CGST Act 52अध्याय X · Payment of Tax
धारा 52 · दुकानों पर कर संग्रह।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) इस अधिनियम में किसी विपरीत प्रावधान के होते हुए भी, प्रत्येक इलेक्ट्रॉनिक वाणिज्य संचालक (जिसे इस धारा में आगे "संचालक" कहा गया है), जो एजेंट न हो, अन्य आपूर्तिकर्ताओं द्वारा उसके माध्यम से की गई कर योग्य आपूर्तियों के शुद्ध मूल्य पर एक प्रतिशत से अधिक की दर से राशि वसूल करेगा, जहां ऐसी आपूर्तियों के संबंध में प्रतिफल संचालक द्वारा वसूल किया जाना है।
स्पष्टीकरण .--- इस उपधारा के प्रयोजनों के लिए, "कर योग्य आपूर्तियों का शुद्ध मूल्य" अभिव्यक्ति का अर्थ धारा 9 की उपधारा ( 5 ) के तहत अधिसूचित सेवाओं के अलावा, किसी भी माह के दौरान सभी पंजीकृत व्यक्तियों द्वारा ऑपरेटर के माध्यम से की गई वस्तुओं या सेवाओं या दोनों की कर योग्य आपूर्तियों का कुल मूल्य होगा, जिसमें से उक्त माह के दौरान आपूर्तिकर्ताओं को लौटाई गई कर योग्य आपूर्तियों का कुल मूल्य घटा दिया जाएगा।
(2) उपधारा ( 1 ) में निर्दिष्ट राशि वसूल करने की शक्ति ऑपरेटर से वसूली के किसी अन्य तरीके पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं डालेगी।
(3) उपधारा ( 1 ) के तहत एकत्रित राशि, ऐसे संग्रहण किए जाने वाले माह की समाप्ति के दस दिनों के भीतर, संचालक द्वारा सरकार को ऐसे तरीके से भुगतान की जाएगी जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है।
(4) उपधारा ( 1 ) में निर्दिष्ट राशि एकत्र करने वाला प्रत्येक संचालक, किसी माह के दौरान अपने द्वारा की गई माल या सेवाओं या दोनों की बाहरी आपूर्ति का विवरण, जिसमें उसके द्वारा लौटाई गई माल या सेवाओं या दोनों की आपूर्ति और उपधारा ( 1 ) के अंतर्गत एकत्र की गई राशि शामिल हो, ऐसे प्रपत्र और तरीके से, जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है, ऐसे माह की समाप्ति के दस दिनों के भीतर इलेक्ट्रॉनिक रूप से विवरण प्रस्तुत करेगा।
1. बशर्ते कि आयुक्त, लिखित रूप में दर्ज किए जाने वाले कारणों से, अधिसूचना द्वारा, पंजीकृत व्यक्तियों के ऐसे वर्ग के लिए विवरण प्रस्तुत करने की समय सीमा बढ़ा सकता है, जैसा कि उसमें निर्दिष्ट किया गया हो:
इसके अलावा, राज्य कर आयुक्त या केंद्र शासित प्रदेश कर आयुक्त द्वारा अधिसूचित समय सीमा में कोई भी विस्तार आयुक्त द्वारा अधिसूचित माना जाएगा।]
(5) उपधारा ( 1 ) में निर्दिष्ट राशि एकत्र करने वाला प्रत्येक संचालक, वित्तीय वर्ष के दौरान उक्त उपधारा के अंतर्गत एकत्र की गई राशि और उसके द्वारा किए गए माल या सेवाओं या दोनों की बाहरी आपूर्ति का विवरण, जिसमें उसके द्वारा लौटाए गए माल या सेवाओं या दोनों की आपूर्ति भी शामिल है, इलेक्ट्रॉनिक रूप से वार्षिक विवरण प्रस्तुत करेगा, जो निर्धारित प्रपत्र और तरीके से वित्तीय वर्ष की समाप्ति के बाद आने वाले इकत्तीसवें दिसंबर से पहले दिया जाएगा।
1. बशर्ते कि आयुक्त, परिषद की अनुशंसाओं पर और लिखित रूप में दर्ज किए जाने वाले कारणों से, अधिसूचना द्वारा, पंजीकृत व्यक्तियों के ऐसे वर्ग के लिए वार्षिक विवरण प्रस्तुत करने की समय सीमा बढ़ा सकता है, जैसा कि उसमें निर्दिष्ट किया गया हो:
