धारा 211 · किसी लोक सेवक को सूचना या सूचना देने में कानूनी रूप से बाध्य व्यक्ति द्वारा चूक करना।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
जो कोई भी, किसी लोक सेवक को किसी विषय पर कोई सूचना देने या जानकारी प्रदान करने के लिए विधिवत बाध्य होते हुए, जानबूझकर कानून द्वारा अपेक्षित तरीके से और समय पर ऐसी सूचना देने या ऐसी जानकारी प्रदान करने में चूक करता है,—।
(क) उसे एक महीने तक के साधारण कारावास या पाँच हजार रुपये तक के जुर्माने या दोनों से दंडित किया जाएगा;
(ख) जहां दी जाने वाली सूचना या नोटिस किसी अपराध के घटित होने के संबंध में हो, या किसी अपराध को घटित होने से रोकने के उद्देश्य से हो, या किसी अपराधी को पकड़ने के लिए हो, तो उसे छह महीने तक के साधारण कारावास, या दस हजार रुपये तक के जुर्माने, या दोनों से दंडित किया जाएगा।
(ग) जहां भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 394 के तहत पारित आदेश द्वारा दी जाने वाली सूचना या नोटिस आवश्यक हो, वहां छह महीने तक की अवधि के लिए किसी भी प्रकार के कारावास या एक हजार रुपये तक के जुर्माने या दोनों से दंडित किया जाएगा।
(क) उसे एक महीने तक के साधारण कारावास या पाँच हजार रुपये तक के जुर्माने या दोनों से दंडित किया जाएगा;
(ख) जहां दी जाने वाली सूचना या नोटिस किसी अपराध के घटित होने के संबंध में हो, या किसी अपराध को घटित होने से रोकने के उद्देश्य से हो, या किसी अपराधी को पकड़ने के लिए हो, तो उसे छह महीने तक के साधारण कारावास, या दस हजार रुपये तक के जुर्माने, या दोनों से दंडित किया जाएगा।
(ग) जहां भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 394 के तहत पारित आदेश द्वारा दी जाने वाली सूचना या नोटिस आवश्यक हो, वहां छह महीने तक की अवधि के लिए किसी भी प्रकार के कारावास या एक हजार रुपये तक के जुर्माने या दोनों से दंडित किया जाएगा।
अपराध एक नज़र में
- अधिकतम दंड
- 6 माह
- जुर्माना
- ₹10,000
- संज्ञेय
- असंज्ञेय
- जमानतीय
- जमानतीय
- समझौता योग्य
- समझौता योग्य नहीं
- विचारण न्यायालय
- कोई भी मजिस्ट्रेट
- असंज्ञेय — पुलिस बिना मजिस्ट्रेट की अनुमति के जाँच नहीं कर सकती
- जमानतीय — जमानत आपका अधिकार है — थाने से भी मिल सकती है
इस धारा की अलग-अलग उपधाराओं में अलग दंड हैं; यहाँ अधिकतम दिखाया गया है।
प्रथम अनुसूची (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता; IPC अपराधों के लिए दंड प्रक्रिया संहिता) से
पुराने कानून में
BNS 211IPC 176
176. Omission to give notice or information to public servant by person legally bound to give it.
दोनों पाठों की तुलना करें →इस धारा पर आपका निजी नोट
यह नोट सिर्फ़ आप देख सकते हैं।
