CGST Act 140अध्याय XX · Transitional Provisions
धारा 140 · इनपुट टैक्स क्रेडिट के लिए संक्रमणकालीन व्यवस्थाएँ।
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
(1) धारा 10 के तहत कर का भुगतान करने का विकल्प चुनने वाले व्यक्ति के अलावा, कोई पंजीकृत व्यक्ति अपने इलेक्ट्रॉनिक क्रेडिट लेजर में, नियुक्त दिन से ठीक पहले वाले दिन समाप्त होने वाली अवधि से संबंधित रिटर्न में आगे ले जाए गए सीईएनवैट क्रेडिट 1 [पात्र शुल्कों का] की राशि, जो उसने मौजूदा कानून 2 के तहत प्रस्तुत की है, [ऐसे समय के भीतर और] ऐसे तरीके से लेने का हकदार होगा जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है:
बशर्ते कि पंजीकृत व्यक्ति को निम्नलिखित परिस्थितियों में ऋण लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी, अर्थात्:--
(i) जहां उक्त ऋण राशि इस अधिनियम के तहत इनपुट टैक्स क्रेडिट के रूप में स्वीकार्य नहीं है; या
(ii) जहां उसने नियुक्ति तिथि से ठीक पहले के छह महीनों की अवधि के लिए मौजूदा कानून के तहत आवश्यक सभी रिटर्न प्रस्तुत नहीं किए हैं; या
(iii) यहाँ उक्त ऋण राशि उन वस्तुओं से संबंधित है जिनका निर्माण और निकासी सरकार द्वारा अधिसूचित छूट अधिसूचनाओं के अंतर्गत की गई है।
(2) धारा 10 के तहत कर का भुगतान करने का विकल्प चुनने वाले व्यक्ति के अलावा, कोई पंजीकृत व्यक्ति, नियुक्त दिन 2 से ठीक पहले वाले दिन तक की अवधि के लिए, उसके द्वारा मौजूदा कानून के तहत प्रस्तुत किए गए रिटर्न में आगे न ले जाए गए पूंजीगत सामानों के संबंध में अप्रयुक्त सीईएनवीएटी क्रेडिट को अपने इलेक्ट्रॉनिक क्रेडिट लेजर में लेने का हकदार होगा, [ऐसे समय के भीतर और] ऐसे तरीके से जैसा निर्धारित किया जा सकता है:
बशर्ते कि पंजीकृत व्यक्ति को क्रेडिट लेने की अनुमति तब तक नहीं दी जाएगी जब तक कि उक्त क्रेडिट मौजूदा कानून के तहत सीईएनवीएटी क्रेडिट के रूप में स्वीकार्य न हो और इस अधिनियम के तहत इनपुट टैक्स क्रेडिट के रूप में भी स्वीकार्य न हो।
स्पष्टीकरण .--इस उपधारा के प्रयोजनों के लिए, "अनुपयोगित सीईएनवैट क्रेडिट" अभिव्यक्ति का अर्थ वह राशि है जो कर योग्य व्यक्ति द्वारा मौजूदा कानून के तहत पूंजीगत वस्तुओं के संबंध में पहले से ही प्राप्त सीईएनवैट क्रेडिट की राशि को उस कुल सीईएनवैट क्रेडिट राशि में से घटाने के बाद शेष बचती है जिसके लिए उक्त व्यक्ति मौजूदा कानून के तहत उक्त पूंजीगत वस्तुओं के संबंध में हकदार था।
(3) कोई पंजीकृत व्यक्ति, जो मौजूदा कानून के तहत पंजीकृत होने के लिए उत्तरदायी नहीं था, या जो छूट प्राप्त वस्तुओं के निर्माण या छूट प्राप्त सेवाओं के प्रावधान में लगा हुआ था, या जो कार्य अनुबंध सेवा प्रदान कर रहा था और अधिसूचना संख्या 26/2012 सेवा कर, दिनांक 20 जून, 2012 का लाभ उठा रहा था, या प्रथम चरण का डीलर या द्वितीय चरण का डीलर या पंजीकृत आयातक या किसी निर्माता का डिपो, अपने इलेक्ट्रॉनिक क्रेडिट लेजर में, निर्धारित समय और तरीके से, निर्धारित समय के भीतर, निम्नलिखित शर्तों के अधीन रहते हुए, स्टॉक में रखे गए इनपुट और अर्ध -निर्मित या तैयार माल में निहित इनपुट के संबंध में पात्र शुल्क का क्रेडिट लेने का हकदार होगा, अर्थात्:---
