CF Act 33अध्याय V · Rights and Duties of Prized Subscribers
धारा 33 · फोरमैन लिखित सूचना द्वारा भविष्य के सब्सक्रिप्शन की मांग करेगा।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
धारा 32 के तहत किसी चूक करने वाले ग्राहक से एकमुश्त भुगतान का दावा करने का हकदार फोरमैन तब तक नहीं होगा जब तक कि वह इस संबंध में लिखित में मांग न करे।
(2) यदि इस अधिनियम के अंतर्गत किसी पूर्व-नियुक्त ग्राहक से भविष्य के उपकरों के समेकित भुगतान हेतु किसी विवाद को उठाया जाता है और ग्राहक विवाद की सुनवाई के लिए निर्धारित तिथि तक के उपकरों का बकाया ब्याज सहित चिट समझौते में निर्धारित दर पर ब्याज और विवाद के निपटारे का खर्च फोरमैन को अदा कर देता है, तो विवाद की सुनवाई करने वाला रजिस्ट्रार या उसका नामित व्यक्ति, किसी विपरीत अनुबंध के बावजूद, ग्राहक को भविष्य के उपकरों का भुगतान फोरमैन को देय तिथियों तक अदा करने का आदेश देगा और ग्राहक द्वारा ऐसे भुगतानों में चूक की स्थिति में, फोरमैन उस आदेश के निष्पादन में सभी भविष्य के उपकरों और ब्याज सहित, यदि कोई हो, खर्च सहित, ग्राहक द्वारा पहले से भुगतान की गई राशि (यदि कोई हो) को घटाकर वसूल करने के लिए स्वतंत्र होगा।
बशर्ते कि यदि ऐसा कोई विवाद वचन पत्र पर आधारित हो, तो इस उपधारा के अंतर्गत कोई आदेश तब तक पारित नहीं किया जाएगा जब तक कि ऐसे वचन पत्र में स्पष्ट रूप से यह न कहा गया हो कि वचन पत्र के अंतर्गत देय राशि चिट में सदस्यता शुल्क के भुगतान के लिए है।
(3) कोई भी व्यक्ति जो प्रतिभूति के रूप में दी गई संपत्ति या उसके किसी भाग में कोई हित रखता है, उपधारा (2) के अधीन भुगतान करने का हकदार होगा।
(4) फोरमैन द्वारा प्राप्त भविष्य के सब्सक्रिप्शन के सभी समेकित भुगतान उसके द्वारा चिट समझौते में उल्लिखित अनुमोदित बैंक में अगली किस्त की तारीख से पहले जमा किए जाएंगे और इस प्रकार जमा की गई राशि को भविष्य के सब्सक्रिप्शन के भुगतान के अलावा नहीं निकाला जाएगा।
(5) जहां भविष्य के उपकरों के समेकित भुगतान के बदले सुरक्षा के रूप में कोई संपत्ति प्राप्त की जाती है, वह भविष्य के उपकरों के नियत भुगतान के लिए सुरक्षा के रूप में रहेगी।
(2) यदि इस अधिनियम के अंतर्गत किसी पूर्व-नियुक्त ग्राहक से भविष्य के उपकरों के समेकित भुगतान हेतु किसी विवाद को उठाया जाता है और ग्राहक विवाद की सुनवाई के लिए निर्धारित तिथि तक के उपकरों का बकाया ब्याज सहित चिट समझौते में निर्धारित दर पर ब्याज और विवाद के निपटारे का खर्च फोरमैन को अदा कर देता है, तो विवाद की सुनवाई करने वाला रजिस्ट्रार या उसका नामित व्यक्ति, किसी विपरीत अनुबंध के बावजूद, ग्राहक को भविष्य के उपकरों का भुगतान फोरमैन को देय तिथियों तक अदा करने का आदेश देगा और ग्राहक द्वारा ऐसे भुगतानों में चूक की स्थिति में, फोरमैन उस आदेश के निष्पादन में सभी भविष्य के उपकरों और ब्याज सहित, यदि कोई हो, खर्च सहित, ग्राहक द्वारा पहले से भुगतान की गई राशि (यदि कोई हो) को घटाकर वसूल करने के लिए स्वतंत्र होगा।
बशर्ते कि यदि ऐसा कोई विवाद वचन पत्र पर आधारित हो, तो इस उपधारा के अंतर्गत कोई आदेश तब तक पारित नहीं किया जाएगा जब तक कि ऐसे वचन पत्र में स्पष्ट रूप से यह न कहा गया हो कि वचन पत्र के अंतर्गत देय राशि चिट में सदस्यता शुल्क के भुगतान के लिए है।
(3) कोई भी व्यक्ति जो प्रतिभूति के रूप में दी गई संपत्ति या उसके किसी भाग में कोई हित रखता है, उपधारा (2) के अधीन भुगतान करने का हकदार होगा।
(4) फोरमैन द्वारा प्राप्त भविष्य के सब्सक्रिप्शन के सभी समेकित भुगतान उसके द्वारा चिट समझौते में उल्लिखित अनुमोदित बैंक में अगली किस्त की तारीख से पहले जमा किए जाएंगे और इस प्रकार जमा की गई राशि को भविष्य के सब्सक्रिप्शन के भुगतान के अलावा नहीं निकाला जाएगा।
(5) जहां भविष्य के उपकरों के समेकित भुगतान के बदले सुरक्षा के रूप में कोई संपत्ति प्राप्त की जाती है, वह भविष्य के उपकरों के नियत भुगतान के लिए सुरक्षा के रूप में रहेगी।
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