धारा 161 · किसी सैनिक, नौसैनिक या वायुसैनिक द्वारा अपने वरिष्ठ अधिकारी पर, जब वह अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रहा हो, हमला करने के लिए उकसाना।
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जो कोई भी भारत सरकार की सेना, नौसेना या वायु सेना के किसी अधिकारी, सैनिक, नाविक या वायुसैनिक द्वारा अपने पद का निर्वहन कर रहे किसी वरिष्ठ अधिकारी पर हमले में सहायता करता है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से तीन वर्ष तक की अवधि के लिए दंडित किया जाएगा और उस पर जुर्माना भी लगाया जाएगा।
अपराध एक नज़र में
- अधिकतम दंड
- 3 वर्ष
- जुर्माना
- जुर्माना — कोई विधिक सीमा नहीं, न्यायालय तय करेगा
- संज्ञेय
- संज्ञेय
- जमानतीय
- अजमानतीय
- समझौता योग्य
- समझौता योग्य नहीं
- विचारण न्यायालय
- प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट
- संज्ञेय — पुलिस बिना वारंट गिरफ़्तार कर सकती है
- अजमानतीय — जमानत न्यायालय के विवेक पर है
प्रथम अनुसूची (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता; IPC अपराधों के लिए दंड प्रक्रिया संहिता) से
पुराने कानून में
BNS 161IPC 133
133. Abetment of assault by soldier, sailor or airman on his superior officer, when in execution of his office.
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