धारा 29 · धारा 29. वे दंडादेश जो मजिस्ट्रेट दे सकते हैं
अक्षर आकार — स्तर 1, कुल 4 में से
29. वे दंडादेश जो मजिस्ट्रेट दे सकते हैं
(1) मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट का न्यायालय, मृत्यु या आजीवन कारावास या सात वर्ष से अधिक की अवधि के कारावास के दंडादेश के सिवाय, विधि द्वारा प्राधिकृत कोई दंडादेश दे सकता है।
(2) प्रथम वर्ग के मजिस्ट्रेट का न्यायालय तीन वर्ष से अनधिक की अवधि के कारावास का, या दस हजार रुपए से अनधिक के जुर्माने का, या दोनों का दंडादेश दे सकता है।
(3) द्वितीय वर्ग के मजिस्ट्रेट का न्यायालय एक वर्ष से अनधिक की अवधि के कारावास का, या पांच हजार रुपए से अनधिक के जुर्माने का, या दोनों का दंडादेश दे सकता है।
(4) मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट के न्यायालय को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय की शक्तियां होंगी और महानगर मजिस्ट्रेट के न्यायालय को प्रथम वर्ग के मजिस्ट्रेट के न्यायालय की शक्तियां होंगी।
राज्य संशोधन
महाराष्ट्र:
महाराष्ट्र राज्य को इसके लागू होने में, धारा 29 में—
(क) उपधारा (2) में, "दस हजार रुपए" शब्दों के स्थान पर "पचास हजार रुपए" शब्द रखे जाएंगे;
(ख) उपधारा (3) में, "पांच हजार रुपए" शब्दों के स्थान पर "दस हजार रुपए" शब्द रखे जाएंगे।
[महाराष्ट्र अधिनियम 2007 का 27, धारा 2 द्वारा (1-12-2007 से प्रभावी)]
पंजाब:
धारा 29 के पश्चात् निम्नलिखित धारा अंतःस्थापित की जाएगी, अर्थात्:—
"29क. वे दंडादेश जो कार्यपालक मजिस्ट्रेट दे सकता है—कार्यपालक मजिस्ट्रेट तीन वर्ष से अनधिक की अवधि के कारावास का, या पांच हजार रुपए से अनधिक के जुर्माने का, या दोनों का दंडादेश दे सकता है।"
[पंजाब अधिनियम 1993 का 22 द्वारा (27-6-1993 से प्रभावी)]
(1) मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट का न्यायालय, मृत्यु या आजीवन कारावास या सात वर्ष से अधिक की अवधि के कारावास के दंडादेश के सिवाय, विधि द्वारा प्राधिकृत कोई दंडादेश दे सकता है।
(2) प्रथम वर्ग के मजिस्ट्रेट का न्यायालय तीन वर्ष से अनधिक की अवधि के कारावास का, या दस हजार रुपए से अनधिक के जुर्माने का, या दोनों का दंडादेश दे सकता है।
(3) द्वितीय वर्ग के मजिस्ट्रेट का न्यायालय एक वर्ष से अनधिक की अवधि के कारावास का, या पांच हजार रुपए से अनधिक के जुर्माने का, या दोनों का दंडादेश दे सकता है।
(4) मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट के न्यायालय को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय की शक्तियां होंगी और महानगर मजिस्ट्रेट के न्यायालय को प्रथम वर्ग के मजिस्ट्रेट के न्यायालय की शक्तियां होंगी।
राज्य संशोधन
महाराष्ट्र:
महाराष्ट्र राज्य को इसके लागू होने में, धारा 29 में—
(क) उपधारा (2) में, "दस हजार रुपए" शब्दों के स्थान पर "पचास हजार रुपए" शब्द रखे जाएंगे;
(ख) उपधारा (3) में, "पांच हजार रुपए" शब्दों के स्थान पर "दस हजार रुपए" शब्द रखे जाएंगे।
[महाराष्ट्र अधिनियम 2007 का 27, धारा 2 द्वारा (1-12-2007 से प्रभावी)]
पंजाब:
धारा 29 के पश्चात् निम्नलिखित धारा अंतःस्थापित की जाएगी, अर्थात्:—
"29क. वे दंडादेश जो कार्यपालक मजिस्ट्रेट दे सकता है—कार्यपालक मजिस्ट्रेट तीन वर्ष से अनधिक की अवधि के कारावास का, या पांच हजार रुपए से अनधिक के जुर्माने का, या दोनों का दंडादेश दे सकता है।"
[पंजाब अधिनियम 1993 का 22 द्वारा (27-6-1993 से प्रभावी)]
नए कानून में
CrPC 29BNSS 23
23. Sentences which Magistrates may pass.
दोनों पाठों की तुलना करें →इस धारा पर आपका निजी नोट
यह नोट सिर्फ़ आप देख सकते हैं।