(i) ऐसे इनपुट या सामान इस अधिनियम के तहत कर योग्य आपूर्ति करने के लिए उपयोग किए जाते हैं या उपयोग किए जाने का इरादा रखते हैं;
(ii) उक्त पंजीकृत व्यक्ति इस अधिनियम के अंतर्गत ऐसे इनपुट पर इनपुट टैक्स क्रेडिट के लिए पात्र है;
(iii) उक्त पंजीकृत व्यक्ति के पास ऐसे इनपुट के संबंध में मौजूदा कानून के तहत शुल्क के भुगतान को प्रमाणित करने वाले चालान या अन्य निर्धारित दस्तावेज मौजूद हैं;
(iv) ऐसे चालान या अन्य निर्धारित दस्तावेज नियुक्ति तिथि से ठीक पहले के बारह महीनों से पहले जारी नहीं किए गए थे; और
(v) सेवाओं का आपूर्तिकर्ता इस अधिनियम के अंतर्गत किसी भी प्रकार की छूट के लिए पात्र नहीं होगा:
बशर्ते कि यदि कोई पंजीकृत व्यक्ति, निर्माता या सेवा आपूर्तिकर्ता के अलावा, इनपुट के संबंध में शुल्क के भुगतान को प्रमाणित करने वाला चालान या कोई अन्य दस्तावेज अपने पास नहीं रखता है, तो ऐसे पंजीकृत व्यक्ति को, निर्धारित शर्तों, सीमाओं और सुरक्षा उपायों के अधीन रहते हुए, जिसमें यह भी शामिल है कि उक्त कर योग्य व्यक्ति प्राप्तकर्ता को कम कीमतों के रूप में ऐसे क्रेडिट का लाभ प्रदान करेगा, निर्धारित दर पर और निर्धारित तरीके से क्रेडिट लेने की अनुमति दी जाएगी।
(4) कोई पंजीकृत व्यक्ति, जो केंद्रीय उत्पाद शुल्क अधिनियम, 1944 (1 ऑफ 1944) के तहत कर योग्य और छूट प्राप्त वस्तुओं के निर्माण में या वित्त अधिनियम, 1994 (32 ऑफ 1994) के अध्याय V के तहत कर योग्य और छूट प्राप्त सेवाओं के प्रावधान में लगा हुआ था, लेकिन जो इस अधिनियम के तहत कर योग्य हैं, अपने इलेक्ट्रॉनिक क्रेडिट लेजर में निम्नलिखित जानकारी दर्ज करने का हकदार होगा:
(क) उपधारा (1) के प्रावधानों के अनुसार उसके द्वारा मौजूदा कानून के तहत प्रस्तुत किए गए रिटर्न में आगे ले जाए गए सीईएनवैट क्रेडिट की राशि; और
(ख) उपधारा (3) के प्रावधानों के अनुसार, नियुक्त दिन पर स्टॉक में रखे गए इनपुट और स्टॉक में रखे गए अर्ध-निर्मित या तैयार माल में निहित इनपुट के संबंध में पात्र शुल्कों के सीईएनवीएटी क्रेडिट की राशि, ऐसे छूट प्राप्त माल या सेवाओं से संबंधित।
(5) पंजीकृत व्यक्ति अपने इलेक्ट्रॉनिक क्रेडिट लेजर में, नियुक्त दिन या उसके बाद प्राप्त इनपुट या इनपुट सेवाओं के संबंध में पात्र शुल्क और करों का क्रेडिट लेने का हकदार होगा, बशर्ते कि आपूर्तिकर्ता द्वारा [ मौजूदा कानून के तहत, निर्धारित समय और तरीके से] शुल्क या कर का भुगतान किया गया हो, बशर्ते कि चालान या कोई अन्य शुल्क या कर भुगतान दस्तावेज नियुक्त दिन से तीस दिनों की अवधि के भीतर ऐसे व्यक्ति के लेखा बही में दर्ज किया गया हो।
बशर्ते कि पर्याप्त कारण बताए जाने पर, आयुक्त द्वारा तीस दिनों की अवधि को अधिकतम तीस दिनों तक बढ़ाया जा सकता है:
इसके अलावा, उक्त पंजीकृत व्यक्ति इस उपधारा के अंतर्गत लिए गए ऋण के संबंध में, निर्धारित तरीके से, एक विवरण प्रस्तुत करेगा।
