BNS 181अध्याय X · Of Offences Relating to Coin, Currency-notes, Bank-notes, and Government Stampsपहले IPC 233
धारा 181 · सिक्कों, सरकारी स्टाम्प, करेंसी नोटों या बैंक नोटों की जालसाजी या नकली बनाने के लिए उपकरण या सामग्री बनाना या रखना।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
जो कोई भी किसी सिक्के, सरकार द्वारा राजस्व के उद्देश्य से जारी किए गए स्टाम्प, करेंसी नोट या बैंक नोट की जालसाजी या नकली बनाने के उद्देश्य से किसी मशीनरी, डाई, उपकरण या सामग्री का निर्माण या मरम्मत करता है, या निर्माण या मरम्मत की प्रक्रिया का कोई भाग करता है, या उसे खरीदता या बेचता है या उसका निपटान करता है, या अपने कब्जे में रखता है, या यह जानते हुए या यह मानने का कारण रखते हुए कि इसका उपयोग सरकार द्वारा राजस्व के उद्देश्य से जारी किए गए किसी सिक्के, स्टाम्प, करेंसी नोट या बैंक नोट की जालसाजी या नकली बनाने के लिए किया जाना है, उसे आजीवन कारावास या दस वर्ष तक की अवधि के लिए किसी भी प्रकार के कारावास से दंडित किया जाएगा, और वह जुर्माने का भी हकदार होगा।
अपराध एक नज़र में
- अधिकतम दंड
- आजीवन कारावास
- जुर्माना
- जुर्माना — कोई विधिक सीमा नहीं, न्यायालय तय करेगा
- संज्ञेय
- संज्ञेय
- जमानतीय
- अजमानतीय
- समझौता योग्य
- समझौता योग्य नहीं
- विचारण न्यायालय
- सत्र न्यायालय
- संज्ञेय — पुलिस बिना वारंट गिरफ़्तार कर सकती है
- अजमानतीय — जमानत न्यायालय के विवेक पर है
प्रथम अनुसूची (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता; IPC अपराधों के लिए दंड प्रक्रिया संहिता) से
पुराने कानून में
BNS 181IPC 233
233. Making or selling instrument for counterfeiting coin.
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