CF Act 47अध्याय IX · Inspection of Documents
धारा 47 · रिजर्व बैंक को चिट बुक और रिकॉर्ड का निरीक्षण करने का अधिकार है।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) धारा 46 में कोई भी बात भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 (1934 का 2) की धारा 45एन के प्रावधानों के तहत किसी भी फोरमैन की पुस्तकों और अभिलेखों का निरीक्षण करने के लिए रिज़र्व बैंक की शक्ति को प्रभावित नहीं करेगी।
(2) यदि रिजर्व बैंक आवश्यक समझे तो वह फोरमैन की पुस्तकों और अभिलेखों के निरीक्षण पर अपनी रिपोर्ट या उसके किसी भाग की प्रति फोरमैन को आवश्यक कार्रवाई करने हेतु अग्रेषित कर सकता है।
(3) उपधारा (2) के अधीन रिपोर्ट या उसके अंश की प्राप्ति पर प्रत्येक फोरमैन इस संबंध में रिजर्व बैंक द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करने के लिए बाध्य होगा, यदि कोई हो, और यदि आवश्यक हो, तो उसके द्वारा की गई कार्रवाई के संबंध में आवधिक रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा।
(4) रिज़र्व बैंक किसी फोरमैन की पुस्तकों और अभिलेखों के निरीक्षण पर रिपोर्ट की एक प्रति उस राज्य सरकार को भी भेज सकता है जिसके अधिकार क्षेत्र में कंपनी का पंजीकृत कार्यालय स्थित है, यदि फोरमैन एक कंपनी है, या किसी अन्य मामले में फोरमैन का व्यवसाय स्थल या मुख्य व्यवसाय स्थल स्थित है, ताकि आवश्यक समझी जाने वाली कार्रवाई की जा सके।
(2) यदि रिजर्व बैंक आवश्यक समझे तो वह फोरमैन की पुस्तकों और अभिलेखों के निरीक्षण पर अपनी रिपोर्ट या उसके किसी भाग की प्रति फोरमैन को आवश्यक कार्रवाई करने हेतु अग्रेषित कर सकता है।
(3) उपधारा (2) के अधीन रिपोर्ट या उसके अंश की प्राप्ति पर प्रत्येक फोरमैन इस संबंध में रिजर्व बैंक द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करने के लिए बाध्य होगा, यदि कोई हो, और यदि आवश्यक हो, तो उसके द्वारा की गई कार्रवाई के संबंध में आवधिक रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा।
(4) रिज़र्व बैंक किसी फोरमैन की पुस्तकों और अभिलेखों के निरीक्षण पर रिपोर्ट की एक प्रति उस राज्य सरकार को भी भेज सकता है जिसके अधिकार क्षेत्र में कंपनी का पंजीकृत कार्यालय स्थित है, यदि फोरमैन एक कंपनी है, या किसी अन्य मामले में फोरमैन का व्यवसाय स्थल या मुख्य व्यवसाय स्थल स्थित है, ताकि आवश्यक समझी जाने वाली कार्रवाई की जा सके।
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