(6) पंजीकृत व्यक्ति, जो या तो निश्चित दर पर कर का भुगतान कर रहा था या मौजूदा कानून के तहत देय कर के बदले निश्चित राशि का भुगतान कर रहा था, वह अपने इलेक्ट्रॉनिक क्रेडिट लेजर में, निर्धारित समय और तरीके से, स्टॉक में रखे गए इनपुट और अर्ध-निर्मित या तैयार माल में निहित इनपुट के संबंध में पात्र शुल्क का क्रेडिट लेने का हकदार होगा, बशर्ते कि निम्नलिखित शर्तें पूरी हों:---
(i) ऐसे इनपुट या सामान इस अधिनियम के तहत कर योग्य आपूर्ति करने के लिए उपयोग किए जाते हैं या उपयोग किए जाने का इरादा रखते हैं;
(ii) उक्त पंजीकृत व्यक्ति धारा 10 के अंतर्गत कर का भुगतान नहीं कर रहा है;
(iii) उक्त पंजीकृत व्यक्ति इस अधिनियम के अंतर्गत ऐसे इनपुट पर इनपुट टैक्स क्रेडिट के लिए पात्र है;
(iv) उक्त पंजीकृत व्यक्ति के पास इनपुट के संबंध में मौजूदा कानून के तहत शुल्क के भुगतान को प्रमाणित करने वाले चालान या अन्य निर्धारित दस्तावेज मौजूद हैं; और
(v) ऐसे चालान या अन्य निर्धारित दस्तावेज नियुक्ति दिवस से ठीक पहले बारह महीने से पहले जारी नहीं किए गए थे।
(7) इस अधिनियम में किसी विपरीत प्रावधान के होते हुए भी, किसी इनपुट सेवा वितरक द्वारा नियुक्त दिन से पहले प्राप्त किसी भी सेवा के लिए इनपुट कर क्रेडिट, इस अधिनियम के अंतर्गत क्रेडिट के रूप में वितरण के लिए पात्र होगा, ऐसे समय और ऐसे तरीके से जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है, चाहे ऐसी सेवाओं से संबंधित चालान नियुक्त दिन से पहले, उस दिन या उसके बाद प्राप्त हुए हों।
(8) जहां किसी पंजीकृत व्यक्ति ने, जिसके पास मौजूदा कानून के तहत केंद्रीकृत पंजीकरण है, इस अधिनियम के तहत पंजीकरण प्राप्त कर लिया है, तो ऐसे व्यक्ति को अपने इलेक्ट्रॉनिक क्रेडिट लेजर में, उसके द्वारा मौजूदा कानून के तहत प्रस्तुत किए गए रिटर्न में, नियुक्त दिन से ठीक पहले वाले दिन तक की अवधि के लिए आगे ले जाए गए सीईएनवैट क्रेडिट की राशि को जमा करने की अनुमति दी जाएगी [ऐसे समय के भीतर और ऐसे तरीके से] जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है:
बशर्ते कि यदि पंजीकृत व्यक्ति नियुक्त दिन से ठीक पहले वाले दिन समाप्त होने वाली अवधि के लिए अपना रिटर्न नियुक्त दिन के तीन महीने के भीतर प्रस्तुत करता है, तो ऐसा क्रेडिट इस शर्त के अधीन दिया जाएगा कि उक्त रिटर्न या तो मूल रिटर्न हो या संशोधित रिटर्न हो जिसमें क्रेडिट को पहले दावा किए गए क्रेडिट से कम कर दिया गया हो।
इसके अलावा, पंजीकृत व्यक्ति को तब तक क्रेडिट लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी जब तक कि उक्त राशि इस अधिनियम के तहत इनपुट टैक्स क्रेडिट के रूप में स्वीकार्य न हो:
इसके अलावा, ऐसे ऋण को उन पंजीकृत व्यक्तियों में से किसी को भी हस्तांतरित किया जा सकता है जिनका स्थायी खाता संख्या वही हो जिसके लिए मौजूदा कानून के तहत केंद्रीकृत पंजीकरण प्राप्त किया गया था।
