धारा 220 · लोक सेवक के अधिकार से बिक्री के लिए पेश की गई संपत्ति की अवैध खरीद या बोली लगाना।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
जो कोई भी लोक सेवक के वैध अधिकार से आयोजित संपत्ति की नीलामी में, स्वयं या किसी अन्य व्यक्ति के खाते पर, किसी ऐसी संपत्ति को खरीदता है या उसके लिए बोली लगाता है, जिसके बारे में वह जानता है कि वह व्यक्ति उस नीलामी में उस संपत्ति को खरीदने के लिए कानूनी रूप से अक्षम है, या ऐसी संपत्ति के लिए बोली लगाता है, लेकिन बोली लगाकर अपने दायित्वों को पूरा करने का इरादा नहीं रखता है, तो उसे किसी भी प्रकार के कारावास से एक महीने तक की अवधि के लिए, या दो सौ रुपये तक के जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा।
अपराध एक नज़र में
- अधिकतम दंड
- 1 माह
- जुर्माना
- ₹200
- संज्ञेय
- असंज्ञेय
- जमानतीय
- जमानतीय
- समझौता योग्य
- समझौता योग्य नहीं
- विचारण न्यायालय
- कोई भी मजिस्ट्रेट
- असंज्ञेय — पुलिस बिना मजिस्ट्रेट की अनुमति के जाँच नहीं कर सकती
- जमानतीय — जमानत आपका अधिकार है — थाने से भी मिल सकती है
प्रथम अनुसूची (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता; IPC अपराधों के लिए दंड प्रक्रिया संहिता) से
पुराने कानून में
BNS 220IPC 185
185. Illegal purchase or bid for property offered for sale by authority of public servant.
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