CF Act 46अध्याय IX · Inspection of Documents
धारा 46 · रजिस्ट्रार द्वारा चिट बुक और अभिलेखों का निरीक्षण।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) कंपनी अधिनियम, 1956 (1 ऑफ 1956) की धारा 209 और 209ए के प्रावधानों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, रजिस्ट्रार या राज्य सरकार द्वारा इस संबंध में अधिकृत अधिकारी, किसी भी कार्य दिवस पर कार्य समय के दौरान फोरमैन के परिसर में, सूचना देकर या बिना सूचना दिए, चिट बही और चिट के सभी अभिलेखों का निरीक्षण कर सकता है, और प्रत्येक फोरमैन का यह कर्तव्य होगा कि वह रजिस्ट्रार या इस प्रकार अधिकृत अधिकारी को, उसके पास मौजूद सभी बही और अभिलेख प्रस्तुत करे और उसे चिटों से संबंधित कोई भी विवरण या जानकारी प्रदान करे, जिसकी फोरमैन को आवश्यकता हो, ऐसे समय के भीतर जैसा वह निर्दिष्ट करे।
(2) रजिस्ट्रार या राज्य सरकार द्वारा इस संबंध में अधिकृत अधिकारी, फोरमैन को सात दिन का लिखित नोटिस देने के बाद, उसे नोटिस में उल्लिखित समय और स्थान पर चिट बुक और अभिलेखों को निरीक्षण के लिए अपने समक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दे सकता है।
(3) यदि उपधारा (1) या उपधारा (2) के अधीन किए गए निरीक्षण में कोई दोष पाए जाते हैं, तो रजिस्ट्रार ऐसे दोषों को फोरमैन के ध्यान में ला सकता है और फोरमैन को ऐसे आदेश देने का निर्देश भी दे सकता है कि वह उन दोषों को निर्धारित समय के भीतर दूर करने के लिए आदेश में निर्दिष्ट कार्रवाई करे।
(4) प्रत्येक फोरमैन उपधारा (3) के अधीन जारी किए गए आदेश में दिए गए निर्देशों का पालन करने के लिए बाध्य होगा।
(2) रजिस्ट्रार या राज्य सरकार द्वारा इस संबंध में अधिकृत अधिकारी, फोरमैन को सात दिन का लिखित नोटिस देने के बाद, उसे नोटिस में उल्लिखित समय और स्थान पर चिट बुक और अभिलेखों को निरीक्षण के लिए अपने समक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दे सकता है।
(3) यदि उपधारा (1) या उपधारा (2) के अधीन किए गए निरीक्षण में कोई दोष पाए जाते हैं, तो रजिस्ट्रार ऐसे दोषों को फोरमैन के ध्यान में ला सकता है और फोरमैन को ऐसे आदेश देने का निर्देश भी दे सकता है कि वह उन दोषों को निर्धारित समय के भीतर दूर करने के लिए आदेश में निर्दिष्ट कार्रवाई करे।
(4) प्रत्येक फोरमैन उपधारा (3) के अधीन जारी किए गए आदेश में दिए गए निर्देशों का पालन करने के लिए बाध्य होगा।
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