(9) जहां मौजूदा कानून के तहत प्रदान की गई इनपुट सेवाओं के लिए लिया गया कोई सीईएनवैट क्रेडिट तीन महीने की अवधि के भीतर प्रतिफल का भुगतान न होने के कारण उलट दिया गया है, तो ऐसे क्रेडिट को निर्धारित समय और तरीके से वापस लिया जा सकता है, बशर्ते कि पंजीकृत व्यक्ति ने नियुक्त दिन से तीन महीने की अवधि के भीतर सेवाओं की उस आपूर्ति के लिए प्रतिफल का भुगतान कर दिया हो।
(10) उपधारा (3), (4) और (6) के अधीन ऋण की राशि की गणना ऐसे तरीके से की जाएगी जैसा कि निर्धारित किया जा सके।
स्पष्टीकरण 1.-- 9 [उपधारा (1), (3), (4)] और (6) के प्रयोजनों के लिए, "पात्र शुल्क" अभिव्यक्ति का अर्थ है--
(i) अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (विशेष महत्व की वस्तुएं) अधिनियम, 1957 (1957 का 58) की धारा 3 के तहत लगाया जाने वाला अतिरिक्त उत्पाद शुल्क;
(ii) सीमा शुल्क शुल्क अधिनियम, 1975 (51 ऑफ 1975) की धारा 3 की उपधारा (1) के तहत लगाया जाने वाला अतिरिक्त शुल्क;
(iii) सीमा शुल्क शुल्क अधिनियम, 1975 (51 ऑफ 1975) की धारा 3 की उपधारा (5) के तहत लगाया जाने वाला अतिरिक्त शुल्क;
10 * * * * *
(v) केंद्रीय उत्पाद शुल्क टैरिफ अधिनियम, 1985 (1986 का 5) की प्रथम अनुसूची में निर्दिष्ट उत्पाद शुल्क;
(vi) केंद्रीय उत्पाद शुल्क टैरिफ अधिनियम, 1985 (1986 का 5) की दूसरी अनुसूची में निर्दिष्ट उत्पाद शुल्क; और
(vii) वित्त अधिनियम, 2001 (14 ऑफ 2001) की धारा 136 के तहत लगाया जाने वाला राष्ट्रीय आपदा आकस्मिक शुल्क,
निर्धारित दिन पर स्टॉक में रखे गए इनपुट और स्टॉक में रखे गए अर्ध-निर्मित या तैयार माल में निहित इनपुट के संबंध में।
स्पष्टीकरण 2.--- धारा 11 [उपधारा (1) और (5)] के प्रयोजनों के लिए, "पात्र शुल्क और कर" अभिव्यक्ति का अर्थ है---
(i) अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (विशेष महत्व की वस्तुएं) अधिनियम, 1957 (1957 का 58) की धारा 3 के तहत लगाया जाने वाला अतिरिक्त उत्पाद शुल्क;
(ii) सीमा शुल्क शुल्क अधिनियम, 1975 (51 ऑफ 1975) की धारा 3 की उपधारा (1) के तहत लगाया जाने वाला अतिरिक्त शुल्क;
(iii) सीमा शुल्क शुल्क अधिनियम, 1975 (51 ऑफ 1975) की धारा 3 की उपधारा (5) के तहत लगाया जाने वाला अतिरिक्त शुल्क;
12 * * * * *
(iv) अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (वस्त्र और वस्त्र वस्तुएँ) अधिनियम, 1978 (40 ऑफ 1978) की धारा 3 के तहत लगाया जाने वाला अतिरिक्त उत्पाद शुल्क;
(v) केंद्रीय उत्पाद शुल्क टैरिफ अधिनियम, 1985 (1986 का 5) की प्रथम अनुसूची में निर्दिष्ट उत्पाद शुल्क;
(vi) केंद्रीय उत्पाद शुल्क टैरिफ अधिनियम, 1985 (1986 का 5) की दूसरी अनुसूची में निर्दिष्ट उत्पाद शुल्क;
(vii) वित्त अधिनियम, 2001 (14 ऑफ 2001) की धारा 136 के तहत लगाया जाने वाला राष्ट्रीय आपदा आकस्मिक शुल्क; और
(viii) वित्त अधिनियम, 1994 (32 ऑफ 1994) की धारा 66बी के तहत नियुक्ति दिवस को या उसके बाद प्राप्त इनपुट और इनपुट सेवाओं के संबंध में देय सेवा कर।