इसके अलावा, राज्य कर आयुक्त या केंद्र शासित प्रदेश कर आयुक्त द्वारा अधिसूचित समय सीमा में कोई भी विस्तार आयुक्त द्वारा अधिसूचित माना जाएगा।]
(6) यदि कोई संचालक उपधारा ( 4 ) के अधीन विवरण प्रस्तुत करने के बाद उसमें कोई चूक या गलत विवरण पाता है, जो कर अधिकारियों द्वारा जांच, लेखापरीक्षा, निरीक्षण या प्रवर्तन गतिविधि के परिणामस्वरूप न हो, तो वह उस महीने के लिए प्रस्तुत किए जाने वाले विवरण में ऐसी चूक या गलत विवरण को ठीक करेगा, जिस महीने में ऐसी चूक या गलत विवरण का पता चला है, धारा 50 की उपधारा ( 1 ) में निर्दिष्ट ब्याज के भुगतान के अधीन।
बशर्ते कि वित्तीय वर्ष की समाप्ति के बाद आने वाले 2 [तीसवें दिन नवंबर] या संबंधित वार्षिक विवरण प्रस्तुत करने की वास्तविक तिथि, जो भी पहले हो, के बाद किसी भी चूक या गलत विवरण के सुधार की अनुमति नहीं दी जाएगी।
(7) वह आपूर्तिकर्ता जिसने ऑपरेटर के माध्यम से माल या सेवाएं या दोनों की आपूर्ति की है, वह अपने इलेक्ट्रॉनिक कैश लेजर में ऑपरेटर द्वारा उप-धारा ( 4 ) के तहत प्रस्तुत किए गए विवरण में एकत्रित और दर्शाई गई राशि का क्रेडिट ऐसे तरीके से दावा करेगा जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है।
(8) उपधारा ( 4 ) के अंतर्गत प्रत्येक ऑपरेटर द्वारा दी गई आपूर्तियों का विवरण, इस अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत संबंधित आपूर्तिकर्ता द्वारा दी गई बहिर्वाह आपूर्तियों के विवरण से इस प्रकार और इस प्रकार समय के भीतर मिलाया जाएगा, जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है।
(9) जहां उपधारा ( 4 ) के तहत ऑपरेटर द्वारा दी गई बाहरी आपूर्ति का विवरण धारा 3 [धारा 37 या धारा 39] के तहत आपूर्तिकर्ता द्वारा दिए गए संबंधित विवरण से मेल नहीं खाता है, तो विसंगति दोनों व्यक्तियों को ऐसे तरीके से और ऐसे समय के भीतर सूचित की जाएगी जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है।
(10) जिस राशि के संबंध में उप-धारा ( 9 ) के तहत कोई विसंगति सूचित की जाती है और जिसे आपूर्तिकर्ता द्वारा अपने वैध रिटर्न में या ऑपरेटर द्वारा उस माह के विवरण में ठीक नहीं किया जाता है जिसमें विसंगति सूचित की जाती है, उसे उक्त आपूर्तिकर्ता की उत्पादन कर देयता में जोड़ा जाएगा, जहां ऑपरेटर द्वारा आपूर्ति की गई बाहरी आपूर्ति का मूल्य आपूर्तिकर्ता द्वारा उस माह के बाद के माह के रिटर्न में आपूर्ति की गई बाहरी आपूर्ति के मूल्य से अधिक है जिसमें विसंगति सूचित की जाती है, ऐसे तरीके से जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है।
(11) संबंधित आपूर्तिकर्ता, जिसकी उत्पादन कर देयता में उपधारा ( 10 ) के अधीन कोई राशि जोड़ी गई है, ऐसी आपूर्ति के संबंध में देय कर का भुगतान ब्याज सहित, धारा 50 की उपधारा ( 1 ) के अधीन निर्दिष्ट दर से, उस राशि पर, जिस तिथि से कर देय था, उसके भुगतान की तिथि तक करेगा।
(12) उपायुक्त से कम रैंक का कोई भी प्राधिकारी इस अधिनियम के अंतर्गत किसी भी कार्यवाही से पहले या उसके दौरान संचालक को नोटिस जारी कर उससे निम्नलिखित विवरण प्रस्तुत करने की मांग कर सकता है:
