NHB Act 29Cअध्याय V · Provisions Relating to Housing Finance Institutions Receiving Deposits
धारा 29C · सुरक्षित कोष।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
1 [29सी. आरक्षित निधि. -- (1) प्रत्येक आवास वित्त संस्था जो एक कंपनी है, एक आरक्षित निधि बनाएगी और उसमें लाभ और हानि खाते में प्रकट किए गए अपने शुद्ध लाभ के बीस प्रतिशत से कम राशि प्रत्येक वर्ष हस्तांतरित करेगी तथा लाभांश घोषित होने से पहले।
स्पष्टीकरण। -- आयकर अधिनियम, 1961 (43 ऑफ 1961) की धारा 36 की उपधारा (1) के खंड (viii) के अनुसार कोई आवास वित्त संस्था किसी विशेष आरक्षित निधि का सृजन और रखरखाव करती है, तो वह इस उपधारा के प्रयोजनों के लिए उस वर्ष के लिए उसके द्वारा ऐसी विशेष आरक्षित निधि में हस्तांतरित की गई किसी राशि को ध्यान में रख सकती है।
(2) आरक्षित निधि से, जिसमें उपधारा (1) के अनुसार आरक्षित निधि के प्रयोजनों के लिए ध्यान में रखी गई विशेष आरक्षित निधि में रखी गई कोई भी राशि शामिल है, किसी भी राशि का विनियोजन ऐसे आवास वित्त संस्था द्वारा समय-समय पर [रिजर्व बैंक द्वारा निर्दिष्ट] प्रयोजन के अलावा किसी अन्य प्रयोजन के लिए नहीं किया जाएगा और ऐसे प्रत्येक विनियोजन की सूचना [राष्ट्रीय आवास बैंक और रिजर्व बैंक को] ऐसी निकासी की तिथि से इक्कीस दिनों के भीतर दी जाएगी।
4. [बशर्ते कि राष्ट्रीय आवास बैंक या रिजर्व बैंक] किसी विशेष मामले में और पर्याप्त कारण बताए जाने पर, इक्कीस दिनों की अवधि को ऐसी अतिरिक्त अवधि तक बढ़ा सकता है जैसा वह उचित समझे या ऐसी रिपोर्ट बनाने में किसी भी देरी को माफ कर सकता है।
(3) उपधारा (1) में किसी बात के होते हुए भी, केंद्र सरकार, [ रिजर्व बैंक] की सिफारिश पर और किसी कंपनी के रूप में स्थित आवास वित्त संस्था की जमा देनदारियों के संबंध में उसकी चुकता पूंजी और भंडार की पर्याप्तता को ध्यान में रखते हुए, लिखित आदेश द्वारा यह घोषित कर सकती है कि उपधारा (1) के प्रावधान ऐसी आवास वित्त संस्था पर उस अवधि के लिए लागू नहीं होंगे जो आदेश में निर्दिष्ट की जाए:
बशर्ते कि ऐसा कोई आदेश तब तक नहीं दिया जाएगा जब तक कि उपधारा (1) के अंतर्गत आरक्षित निधि में जमा राशि, शेयर प्रीमियम खाते में जमा राशि सहित, आवास वित्त संस्था की चुकता पूंजी से कम न हो।]
स्पष्टीकरण। -- आयकर अधिनियम, 1961 (43 ऑफ 1961) की धारा 36 की उपधारा (1) के खंड (viii) के अनुसार कोई आवास वित्त संस्था किसी विशेष आरक्षित निधि का सृजन और रखरखाव करती है, तो वह इस उपधारा के प्रयोजनों के लिए उस वर्ष के लिए उसके द्वारा ऐसी विशेष आरक्षित निधि में हस्तांतरित की गई किसी राशि को ध्यान में रख सकती है।
(2) आरक्षित निधि से, जिसमें उपधारा (1) के अनुसार आरक्षित निधि के प्रयोजनों के लिए ध्यान में रखी गई विशेष आरक्षित निधि में रखी गई कोई भी राशि शामिल है, किसी भी राशि का विनियोजन ऐसे आवास वित्त संस्था द्वारा समय-समय पर [रिजर्व बैंक द्वारा निर्दिष्ट] प्रयोजन के अलावा किसी अन्य प्रयोजन के लिए नहीं किया जाएगा और ऐसे प्रत्येक विनियोजन की सूचना [राष्ट्रीय आवास बैंक और रिजर्व बैंक को] ऐसी निकासी की तिथि से इक्कीस दिनों के भीतर दी जाएगी।
4. [बशर्ते कि राष्ट्रीय आवास बैंक या रिजर्व बैंक] किसी विशेष मामले में और पर्याप्त कारण बताए जाने पर, इक्कीस दिनों की अवधि को ऐसी अतिरिक्त अवधि तक बढ़ा सकता है जैसा वह उचित समझे या ऐसी रिपोर्ट बनाने में किसी भी देरी को माफ कर सकता है।
(3) उपधारा (1) में किसी बात के होते हुए भी, केंद्र सरकार, [ रिजर्व बैंक] की सिफारिश पर और किसी कंपनी के रूप में स्थित आवास वित्त संस्था की जमा देनदारियों के संबंध में उसकी चुकता पूंजी और भंडार की पर्याप्तता को ध्यान में रखते हुए, लिखित आदेश द्वारा यह घोषित कर सकती है कि उपधारा (1) के प्रावधान ऐसी आवास वित्त संस्था पर उस अवधि के लिए लागू नहीं होंगे जो आदेश में निर्दिष्ट की जाए:
बशर्ते कि ऐसा कोई आदेश तब तक नहीं दिया जाएगा जब तक कि उपधारा (1) के अंतर्गत आरक्षित निधि में जमा राशि, शेयर प्रीमियम खाते में जमा राशि सहित, आवास वित्त संस्था की चुकता पूंजी से कम न हो।]
इस धारा पर आपका निजी नोट
यह नोट सिर्फ़ आप देख सकते हैं।