13 [ स्पष्टीकरण 3.-- संदेह दूर करने के लिए, यह स्पष्ट किया जाता है कि "पात्र शुल्क एवं कर" अभिव्यक्ति में कोई भी उपकर शामिल नहीं है जिसे स्पष्टीकरण 1 या स्पष्टीकरण 2 में निर्दिष्ट नहीं किया गया है और कोई भी उपकर जो सीमा शुल्क टैरिफ अधिनियम, 1975 (1975 का 51) की धारा 3 की उपधारा (1) के तहत सीमा शुल्क के अतिरिक्त शुल्क के रूप में एकत्र किया जाता है।]
बशर्ते कि पंजीकृत व्यक्ति को निम्नलिखित परिस्थितियों में ऋण लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी, अर्थात्:--
(i) जहां उक्त ऋण राशि इस अधिनियम के तहत इनपुट टैक्स क्रेडिट के रूप में स्वीकार्य नहीं है; या
(ii) जहां उसने नियुक्ति तिथि से ठीक पहले के छह महीनों की अवधि के लिए मौजूदा कानून के तहत आवश्यक सभी रिटर्न प्रस्तुत नहीं किए हैं; या
(iii) यहाँ उक्त ऋण राशि उन वस्तुओं से संबंधित है जिनका निर्माण और निकासी सरकार द्वारा अधिसूचित छूट अधिसूचनाओं के अंतर्गत की गई है।
(2) धारा 10 के तहत कर का भुगतान करने का विकल्प चुनने वाले व्यक्ति के अलावा, कोई पंजीकृत व्यक्ति, नियुक्त दिन 2 से ठीक पहले वाले दिन तक की अवधि के लिए, उसके द्वारा मौजूदा कानून के तहत प्रस्तुत किए गए रिटर्न में आगे न ले जाए गए पूंजीगत सामानों के संबंध में अप्रयुक्त सीईएनवीएटी क्रेडिट को अपने इलेक्ट्रॉनिक क्रेडिट लेजर में लेने का हकदार होगा, [ऐसे समय के भीतर और] ऐसे तरीके से जैसा निर्धारित किया जा सकता है:
बशर्ते कि पंजीकृत व्यक्ति को क्रेडिट लेने की अनुमति तब तक नहीं दी जाएगी जब तक कि उक्त क्रेडिट मौजूदा कानून के तहत सीईएनवीएटी क्रेडिट के रूप में स्वीकार्य न हो और इस अधिनियम के तहत इनपुट टैक्स क्रेडिट के रूप में भी स्वीकार्य न हो।
स्पष्टीकरण .--इस उपधारा के प्रयोजनों के लिए, "अनुपयोगित सीईएनवैट क्रेडिट" अभिव्यक्ति का अर्थ वह राशि है जो कर योग्य व्यक्ति द्वारा मौजूदा कानून के तहत पूंजीगत वस्तुओं के संबंध में पहले से ही प्राप्त सीईएनवैट क्रेडिट की राशि को उस कुल सीईएनवैट क्रेडिट राशि में से घटाने के बाद शेष बचती है जिसके लिए उक्त व्यक्ति मौजूदा कानून के तहत उक्त पूंजीगत वस्तुओं के संबंध में हकदार था।
(3) कोई पंजीकृत व्यक्ति, जो मौजूदा कानून के तहत पंजीकृत होने के लिए उत्तरदायी नहीं था, या जो छूट प्राप्त वस्तुओं के निर्माण या छूट प्राप्त सेवाओं के प्रावधान में लगा हुआ था, या जो कार्य अनुबंध सेवा प्रदान कर रहा था और अधिसूचना संख्या 26/2012 सेवा कर, दिनांक 20 जून, 2012 का लाभ उठा रहा था, या प्रथम चरण का डीलर या द्वितीय चरण का डीलर या पंजीकृत आयातक या किसी निर्माता का डिपो, अपने इलेक्ट्रॉनिक क्रेडिट लेजर में, निर्धारित समय और तरीके से, निर्धारित समय के भीतर, निम्नलिखित शर्तों के अधीन रहते हुए, स्टॉक में रखे गए इनपुट और अर्ध -निर्मित या तैयार माल में निहित इनपुट के संबंध में पात्र शुल्क का क्रेडिट लेने का हकदार होगा, अर्थात्:---
(i) ऐसे इनपुट या सामान इस अधिनियम के तहत कर योग्य आपूर्ति करने के लिए उपयोग किए जाते हैं या उपयोग किए जाने का इरादा रखते हैं;
