PSS Act 33अध्याय VIII · Miscellaneous
धारा 33 · जुर्माने की वसूली का तरीका।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) धारा 30 के तहत रिजर्व बैंक द्वारा चूककर्ता पर लगाया गया जुर्माना, चूककर्ता को देय किसी भी राशि के लिए उस व्यक्ति को नोटिस जारी करके वसूल किया जा सकता है, जिसमें उस व्यक्ति को चूककर्ता को देय राशि में से रिजर्व बैंक को जुर्माने के रूप में देय राशि काटकर रिजर्व बैंक को भुगतान करने के लिए कहा गया हो।
(2) इस धारा में अन्यथा प्रावधान किए जाने के अलावा, इस उपधारा के अंतर्गत जिसे भी नोटिस जारी किया जाता है, वह प्रत्येक व्यक्ति ऐसे नोटिस का अनुपालन करने के लिए बाध्य होगा, और विशेष रूप से, जहां ऐसा नोटिस डाकघर, बैंक या बीमाकर्ता को जारी किया जाता है, वहां भुगतान करने से पहले किसी प्रविष्टि, पृष्ठांकन आदि के लिए कोई पासबुक, जमा रसीद, पॉलिसी या कोई अन्य दस्तावेज प्रस्तुत करना आवश्यक नहीं होगा, भले ही इसके विपरीत कोई नियम, प्रथा या आवश्यकता हो।
(3) किसी संपत्ति के संबंध में, जिसके लिए इस उपधारा के तहत नोटिस जारी किया गया है, नोटिस की तारीख के बाद उत्पन्न होने वाला कोई भी दावा नोटिस में निहित किसी भी मांग के विरुद्ध शून्य होगा।
(4) यदि कोई व्यक्ति, जिसे इस उपधारा के अंतर्गत नोटिस भेजा गया है, शपथपूर्वक यह कहकर नोटिस का विरोध करता है कि मांगी गई राशि या उसका कोई भाग चूककर्ता को देय नहीं है, या उसके पास चूककर्ता के लिए या उसके खाते में कोई धन नहीं है, तो इस उपधारा में निहित कोई भी बात ऐसे व्यक्ति को ऐसी राशि या उसके भाग का भुगतान करने के लिए बाध्य नहीं करेगी, परन्तु यदि यह ज्ञात हो कि ऐसा कथन किसी महत्वपूर्ण तथ्य में असत्य था, तो ऐसा व्यक्ति नोटिस की तिथि को चूककर्ता के प्रति अपनी स्वयं की देयता की सीमा तक, या रिजर्व बैंक द्वारा चूककर्ता पर लगाए गए दंड की सीमा तक, जो भी कम हो, रिजर्व बैंक के प्रति व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी होगा।
(5) रिजर्व बैंक किसी भी समय या समय-समय पर इस धारा के तहत जारी किसी भी नोटिस में संशोधन या उसे रद्द कर सकता है या ऐसे नोटिस के अनुसरण में भुगतान करने के लिए समय बढ़ा सकता है।
(6) रिजर्व बैंक इस धारा के तहत जारी नोटिस के अनुपालन में उसे भुगतान की गई किसी भी राशि के लिए रसीद जारी करेगा और इस प्रकार भुगतान करने वाला व्यक्ति भुगतान की गई राशि की सीमा तक चूककर्ता के प्रति अपने दायित्व से पूरी तरह मुक्त हो जाएगा।
(7) इस धारा के तहत नोटिस प्राप्त होने के बाद चूककर्ता के प्रति किसी दायित्व का निर्वहन करने वाला कोई भी व्यक्ति रिजर्व बैंक के प्रति व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी होगा, उस चूककर्ता के प्रति अपने स्वयं के दायित्व के निर्वहन की सीमा तक या रिजर्व बैंक द्वारा चूककर्ता पर लगाए गए जुर्माने की सीमा तक, जो भी कम हो।
(8) यदि जिस व्यक्ति को इस धारा के अंतर्गत नोटिस भेजा गया है, वह रिजर्व बैंक को उसके अनुसार भुगतान करने में विफल रहता है, तो उसे नोटिस में निर्दिष्ट राशि के संबंध में चूककर्ता माना जाएगा और उससे बकाया राशि की वसूली के लिए इस धारा में दिए गए तरीके से आगे की कार्यवाही की जा सकती है।