(क) किसी अवधि के दौरान ऐसे संचालक के माध्यम से की गई वस्तुओं या सेवाओं या दोनों की आपूर्ति; या
(ख) ऐसे ऑपरेटर के माध्यम से आपूर्ति करने वाले आपूर्तिकर्ताओं द्वारा ऐसे ऑपरेटर द्वारा प्रबंधित और ऐसे आपूर्तिकर्ताओं द्वारा अतिरिक्त व्यावसायिक स्थानों के रूप में घोषित गोदामों या गोदामों में रखे गए माल का भंडार, चाहे उन्हें किसी भी नाम से पुकारा जाए।
जैसा कि नोटिस में निर्दिष्ट किया जा सकता है।
(13) उपधारा ( 12 ) के अधीन जिस भी ऑपरेटर को नोटिस भेजा गया है, वह ऐसे नोटिस की तामील की तिथि से पंद्रह कार्यदिवसों के भीतर आवश्यक सूचना प्रस्तुत करेगा।
(14) कोई भी व्यक्ति जो उपधारा ( 12 ) के तहत तामील किए गए नोटिस द्वारा मांगी गई जानकारी प्रस्तुत करने में विफल रहता है, धारा 122 के तहत की जा सकने वाली किसी भी कार्रवाई पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, पच्चीस हजार रुपये तक के जुर्माने का हकदार होगा।
स्पष्टीकरण .--- इस धारा के प्रयोजनों के लिए, "संबंधित आपूर्तिकर्ता" अभिव्यक्ति का अर्थ माल या सेवाओं या दोनों का आपूर्तिकर्ता होगा जो ऑपरेटर के माध्यम से आपूर्ति करता है।
4 [(15) ऑपरेटर को उक्त विवरण प्रस्तुत करने की नियत तिथि से तीन वर्ष की अवधि समाप्त होने के बाद उप-धारा (4) के तहत विवरण प्रस्तुत करने की अनुमति नहीं दी जाएगी:
बशर्ते कि सरकार, परिषद की अनुशंसाओं पर, अधिसूचना द्वारा, उसमें निर्दिष्ट शर्तों और प्रतिबंधों के अधीन रहते हुए, किसी संचालक या संचालकों के वर्ग को उक्त विवरण प्रस्तुत करने की नियत तिथि से तीन वर्ष की उक्त अवधि की समाप्ति के बाद भी उप-धारा (4) के अंतर्गत विवरण प्रस्तुत करने की अनुमति दे सकती है।
स्पष्टीकरण .--- इस उपधारा के प्रयोजनों के लिए, "कर योग्य आपूर्तियों का शुद्ध मूल्य" अभिव्यक्ति का अर्थ धारा 9 की उपधारा ( 5 ) के तहत अधिसूचित सेवाओं के अलावा, किसी भी माह के दौरान सभी पंजीकृत व्यक्तियों द्वारा ऑपरेटर के माध्यम से की गई वस्तुओं या सेवाओं या दोनों की कर योग्य आपूर्तियों का कुल मूल्य होगा, जिसमें से उक्त माह के दौरान आपूर्तिकर्ताओं को लौटाई गई कर योग्य आपूर्तियों का कुल मूल्य घटा दिया जाएगा।
(2) उपधारा ( 1 ) में निर्दिष्ट राशि वसूल करने की शक्ति ऑपरेटर से वसूली के किसी अन्य तरीके पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं डालेगी।
(3) उपधारा ( 1 ) के तहत एकत्रित राशि, ऐसे संग्रहण किए जाने वाले माह की समाप्ति के दस दिनों के भीतर, संचालक द्वारा सरकार को ऐसे तरीके से भुगतान की जाएगी जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है।
(4) उपधारा ( 1 ) में निर्दिष्ट राशि एकत्र करने वाला प्रत्येक संचालक, किसी माह के दौरान अपने द्वारा की गई माल या सेवाओं या दोनों की बाहरी आपूर्ति का विवरण, जिसमें उसके द्वारा लौटाई गई माल या सेवाओं या दोनों की आपूर्ति और उपधारा ( 1 ) के अंतर्गत एकत्र की गई राशि शामिल हो, ऐसे प्रपत्र और तरीके से, जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है, ऐसे माह की समाप्ति के दस दिनों के भीतर इलेक्ट्रॉनिक रूप से विवरण प्रस्तुत करेगा।