(ii) उक्त पंजीकृत व्यक्ति इस अधिनियम के अंतर्गत ऐसे इनपुट पर इनपुट टैक्स क्रेडिट के लिए पात्र है;
(iii) उक्त पंजीकृत व्यक्ति के पास ऐसे इनपुट के संबंध में मौजूदा कानून के तहत शुल्क के भुगतान को प्रमाणित करने वाले चालान या अन्य निर्धारित दस्तावेज मौजूद हैं;
(iv) ऐसे चालान या अन्य निर्धारित दस्तावेज नियुक्ति तिथि से ठीक पहले के बारह महीनों से पहले जारी नहीं किए गए थे; और
(v) सेवाओं का आपूर्तिकर्ता इस अधिनियम के अंतर्गत किसी भी प्रकार की छूट के लिए पात्र नहीं होगा:
बशर्ते कि यदि कोई पंजीकृत व्यक्ति, निर्माता या सेवा आपूर्तिकर्ता के अलावा, इनपुट के संबंध में शुल्क के भुगतान को प्रमाणित करने वाला चालान या कोई अन्य दस्तावेज अपने पास नहीं रखता है, तो ऐसे पंजीकृत व्यक्ति को, निर्धारित शर्तों, सीमाओं और सुरक्षा उपायों के अधीन रहते हुए, जिसमें यह भी शामिल है कि उक्त कर योग्य व्यक्ति प्राप्तकर्ता को कम कीमतों के रूप में ऐसे क्रेडिट का लाभ प्रदान करेगा, निर्धारित दर पर और निर्धारित तरीके से क्रेडिट लेने की अनुमति दी जाएगी।
(4) कोई पंजीकृत व्यक्ति, जो केंद्रीय उत्पाद शुल्क अधिनियम, 1944 (1 ऑफ 1944) के तहत कर योग्य और छूट प्राप्त वस्तुओं के निर्माण में या वित्त अधिनियम, 1994 (32 ऑफ 1994) के अध्याय V के तहत कर योग्य और छूट प्राप्त सेवाओं के प्रावधान में लगा हुआ था, लेकिन जो इस अधिनियम के तहत कर योग्य हैं, अपने इलेक्ट्रॉनिक क्रेडिट लेजर में निम्नलिखित जानकारी दर्ज करने का हकदार होगा:
(क) उपधारा (1) के प्रावधानों के अनुसार उसके द्वारा मौजूदा कानून के तहत प्रस्तुत किए गए रिटर्न में आगे ले जाए गए सीईएनवैट क्रेडिट की राशि; और
(ख) उपधारा (3) के प्रावधानों के अनुसार, नियुक्त दिन पर स्टॉक में रखे गए इनपुट और स्टॉक में रखे गए अर्ध-निर्मित या तैयार माल में निहित इनपुट के संबंध में पात्र शुल्कों के सीईएनवीएटी क्रेडिट की राशि, ऐसे छूट प्राप्त माल या सेवाओं से संबंधित।
(5) पंजीकृत व्यक्ति अपने इलेक्ट्रॉनिक क्रेडिट लेजर में, नियुक्त दिन या उसके बाद प्राप्त इनपुट या इनपुट सेवाओं के संबंध में पात्र शुल्क और करों का क्रेडिट लेने का हकदार होगा, बशर्ते कि आपूर्तिकर्ता द्वारा [ मौजूदा कानून के तहत, निर्धारित समय और तरीके से] शुल्क या कर का भुगतान किया गया हो, बशर्ते कि चालान या कोई अन्य शुल्क या कर भुगतान दस्तावेज नियुक्त दिन से तीस दिनों की अवधि के भीतर ऐसे व्यक्ति के लेखा बही में दर्ज किया गया हो।
बशर्ते कि पर्याप्त कारण बताए जाने पर, आयुक्त द्वारा तीस दिनों की अवधि को अधिकतम तीस दिनों तक बढ़ाया जा सकता है:
इसके अलावा, उक्त पंजीकृत व्यक्ति इस उपधारा के अंतर्गत लिए गए ऋण के संबंध में, निर्धारित तरीके से, एक विवरण प्रस्तुत करेगा।
(6) पंजीकृत व्यक्ति, जो या तो निश्चित दर पर कर का भुगतान कर रहा था या मौजूदा कानून के तहत देय कर के बदले निश्चित राशि का भुगतान कर रहा था, वह अपने इलेक्ट्रॉनिक क्रेडिट लेजर में, निर्धारित समय और तरीके से, स्टॉक में रखे गए इनपुट और अर्ध-निर्मित या तैयार माल में निहित इनपुट के संबंध में पात्र शुल्क का क्रेडिट लेने का हकदार होगा, बशर्ते कि निम्नलिखित शर्तें पूरी हों:---
