।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
जो कोई भी चोरी करता है, और चोरी करने के उद्देश्य से, या चोरी करने के बाद भाग निकलने के उद्देश्य से, या चोरी से प्राप्त संपत्ति को अपने पास रखने के उद्देश्य से, किसी व्यक्ति को मृत्यु, चोट, बंधक बनाने, या मृत्यु, चोट या बंधक का भय उत्पन्न करने की तैयारी करता है, उसे दस वर्ष तक के कठोर कारावास की सजा दी जाएगी और उस पर जुर्माना भी लगाया जाएगा।
चित्र।
(क) A, Z के कब्जे में मौजूद संपत्ति की चोरी करता है; और चोरी करते समय, उसने अपने वस्त्रों के नीचे एक भरी हुई पिस्तौल रखी हुई थी, ताकि Z के विरोध करने पर उसे चोट पहुँचा सके। A ने इस धारा में परिभाषित अपराध किया है।
(ख) ए, जेड की जेब काटता है, और उसने अपने कुछ साथियों को उसके पास तैनात कर रखा है, ताकि यदि जेड को कुछ पता चल जाए और वह विरोध करे या ए को पकड़ने का प्रयास करे, तो वे उसे रोक सकें। ए ने इस धारा में परिभाषित अपराध किया है।
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(क) A, Z के कब्जे में मौजूद संपत्ति की चोरी करता है; और चोरी करते समय, उसने अपने वस्त्रों के नीचे एक भरी हुई पिस्तौल रखी हुई थी, ताकि Z के विरोध करने पर उसे चोट पहुँचा सके। A ने इस धारा में परिभाषित अपराध किया है।
(ख) ए, जेड की जेब काटता है, और उसने अपने कुछ साथियों को उसके पास तैनात कर रखा है, ताकि यदि जेड को कुछ पता चल जाए और वह विरोध करे या ए को पकड़ने का प्रयास करे, तो वे उसे रोक सकें। ए ने इस धारा में परिभाषित अपराध किया है।
अपराध एक नज़र में
- अधिकतम दंड
- 10 वर्ष
- जुर्माना
- जुर्माना — कोई विधिक सीमा नहीं, न्यायालय तय करेगा
- संज्ञेय
- संज्ञेय
- जमानतीय
- अजमानतीय
- समझौता योग्य
- समझौता योग्य नहीं
- विचारण न्यायालय
- प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट
- संज्ञेय — पुलिस बिना वारंट गिरफ़्तार कर सकती है
- अजमानतीय — जमानत न्यायालय के विवेक पर है
प्रथम अनुसूची (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता; IPC अपराधों के लिए दंड प्रक्रिया संहिता) से
पुराने कानून में
BNS 307IPC 382
382. Theft after preparation made for causing death, hurt or restraint in order to the committing of the theft.
दोनों पाठों की तुलना करें →इस धारा पर आपका निजी नोट
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