1. बशर्ते कि आयुक्त, लिखित रूप में दर्ज किए जाने वाले कारणों से, अधिसूचना द्वारा, पंजीकृत व्यक्तियों के ऐसे वर्ग के लिए विवरण प्रस्तुत करने की समय सीमा बढ़ा सकता है, जैसा कि उसमें निर्दिष्ट किया गया हो:
इसके अलावा, राज्य कर आयुक्त या केंद्र शासित प्रदेश कर आयुक्त द्वारा अधिसूचित समय सीमा में कोई भी विस्तार आयुक्त द्वारा अधिसूचित माना जाएगा।]
(5) उपधारा ( 1 ) में निर्दिष्ट राशि एकत्र करने वाला प्रत्येक संचालक, वित्तीय वर्ष के दौरान उक्त उपधारा के अंतर्गत एकत्र की गई राशि और उसके द्वारा किए गए माल या सेवाओं या दोनों की बाहरी आपूर्ति का विवरण, जिसमें उसके द्वारा लौटाए गए माल या सेवाओं या दोनों की आपूर्ति भी शामिल है, इलेक्ट्रॉनिक रूप से वार्षिक विवरण प्रस्तुत करेगा, जो निर्धारित प्रपत्र और तरीके से वित्तीय वर्ष की समाप्ति के बाद आने वाले इकत्तीसवें दिसंबर से पहले दिया जाएगा।
1. बशर्ते कि आयुक्त, परिषद की अनुशंसाओं पर और लिखित रूप में दर्ज किए जाने वाले कारणों से, अधिसूचना द्वारा, पंजीकृत व्यक्तियों के ऐसे वर्ग के लिए वार्षिक विवरण प्रस्तुत करने की समय सीमा बढ़ा सकता है, जैसा कि उसमें निर्दिष्ट किया गया हो:
इसके अलावा, राज्य कर आयुक्त या केंद्र शासित प्रदेश कर आयुक्त द्वारा अधिसूचित समय सीमा में कोई भी विस्तार आयुक्त द्वारा अधिसूचित माना जाएगा।]
(6) यदि कोई संचालक उपधारा ( 4 ) के अधीन विवरण प्रस्तुत करने के बाद उसमें कोई चूक या गलत विवरण पाता है, जो कर अधिकारियों द्वारा जांच, लेखापरीक्षा, निरीक्षण या प्रवर्तन गतिविधि के परिणामस्वरूप न हो, तो वह उस महीने के लिए प्रस्तुत किए जाने वाले विवरण में ऐसी चूक या गलत विवरण को ठीक करेगा, जिस महीने में ऐसी चूक या गलत विवरण का पता चला है, धारा 50 की उपधारा ( 1 ) में निर्दिष्ट ब्याज के भुगतान के अधीन।
बशर्ते कि वित्तीय वर्ष की समाप्ति के बाद आने वाले 2 [तीसवें दिन नवंबर] या संबंधित वार्षिक विवरण प्रस्तुत करने की वास्तविक तिथि, जो भी पहले हो, के बाद किसी भी चूक या गलत विवरण के सुधार की अनुमति नहीं दी जाएगी।
(7) वह आपूर्तिकर्ता जिसने ऑपरेटर के माध्यम से माल या सेवाएं या दोनों की आपूर्ति की है, वह अपने इलेक्ट्रॉनिक कैश लेजर में ऑपरेटर द्वारा उप-धारा ( 4 ) के तहत प्रस्तुत किए गए विवरण में एकत्रित और दर्शाई गई राशि का क्रेडिट ऐसे तरीके से दावा करेगा जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है।
(8) उपधारा ( 4 ) के अंतर्गत प्रत्येक ऑपरेटर द्वारा दी गई आपूर्तियों का विवरण, इस अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत संबंधित आपूर्तिकर्ता द्वारा दी गई बहिर्वाह आपूर्तियों के विवरण से इस प्रकार और इस प्रकार समय के भीतर मिलाया जाएगा, जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है।
(9) जहां उपधारा ( 4 ) के तहत ऑपरेटर द्वारा दी गई बाहरी आपूर्ति का विवरण धारा 3 [धारा 37 या धारा 39] के तहत आपूर्तिकर्ता द्वारा दिए गए संबंधित विवरण से मेल नहीं खाता है, तो विसंगति दोनों व्यक्तियों को ऐसे तरीके से और ऐसे समय के भीतर सूचित की जाएगी जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है।