(i) ऐसे इनपुट या सामान इस अधिनियम के तहत कर योग्य आपूर्ति करने के लिए उपयोग किए जाते हैं या उपयोग किए जाने का इरादा रखते हैं;
(ii) उक्त पंजीकृत व्यक्ति धारा 10 के अंतर्गत कर का भुगतान नहीं कर रहा है;
(iii) उक्त पंजीकृत व्यक्ति इस अधिनियम के अंतर्गत ऐसे इनपुट पर इनपुट टैक्स क्रेडिट के लिए पात्र है;
(iv) उक्त पंजीकृत व्यक्ति के पास इनपुट के संबंध में मौजूदा कानून के तहत शुल्क के भुगतान को प्रमाणित करने वाले चालान या अन्य निर्धारित दस्तावेज मौजूद हैं; और
(v) ऐसे चालान या अन्य निर्धारित दस्तावेज नियुक्ति दिवस से ठीक पहले बारह महीने से पहले जारी नहीं किए गए थे।
(7) इस अधिनियम में किसी विपरीत प्रावधान के होते हुए भी, किसी इनपुट सेवा वितरक द्वारा नियुक्त दिन से पहले प्राप्त किसी भी सेवा के लिए इनपुट कर क्रेडिट, इस अधिनियम के अंतर्गत क्रेडिट के रूप में वितरण के लिए पात्र होगा, ऐसे समय और ऐसे तरीके से जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है, चाहे ऐसी सेवाओं से संबंधित चालान नियुक्त दिन से पहले, उस दिन या उसके बाद प्राप्त हुए हों।
(8) जहां किसी पंजीकृत व्यक्ति ने, जिसके पास मौजूदा कानून के तहत केंद्रीकृत पंजीकरण है, इस अधिनियम के तहत पंजीकरण प्राप्त कर लिया है, तो ऐसे व्यक्ति को अपने इलेक्ट्रॉनिक क्रेडिट लेजर में, उसके द्वारा मौजूदा कानून के तहत प्रस्तुत किए गए रिटर्न में, नियुक्त दिन से ठीक पहले वाले दिन तक की अवधि के लिए आगे ले जाए गए सीईएनवैट क्रेडिट की राशि को जमा करने की अनुमति दी जाएगी [ऐसे समय के भीतर और ऐसे तरीके से] जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है:
बशर्ते कि यदि पंजीकृत व्यक्ति नियुक्त दिन से ठीक पहले वाले दिन समाप्त होने वाली अवधि के लिए अपना रिटर्न नियुक्त दिन के तीन महीने के भीतर प्रस्तुत करता है, तो ऐसा क्रेडिट इस शर्त के अधीन दिया जाएगा कि उक्त रिटर्न या तो मूल रिटर्न हो या संशोधित रिटर्न हो जिसमें क्रेडिट को पहले दावा किए गए क्रेडिट से कम कर दिया गया हो।
इसके अलावा, पंजीकृत व्यक्ति को तब तक क्रेडिट लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी जब तक कि उक्त राशि इस अधिनियम के तहत इनपुट टैक्स क्रेडिट के रूप में स्वीकार्य न हो:
इसके अलावा, ऐसे ऋण को उन पंजीकृत व्यक्तियों में से किसी को भी हस्तांतरित किया जा सकता है जिनका स्थायी खाता संख्या वही हो जिसके लिए मौजूदा कानून के तहत केंद्रीकृत पंजीकरण प्राप्त किया गया था।
(9) जहां मौजूदा कानून के तहत प्रदान की गई इनपुट सेवाओं के लिए लिया गया कोई सीईएनवैट क्रेडिट तीन महीने की अवधि के भीतर प्रतिफल का भुगतान न होने के कारण उलट दिया गया है, तो ऐसे क्रेडिट को निर्धारित समय और तरीके से वापस लिया जा सकता है, बशर्ते कि पंजीकृत व्यक्ति ने नियुक्त दिन से तीन महीने की अवधि के भीतर सेवाओं की उस आपूर्ति के लिए प्रतिफल का भुगतान कर दिया हो।
