धारा 191 · दंगे।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) जब भी किसी गैरकानूनी सभा द्वारा, या उसके किसी सदस्य द्वारा, ऐसी सभा के सामान्य उद्देश्य की पूर्ति में बल या हिंसा का प्रयोग किया जाता है, तो ऐसी सभा का प्रत्येक सदस्य दंगा करने के अपराध का दोषी होता है।
(2) जो कोई दंगा करने का दोषी पाया जाएगा, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से दो वर्ष तक की अवधि के लिए, या जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा।
(3) जो कोई भी घातक हथियार या किसी ऐसी वस्तु से लैस होकर दंगा करने का दोषी पाया जाता है, जिसका इस्तेमाल अपराध के हथियार के रूप में करने से मृत्यु होने की संभावना हो, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से पांच वर्ष तक की अवधि के लिए, या जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा।
(2) जो कोई दंगा करने का दोषी पाया जाएगा, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से दो वर्ष तक की अवधि के लिए, या जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा।
(3) जो कोई भी घातक हथियार या किसी ऐसी वस्तु से लैस होकर दंगा करने का दोषी पाया जाता है, जिसका इस्तेमाल अपराध के हथियार के रूप में करने से मृत्यु होने की संभावना हो, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से पांच वर्ष तक की अवधि के लिए, या जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा।
अपराध एक नज़र में
- अधिकतम दंड
- 5 वर्ष
- जुर्माना
- जुर्माना — कोई विधिक सीमा नहीं, न्यायालय तय करेगा
- संज्ञेय
- संज्ञेय
- जमानतीय
- जमानतीय
- समझौता योग्य
- समझौता योग्य नहीं
- संज्ञेय — पुलिस बिना वारंट गिरफ़्तार कर सकती है
- जमानतीय — जमानत आपका अधिकार है — थाने से भी मिल सकती है
इस धारा की अलग-अलग उपधाराओं में अलग दंड हैं; यहाँ अधिकतम दिखाया गया है।
प्रथम अनुसूची (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता; IPC अपराधों के लिए दंड प्रक्रिया संहिता) से
पुराने कानून में
BNS 191IPC 146
146. Rioting.
दोनों पाठों की तुलना करें →इस धारा पर आपका निजी नोट
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