(10) जिस राशि के संबंध में उप-धारा ( 9 ) के तहत कोई विसंगति सूचित की जाती है और जिसे आपूर्तिकर्ता द्वारा अपने वैध रिटर्न में या ऑपरेटर द्वारा उस माह के विवरण में ठीक नहीं किया जाता है जिसमें विसंगति सूचित की जाती है, उसे उक्त आपूर्तिकर्ता की उत्पादन कर देयता में जोड़ा जाएगा, जहां ऑपरेटर द्वारा आपूर्ति की गई बाहरी आपूर्ति का मूल्य आपूर्तिकर्ता द्वारा उस माह के बाद के माह के रिटर्न में आपूर्ति की गई बाहरी आपूर्ति के मूल्य से अधिक है जिसमें विसंगति सूचित की जाती है, ऐसे तरीके से जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है।
(11) संबंधित आपूर्तिकर्ता, जिसकी उत्पादन कर देयता में उपधारा ( 10 ) के अधीन कोई राशि जोड़ी गई है, ऐसी आपूर्ति के संबंध में देय कर का भुगतान ब्याज सहित, धारा 50 की उपधारा ( 1 ) के अधीन निर्दिष्ट दर से, उस राशि पर, जिस तिथि से कर देय था, उसके भुगतान की तिथि तक करेगा।
(12) उपायुक्त से कम रैंक का कोई भी प्राधिकारी इस अधिनियम के अंतर्गत किसी भी कार्यवाही से पहले या उसके दौरान संचालक को नोटिस जारी कर उससे निम्नलिखित विवरण प्रस्तुत करने की मांग कर सकता है:
(क) किसी अवधि के दौरान ऐसे संचालक के माध्यम से की गई वस्तुओं या सेवाओं या दोनों की आपूर्ति; या
(ख) ऐसे ऑपरेटर के माध्यम से आपूर्ति करने वाले आपूर्तिकर्ताओं द्वारा ऐसे ऑपरेटर द्वारा प्रबंधित और ऐसे आपूर्तिकर्ताओं द्वारा अतिरिक्त व्यावसायिक स्थानों के रूप में घोषित गोदामों या गोदामों में रखे गए माल का भंडार, चाहे उन्हें किसी भी नाम से पुकारा जाए।
जैसा कि नोटिस में निर्दिष्ट किया जा सकता है।
(13) उपधारा ( 12 ) के अधीन जिस भी ऑपरेटर को नोटिस भेजा गया है, वह ऐसे नोटिस की तामील की तिथि से पंद्रह कार्यदिवसों के भीतर आवश्यक सूचना प्रस्तुत करेगा।
(14) कोई भी व्यक्ति जो उपधारा ( 12 ) के तहत तामील किए गए नोटिस द्वारा मांगी गई जानकारी प्रस्तुत करने में विफल रहता है, धारा 122 के तहत की जा सकने वाली किसी भी कार्रवाई पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, पच्चीस हजार रुपये तक के जुर्माने का हकदार होगा।
स्पष्टीकरण .--- इस धारा के प्रयोजनों के लिए, "संबंधित आपूर्तिकर्ता" अभिव्यक्ति का अर्थ माल या सेवाओं या दोनों का आपूर्तिकर्ता होगा जो ऑपरेटर के माध्यम से आपूर्ति करता है।
4 [(15) ऑपरेटर को उक्त विवरण प्रस्तुत करने की नियत तिथि से तीन वर्ष की अवधि समाप्त होने के बाद उप-धारा (4) के तहत विवरण प्रस्तुत करने की अनुमति नहीं दी जाएगी:
बशर्ते कि सरकार, परिषद की अनुशंसाओं पर, अधिसूचना द्वारा, उसमें निर्दिष्ट शर्तों और प्रतिबंधों के अधीन रहते हुए, किसी संचालक या संचालकों के वर्ग को उक्त विवरण प्रस्तुत करने की नियत तिथि से तीन वर्ष की उक्त अवधि की समाप्ति के बाद भी उप-धारा (4) के अंतर्गत विवरण प्रस्तुत करने की अनुमति दे सकती है।
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