(10) उपधारा (3), (4) और (6) के अधीन ऋण की राशि की गणना ऐसे तरीके से की जाएगी जैसा कि निर्धारित किया जा सके।
स्पष्टीकरण 1.-- 9 [उपधारा (1), (3), (4)] और (6) के प्रयोजनों के लिए, "पात्र शुल्क" अभिव्यक्ति का अर्थ है--
(i) अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (विशेष महत्व की वस्तुएं) अधिनियम, 1957 (1957 का 58) की धारा 3 के तहत लगाया जाने वाला अतिरिक्त उत्पाद शुल्क;
(ii) सीमा शुल्क शुल्क अधिनियम, 1975 (51 ऑफ 1975) की धारा 3 की उपधारा (1) के तहत लगाया जाने वाला अतिरिक्त शुल्क;
(iii) सीमा शुल्क शुल्क अधिनियम, 1975 (51 ऑफ 1975) की धारा 3 की उपधारा (5) के तहत लगाया जाने वाला अतिरिक्त शुल्क;
10 * * * * *
(v) केंद्रीय उत्पाद शुल्क टैरिफ अधिनियम, 1985 (1986 का 5) की प्रथम अनुसूची में निर्दिष्ट उत्पाद शुल्क;
(vi) केंद्रीय उत्पाद शुल्क टैरिफ अधिनियम, 1985 (1986 का 5) की दूसरी अनुसूची में निर्दिष्ट उत्पाद शुल्क; और
(vii) वित्त अधिनियम, 2001 (14 ऑफ 2001) की धारा 136 के तहत लगाया जाने वाला राष्ट्रीय आपदा आकस्मिक शुल्क,
निर्धारित दिन पर स्टॉक में रखे गए इनपुट और स्टॉक में रखे गए अर्ध-निर्मित या तैयार माल में निहित इनपुट के संबंध में।
स्पष्टीकरण 2.--- धारा 11 [उपधारा (1) और (5)] के प्रयोजनों के लिए, "पात्र शुल्क और कर" अभिव्यक्ति का अर्थ है---
(i) अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (विशेष महत्व की वस्तुएं) अधिनियम, 1957 (1957 का 58) की धारा 3 के तहत लगाया जाने वाला अतिरिक्त उत्पाद शुल्क;
(ii) सीमा शुल्क शुल्क अधिनियम, 1975 (51 ऑफ 1975) की धारा 3 की उपधारा (1) के तहत लगाया जाने वाला अतिरिक्त शुल्क;
(iii) सीमा शुल्क शुल्क अधिनियम, 1975 (51 ऑफ 1975) की धारा 3 की उपधारा (5) के तहत लगाया जाने वाला अतिरिक्त शुल्क;
12 * * * * *
(iv) अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (वस्त्र और वस्त्र वस्तुएँ) अधिनियम, 1978 (40 ऑफ 1978) की धारा 3 के तहत लगाया जाने वाला अतिरिक्त उत्पाद शुल्क;
(v) केंद्रीय उत्पाद शुल्क टैरिफ अधिनियम, 1985 (1986 का 5) की प्रथम अनुसूची में निर्दिष्ट उत्पाद शुल्क;
(vi) केंद्रीय उत्पाद शुल्क टैरिफ अधिनियम, 1985 (1986 का 5) की दूसरी अनुसूची में निर्दिष्ट उत्पाद शुल्क;
(vii) वित्त अधिनियम, 2001 (14 ऑफ 2001) की धारा 136 के तहत लगाया जाने वाला राष्ट्रीय आपदा आकस्मिक शुल्क; और
(viii) वित्त अधिनियम, 1994 (32 ऑफ 1994) की धारा 66बी के तहत नियुक्ति दिवस को या उसके बाद प्राप्त इनपुट और इनपुट सेवाओं के संबंध में देय सेवा कर।
13 [ स्पष्टीकरण 3.-- संदेह दूर करने के लिए, यह स्पष्ट किया जाता है कि "पात्र शुल्क एवं कर" अभिव्यक्ति में कोई भी उपकर शामिल नहीं है जिसे स्पष्टीकरण 1 या स्पष्टीकरण 2 में निर्दिष्ट नहीं किया गया है और कोई भी उपकर जो सीमा शुल्क टैरिफ अधिनियम, 1975 (1975 का 51) की धारा 3 की उपधारा (1) के तहत सीमा शुल्क के अतिरिक्त शुल्क के रूप में एकत्र किया जाता है।]
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