स्पष्टीकरण .--इस धारा के प्रयोजनों के लिए, "डिफॉल्टर" से तात्पर्य किसी ऐसे व्यक्ति या सिस्टम प्रदाता या सिस्टम प्रतिभागी से है जिस पर रिजर्व बैंक ने धारा 30 के तहत जुर्माना लगाया है।
(2) इस धारा में अन्यथा प्रावधान किए जाने के अलावा, इस उपधारा के अंतर्गत जिसे भी नोटिस जारी किया जाता है, वह प्रत्येक व्यक्ति ऐसे नोटिस का अनुपालन करने के लिए बाध्य होगा, और विशेष रूप से, जहां ऐसा नोटिस डाकघर, बैंक या बीमाकर्ता को जारी किया जाता है, वहां भुगतान करने से पहले किसी प्रविष्टि, पृष्ठांकन आदि के लिए कोई पासबुक, जमा रसीद, पॉलिसी या कोई अन्य दस्तावेज प्रस्तुत करना आवश्यक नहीं होगा, भले ही इसके विपरीत कोई नियम, प्रथा या आवश्यकता हो।
(3) किसी संपत्ति के संबंध में, जिसके लिए इस उपधारा के तहत नोटिस जारी किया गया है, नोटिस की तारीख के बाद उत्पन्न होने वाला कोई भी दावा नोटिस में निहित किसी भी मांग के विरुद्ध शून्य होगा।
(4) यदि कोई व्यक्ति, जिसे इस उपधारा के अंतर्गत नोटिस भेजा गया है, शपथपूर्वक यह कहकर नोटिस का विरोध करता है कि मांगी गई राशि या उसका कोई भाग चूककर्ता को देय नहीं है, या उसके पास चूककर्ता के लिए या उसके खाते में कोई धन नहीं है, तो इस उपधारा में निहित कोई भी बात ऐसे व्यक्ति को ऐसी राशि या उसके भाग का भुगतान करने के लिए बाध्य नहीं करेगी, परन्तु यदि यह ज्ञात हो कि ऐसा कथन किसी महत्वपूर्ण तथ्य में असत्य था, तो ऐसा व्यक्ति नोटिस की तिथि को चूककर्ता के प्रति अपनी स्वयं की देयता की सीमा तक, या रिजर्व बैंक द्वारा चूककर्ता पर लगाए गए दंड की सीमा तक, जो भी कम हो, रिजर्व बैंक के प्रति व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी होगा।
(5) रिजर्व बैंक किसी भी समय या समय-समय पर इस धारा के तहत जारी किसी भी नोटिस में संशोधन या उसे रद्द कर सकता है या ऐसे नोटिस के अनुसरण में भुगतान करने के लिए समय बढ़ा सकता है।
(6) रिजर्व बैंक इस धारा के तहत जारी नोटिस के अनुपालन में उसे भुगतान की गई किसी भी राशि के लिए रसीद जारी करेगा और इस प्रकार भुगतान करने वाला व्यक्ति भुगतान की गई राशि की सीमा तक चूककर्ता के प्रति अपने दायित्व से पूरी तरह मुक्त हो जाएगा।
(7) इस धारा के तहत नोटिस प्राप्त होने के बाद चूककर्ता के प्रति किसी दायित्व का निर्वहन करने वाला कोई भी व्यक्ति रिजर्व बैंक के प्रति व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी होगा, उस चूककर्ता के प्रति अपने स्वयं के दायित्व के निर्वहन की सीमा तक या रिजर्व बैंक द्वारा चूककर्ता पर लगाए गए जुर्माने की सीमा तक, जो भी कम हो।
(8) यदि जिस व्यक्ति को इस धारा के अंतर्गत नोटिस भेजा गया है, वह रिजर्व बैंक को उसके अनुसार भुगतान करने में विफल रहता है, तो उसे नोटिस में निर्दिष्ट राशि के संबंध में चूककर्ता माना जाएगा और उससे बकाया राशि की वसूली के लिए इस धारा में दिए गए तरीके से आगे की कार्यवाही की जा सकती है।
स्पष्टीकरण .--इस धारा के प्रयोजनों के लिए, "डिफॉल्टर" से तात्पर्य किसी ऐसे व्यक्ति या सिस्टम प्रदाता या सिस्टम प्रतिभागी से है जिस पर रिजर्व बैंक ने धारा 30 के तहत जुर्माना लगाया है।
इस धारा पर आपका निजी नोट
यह नोट सिर्फ़ आप देख सकते हैं।

