धारा 239 · किसी अपराध की सूचना देने के लिए बाध्य व्यक्ति द्वारा जानबूझकर सूचना न देना।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
जो कोई भी, यह जानते हुए या यह मानने का कारण रखते हुए कि कोई अपराध किया गया है, जानबूझकर उस अपराध के संबंध में कोई भी जानकारी देने से चूक करता है जिसे देना वह कानूनी रूप से बाध्य है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से छह महीने तक की अवधि के लिए, या पांच हजार रुपये तक के जुर्माने से, या दोनों से दंडित किया जाएगा।
अपराध एक नज़र में
- अधिकतम दंड
- 6 माह
- जुर्माना
- ₹5,000
- संज्ञेय
- असंज्ञेय
- जमानतीय
- जमानतीय
- समझौता योग्य
- समझौता योग्य नहीं
- विचारण न्यायालय
- कोई भी मजिस्ट्रेट
- असंज्ञेय — पुलिस बिना मजिस्ट्रेट की अनुमति के जाँच नहीं कर सकती
- जमानतीय — जमानत आपका अधिकार है — थाने से भी मिल सकती है
प्रथम अनुसूची (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता; IPC अपराधों के लिए दंड प्रक्रिया संहिता) से
पुराने कानून में
BNS 239IPC 202
202. Intentional omission to give information of offence by person bound to inform.
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